Pappu Yadav Case: पप्पू यादव के खिलाफ प्रयागराज में मुकदमा दर्ज, BJP नेता की शिकायत पर कोर्ट का आदेश

निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के खिलाफ प्रयागराज में आपराधिक मुकदमा दर्ज किया गया है। BJP नेता सुशील कुमार मिश्रा की शिकायत पर कोर्ट के आदेश के बाद BNS की गंभीर धाराओं में केस दर्ज हुआ। आरोप है कि संसद परिसर में साधु वेश में किए गए प्रदर्शन से धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। मामले में 11 अगस्त को पेशी होगी।

Pappu Yadav Case

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अगस्त 4, 2026

Pappu Yadav Case: निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधि विभाग से जुड़े नेता और अधिवक्ता सुशील कुमार मिश्रा की शिकायत के आधार पर की गई है। प्रयागराज की अदालत के आदेश के बाद सांसद पप्पू यादव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज हुआ है। अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए पप्पू यादव को आगामी 11 अगस्त 2026 को पेश होने का आदेश भी जारी किया है।

ACJM कोर्ट के निर्देश पर पप्पू यादव के खिलाफ FIR

मामले में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) कक्ष संख्या-10 योगेश जैन की अदालत ने आपराधिक मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। इसके बाद प्रयागराज में पप्पू यादव के खिलाफ BNS की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया। मामले में BNS की धारा 318(4), 338, 196, 298, 299 और 356 के तहत कार्रवाई की गई है। शिकायतकर्ता की ओर से आरोप लगाया गया है कि सांसद के प्रदर्शन से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची और समाज में गलत संदेश गया।

साधु-संतों के वेश में प्रदर्शन को लेकर विवाद

यह मामला उस प्रदर्शन से जुड़ा है, जिसमें सांसद पप्पू यादव ने संसद परिसर के बाहर साधु-संतों जैसी वेशभूषा धारण कर विरोध प्रदर्शन किया था। आरोप है कि उन्होंने मंदिरों में चढ़ावे और दान से जुड़े मुद्दे को लेकर प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया था।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस प्रदर्शन में साधु-संतों और धार्मिक परंपराओं को लेकर आपत्तिजनक प्रस्तुति की गई, जिससे सनातन धर्म और हिंदू समाज की भावनाएं आहत हुईं।हालांकि, पप्पू यादव की ओर से इस मामले पर उनका पक्ष सामने आना बाकी है। वहीं, यह विवाद अब कानूनी लड़ाई में बदल गया है।

सुशील कुमार मिश्रा ने लगाए गंभीर आरोप

मुकदमा दर्ज कराने वाले अधिवक्ता और BJP विधि विभाग के प्रदेश सह संयोजक सुशील कुमार मिश्रा ने आरोप लगाया कि पप्पू यादव ने अपने प्रदर्शन के जरिए धार्मिक भावनाओं को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया। शिकायत में आरोप लगाया गया कि अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी घटना को लेकर पप्पू यादव ने संसद परिसर में ऐसा प्रदर्शन किया, जिससे साधु-संतों और पुजारियों की छवि खराब हुई।सुशील कुमार मिश्रा ने अपनी शिकायत में कहा कि प्रदर्शन के दौरान इस्तेमाल किए गए प्रतीकों और वेशभूषा से समाज में भ्रम और आक्रोश पैदा करने का प्रयास किया गया।

धार्मिक भावनाएं भड़काने और गलत प्रस्तुति का आरोप

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि पप्पू यादव ने जानबूझकर साधु-संतों की वेशभूषा अपनाकर ऐसा प्रदर्शन किया, जिससे हिंदू धर्म से जुड़े लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंची।आरोप में कहा गया कि इस तरह का प्रदर्शन समाज में धार्मिक तनाव पैदा कर सकता है और इसे गंभीर अपराध की श्रेणी में देखा जाना चाहिए। शिकायतकर्ता ने अदालत से मांग की थी कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सांसद के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

कानून और राजनीति के बीच बढ़ा विवाद

पप्पू यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद बिहार और राष्ट्रीय राजनीति में भी इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू होने की संभावना है।यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब संसद और राजनीतिक मंचों पर धार्मिक मुद्दों को लेकर बहस लगातार जारी है। अब सभी की नजर 11 अगस्त को होने वाली अदालत की कार्यवाही पर है, जहां सांसद पप्पू यादव को पेश होने का आदेश दिया गया है।

आगे की कानूनी प्रक्रिया पर रहेगी नजर

फिलहाल प्रयागराज कोर्ट के आदेश के बाद दर्ज हुए इस मुकदमे में आगे की कार्रवाई जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगी। पप्पू यादव के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि अदालत में होने वाली सुनवाई और जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।इस मामले ने एक बार फिर राजनीतिक विरोध प्रदर्शन, धार्मिक भावनाओं और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर नई बहस को जन्म दे दिया है।