ऑनलाइन सट्टे की लत ने पहुंचाया जेल: IIT ग्रेजुएट समेत तीन गिरफ्तार

गुरुग्राम विदेश में बैठे साइबर सिंडिकेट के लोग भारत के पढ़े लिखे युवाओं को अपने साथ शामिल कर उन्हें भी गुनाह के रास्ते पर चला रहे हैं। गुरुग्राम साइबर पुलिस ने ठगी के एक मामले की जांच करते हुए अब एक आईआईटीयन समेत तीन युवाओं को गिरफ्तार किया है। आईआईटीयन आरोपित अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर विदेश में बैठे सिंडिकेट के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने और उनका संचालन करने में शामिल थे। तीन लाख 13 हजार रुपये की ठगी  एसीपी साइबर क्राइम प्रियांशु दीवान ने बताया कि एक जनवरी को एक व्यक्ति ने साइबर थाना पश्चिम में

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Published On :

फ़रवरी 28, 2026

गुरुग्राम

विदेश में बैठे साइबर सिंडिकेट के लोग भारत के पढ़े लिखे युवाओं को अपने साथ शामिल कर उन्हें भी गुनाह के रास्ते पर चला रहे हैं। गुरुग्राम साइबर पुलिस ने ठगी के एक मामले की जांच करते हुए अब एक आईआईटीयन समेत तीन युवाओं को गिरफ्तार किया है। आईआईटीयन आरोपित अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर विदेश में बैठे सिंडिकेट के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने और उनका संचालन करने में शामिल थे।
तीन लाख 13 हजार रुपये की ठगी 

एसीपी साइबर क्राइम प्रियांशु दीवान ने बताया कि एक जनवरी को एक व्यक्ति ने साइबर थाना पश्चिम में ऑनलाइन टास्क पूरा करने के नाम पर तीन लाख 13 हजार रुपये की ठगी होने का केस दर्ज कराया था। मामले की जांच करते हुए साइबर थाना वेस्ट पुलिस उस आरोपित तक पहुंची, जिसके खाते में ठगी के रुपये गए थे। उससे पूछताछ में इन तीनों आरोपितों की जानकारी मिली और पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शुक्रवार को जयपुर से इन्हें धर दबोचा।

इनकी पहचान जयपुर के रहने वाले सौरभ कुमार मीणा, फालोदी के अभिषेक बिश्नाेई और नागौर के रहने वाले लक्ष्मण उर्फ लकी के रूप में की गई। पूछताछ में पता चला कि सौरभ ने आइआइटी जोधपुर से 2022 में पासआउट किया था। वहीं अभिषेक बिश्नोई एसएमएस जयपुर से नर्सिंग की पढ़ाई कर रहा है और लक्ष्मण ने शिक्षाशास्त्र से एमए कर रखा था।

नवंबर में टेलीग्राम के माध्यम से ठगों से जुड़ा

साइबर पुलिस के अनुसार पूछताछ में पता चला कि सौरभ को बेटिंग करने की लत थी। वह पिछले साल तक बेटिंग एप से सात लाख रुपये हार चुका था। इसके बाद वह नवंबर 2025 में टेलीग्राम के माध्यम से साइबर सिंडिकेट से जुड़ा। जोधपुर में ही सौरभ की मुलाकात अभिषेक और लक्ष्मण से हुई थी। इसने इन दोनों को भी इसमें शामिल किया। ये आरोपित लोगों को पैसों का लालच देकर उनके बैंक खाते खरीदते थे। अब तक 55 से ज्यादा खाते इन्हें लोगों से खरीदे।

बाकी राशि को ठगों को भेज देते

इन खातों में ठगी की आने वाली राशि को ये निकालकर उसे यूएस डालर में कन्वर्ट कर विदेश में बैठे साइबर सिंडिकेट को भेजते थे। साइबर ठगी के माध्यम से प्राप्त राशि में से 30 प्रतिशत कमीशन रखकर बाकी राशि को ये लोग ठगों को भेज देते थे।

पुलिस टीम ने आरोपित के कब्जे से 11 मोबाइल फोन, 40 सिम कार्ड, 43 एटीएम कार्ड, 15 पासबुक व सात चेक बुक बरामद किए हैं। इन आरोपितों ने अब तक 10 लाख से ज्यादा की राशि ठगी के कमीशन से प्राप्त की। आरोपित सौरभ को दो दिन के रिमांड पर लिया गया है। इससे सिंडिकेट के अन्य सदस्यों के बारे में पूछताछ की जाएगी।

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