Pakistan News: खदान हादसे में गई 32 मजदूरों की जान, 4,000 फीट नीचे चल रहा था काम

पाकिस्तान के बलूचिस्तान में हुई कोयला खदान दुर्घटना ने पूरे इलाके को हिला दिया है। 4,000 फीट गहराई में हुए मीथेन गैस विस्फोट के बाद 32 मजदूरों की मौत हो गई। आखिर खदान के अंदर ऐसा क्या हुआ और बचाव अभियान में कौन सी बड़ी चुनौतियां सामने आईं, जानिए पूरी रिपोर्ट।

खदान हादसे में गई 32 मजदूरों की जान

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

अगस्त 1, 2026

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Pakistan News: पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में कोयला खदानों में हुए भीषण हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। क्वेटा के पास स्थित सोरांगे कोयला क्षेत्र में मीथेन गैस के विस्फोट के बाद आग लग गई और खदान का बड़ा हिस्सा ढह गया। इस दर्दनाक घटना में अब तक 32 मजदूरों के शव बरामद किए जा चुके हैं। हादसे के बाद राहत और बचाव दल लगातार खदान के अंदर फंसे लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं। हालांकि, खदान के भीतर फैली जहरीली गैस और आग की वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन काफी मुश्किल बना हुआ है। अभी भी दो खनिक लापता बताए जा रहे हैं।

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मीथेन गैस विस्फोट ने मचाई तबाही

जानकारी के मुताबिक, यह हादसा गुरुवार को क्वेटा से करीब 30 किलोमीटर दूर सोरांगे कोयला क्षेत्र की एक निजी खदान में हुआ। खदान के अंदर अचानक मीथेन गैस का जोरदार विस्फोट हुआ, जिसके बाद भीषण आग फैल गई। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि खदान के कई हिस्से टूटकर गिर गए। इस घटना का असर पास में मौजूद दूसरी कोयला खदान पर भी पड़ा, जहां काम कर रहे कई मजदूर इसकी चपेट में आ गए।

34 मजदूर थे खदान के अंदर, 32 शव मिले

बलूचिस्तान के मुख्य खान निरीक्षक मोहम्मद आतिफ के अनुसार, हादसे के समय दोनों खदानों में कुल 34 मजदूर काम कर रहे थे। राहत टीमों ने अब तक 32 मजदूरों के शव बाहर निकाल लिए हैं। जिस खदान में मुख्य विस्फोट हुआ था, वहां अभी भी दो मजदूरों का कोई पता नहीं चल पाया है। बचाव दल लगातार उन्हें खोजने का प्रयास कर रहा है।

4,000 फीट की गहराई में चल रहा था काम

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हादसे के समय पहली खदान में करीब 24 मजदूर लगभग 4,000 फीट नीचे काम कर रहे थे। अचानक हुए विस्फोट के बाद अंदर आग फैल गई और कई सुरंगें क्षतिग्रस्त हो गईं। धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के कई इलाकों तक इसकी गूंज सुनाई दी। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और बचाव एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं।

दूसरी खदान भी हुई प्रभावित

गैस विस्फोट की तीव्रता का असर आसपास की दूसरी खदान पर भी पड़ा। दूसरी खदान में उस समय करीब 12 मजदूर काम कर रहे थे। हादसे के बाद दोनों स्थानों पर एक साथ बचाव अभियान शुरू किया गया। खनन विशेषज्ञों और इंजीनियरों की मदद से खदान के अंदर पहुंचने के लिए वैकल्पिक रास्ते बनाए जा रहे हैं, ताकि फंसे मजदूरों तक पहुंचा जा सके।

गैस और आग के कारण रेस्क्यू में बड़ी चुनौती

बचाव अभियान के दौरान सबसे बड़ी समस्या खदान के भीतर मौजूद मीथेन गैस और लगातार बनी हुई आग है। जहरीली गैस के कारण राहतकर्मियों को बेहद सावधानी के साथ काम करना पड़ रहा है। प्रशासन और बचाव दल लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और सुरक्षित तरीके से सभी मजदूरों को बाहर निकालने की कोशिश कर रहे हैं।

पाकिस्तान में पहले भी हो चुके हैं खदान हादसे

पाकिस्तान में कोयला खदानों में हादसे कोई नई बात नहीं हैं। पिछले कुछ महीनों में भी कई दुर्घटनाएं सामने आ चुकी हैं। जून में क्वेटा डिवीजन के खानोजाई इलाके में खनन से जुड़ी विस्फोटक सामग्री फटने से तीन लोग घायल हुए थे। वहीं, अप्रैल में बोलान जिले की एक कोयला खदान दुर्घटना में तीन खनिकों की मौत हो गई थी। लगातार हो रहे इन हादसों ने पाकिस्तान में खदानों की सुरक्षा व्यवस्था और मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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