Ram Mandir Trust Meeting: अयोध्या में बुधवार (22 जुलाई, 2026) को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में आगामी श्रावण मास में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के प्रबंधन, मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था, चढ़ावे की पारदर्शिता और प्रशासनिक सुधारों को लेकर कई दूरगामी फैसले लिए गए। हालांकि, ट्रस्ट के रिक्त पदों की पूर्ति और नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति को लेकर इस बैठक में अंतिम सहमति नहीं बन सकी, जिसके लिए अब 2 सितंबर की तारीख तय की गई है।
CJP Protest Update: छात्रों के समर्थन में आए राजकुमार राव, सोशल मीडिया पर लिखी भावुक बात
दर्शन के लिए बनेगी नई प्रबंध समिति; टला CEO का चयन
बैठक के प्रथम चरण की समाप्ति के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती ने स्पष्ट किया कि राम मंदिर ट्रस्ट के मूल ढांचे में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। लेकिन, मंदिर की व्यवस्थाओं को और अधिक पेशेवर बनाने के लिए दो बड़े कदम उठाए जा रहे हैं:
प्रबंध समिति का गठन: देश-विदेश से आने वाले रामभक्तों की सुगम दर्शन व्यवस्था और मंदिर परिसर के दैनिक प्रबंधन को देखने के लिए एक विशेष ‘प्रबंध समिति’ (मैनेजमेंट कमेटी) गठित की जाएगी।
CEO नियुक्ति के लिए अतिरिक्त समय: नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के चयन के लिए बनाई गई कमेटी ने ट्रस्ट से एक महीने का अतिरिक्त समय मांगा है। कमेटी का कहना है कि इस प्रतिष्ठित पद के लिए देश भर से बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनकी बारीकी से छंटनी की जा रही है। ट्रस्ट ने इस मांग को स्वीकार कर लिया है, जिसके चलते अब नए महासचिव और CEO के नाम पर अंतिम मुहर 2 सितंबर 2026 को होने वाली अगली बैठक में लगेगी। तब तक प्रशासनिक कार्यों को सुचारु रखने के लिए एक अंतरिम सचिव नियुक्त करने की स्वीकृति दे दी गई है।
सुरक्षा और चढ़ावे की समीक्षा; SBI की लापरवाही पर नाराजगी
बैठक में मंदिर की आंतरिक सुरक्षा और हाल ही में चर्चा में रहे चढ़ावा अनियमितता मामले पर भी गंभीर मंथन हुआ:
एसआईटी रिपोर्ट का इंतजार: चढ़ावे में कथित अनियमितता को लेकर गठित विशेष जांच दल (SIT) की अंतिम रिपोर्ट अभी तक ट्रस्ट को प्राप्त नहीं हुई है, जिसके कारण इस विषय पर बैठक में कोई विस्तृत चर्चा नहीं की जा सकी।
सीसीटीवी और मिंट व्यवस्था: मंदिर परिसर और विशेष रूप से चढ़ावा गणना कक्ष में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की समीक्षा की गई। ट्रस्ट ने संतोष जताया कि इन कैमरों का लाइव एक्सेस सुरक्षा एजेंसियों के पास पहले से मौजूद है। इसके अलावा, सोने-चांदी के चढ़ावे की शुद्धता जांचने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की टकसाल (मिंट) के साथ चल रही मौजूदा व्यवस्था को आगे भी जारी रखने का निर्णय लिया गया।
स्टेट बैंक पर बरसे ट्रस्टी: स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के साथ हुए एमओयू (MoU) के तहत बैंक की जिम्मेदारियों और उसकी कथित त्रुटियों पर ट्रस्ट ने गहरी निराशा व्यक्त की। ट्रस्ट ने वित्त समिति को निर्देश दिए हैं कि वे बैंक के साथ स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) की समीक्षा करें और आवश्यक दंडात्मक या सुधारात्मक निर्णय लें।
धार्मिक समिति का पुनर्गठन और मीडिया विंग की मजबूती
मंदिर की सनातन मर्यादा, पूजा-पद्धति की परंपरागत प्रामाणिकता और शुद्धता को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए ट्रस्ट ने ‘धार्मिक समिति’ का पुनर्गठन किया है। इस प्रतिष्ठित समिति की अध्यक्षता स्वामी गोविंद देव गिरि करेंगे। समिति में देश की विभिन्न पीठों और संत परंपराओं के प्रमुख संतों के साथ-साथ पूज्य युगपुरुष स्वामी परमानंद जी को भी बतौर सदस्य शामिल किया गया है।
इसके अतिरिक्त, मंदिर के खिलाफ होने वाले किसी भी भ्रामक दुष्प्रचार को रोकने और मीडिया के साथ नियमित व पारदर्शी संवाद बनाए रखने के लिए ट्रस्ट ने जल्द ही एक आधिकारिक प्रवक्ता (Official Spokesperson) नियुक्त करने का फैसला किया है। ट्रस्ट ने अंत में देश-विदेश के श्रद्धालुओं और अवधवासियों के प्रति आभार जताते हुए कहा कि तमाम दुष्प्रचारों के बाद भी रामभक्तों की आस्था अडिग है और दर्शनार्थियों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
Monsoon Session Update: महिला सांसदों को अपशब्द कहना पड़ा महंगा, कल्याण बनर्जी पर गिरी गाज










