Haryana News: नायब सैनी का नया मिशन, हर जिले को मिलेगा स्टार्टअप, Amazon-Walmart पर चमकेगा हरियाणा

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य के हर जिले में स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नए उद्यमियों को व्यवसाय शुरू करने में किसी भी तरह की प्रशासनिक बाधा न आए और उन्हें हर संभव सहयोग व सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

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Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जुलाई 22, 2026

Haryana News: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश को औद्योगिक और तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के लिए ‘हरियाणा विज़न-2047’ के तहत एक महत्वाकांक्षी कार्ययोजना की घोषणा की है। बुधवार को सिविल सचिवालय में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य के हर जिले में स्टार्टअप्स को बढ़ावा दिया जाए और नया व्यवसाय शुरू करने वाले उद्यमियों के रास्ते से सभी प्रशासनिक बाधाओं को तुरंत हटाया जाए। इस योजना का मुख्य उद्देश्य स्थानीय व्यापार को वैश्विक पहचान दिलाना और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करना है।

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वैश्विक बाज़ार से जुड़ेंगे स्वयं सहायता समूह

मुख्यमंत्री ने राज्य के पारंपरिक और स्थानीय उद्योगों को आधुनिक बाज़ार से जोड़ने के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए:

ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जुड़ाव: प्रदेश में राखी बनाने वाले घरेलू उद्योगों और महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को व्यापक स्तर पर सशक्त किया जाएगा। इन समूहों द्वारा तैयार की जाने वाली हरियाणवी राखियों को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए अमेज़न और वॉलमार्ट जैसे बड़े अंतर्राष्ट्रीय ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के साथ जोड़ा जाएगा।

स्वदेशी मेलों का आयोजन: स्थानीय उत्पादों की बिक्री और प्रचार के लिए एक निश्चित कैलेंडर तैयार कर प्रदेश के प्रत्येक जिले में नियमित रूप से स्वदेशी मेलों का आयोजन किया जाएगा।

बरवाला में आधुनिक वुडन मार्केट: बरवाला क्षेत्र में लकड़ी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष ‘वुडन ज़ोन व वुडन मार्केट’ की स्थापना की जाएगी। यहाँ अत्याधुनिक शोरूम विकसित किए जाएंगे, जिससे स्थानीय कारीगरों की आय में वृद्धि होगी।

30 दिनों में मिलेगी व्यावसायिक मंजूरी

हरियाणा में ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस’ (व्यापार सुगमता) को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए प्रशासनिक सुधारों का एलान किया गया है:

सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम: व्यवसाय शुरू करने के लिए आवश्यक सरकारी मंजूरियों की समय-सीमा को 45 दिनों से घटाकर 30 दिन कर दिया गया है। भविष्य में इस समय को 50 प्रतिशत तक और कम करने का लक्ष्य है।

नए परिषदों का गठन: राज्य में व्यापारिक नवाचार को गति देने के लिए ‘राज्य नवाचार एवं एमएसएमई परिषद’ तथा ‘स्टार्टअप एडवाइजरी काउंसिल हरियाणा’ का गठन किया जाएगा। इसके अलावा, हर जिले में उद्यमियों की मदद के लिए ‘स्टार्टअप संपर्क अधिकारी’ तैनात किए गए हैं।

₹2,000 करोड़ का स्टार्टअप फंड और 10 नए औद्योगिक क्लस्टर

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री को राज्य में चल रही वित्तीय और औद्योगिक योजनाओं की प्रगति से अवगत कराया गया:

पद्मा योजना और स्टार्टअप फंड: राज्य की महत्वाकांक्षी ‘पद्मा’ योजना के अंतर्गत विभिन्न जिलों में 10 नए औद्योगिक क्लस्टर स्थापित किए जा रहे हैं। स्टार्टअप्स को पूंजी की कमी न हो, इसके लिए ₹2,000 करोड़ का ‘हरियाणा स्टार्टअप फंड ऑफ फंड्स’ स्थापित किया जा रहा है, जबकि ₹250 करोड़ का ‘आत्मनिर्भर स्टार्टअप वेंचर फंड’ पहले ही काम कर रहा है।

महिला उद्यमिता को बढ़ावा: महिला उद्यमियों को वित्तीय सहायता और मेंटरिंग प्रदान करने के लिए ‘महिला उद्यमिता मंच’ के तहत ₹11.5 करोड़ की राशि आरक्षित की गई है, जिससे लगभग 500 से 600 महिला उद्यमियों को सीधा लाभ मिलेगा।

ग्रामीण क्षेत्रों में कौशल केंद्र और उद्योग-संचालित आईटीआई

युवाओं को सीधे रोजगार से जोड़ने के लिए कौशल विकास विभाग के साथ मिलकर एक व्यापक खाका तैयार किया गया है:

100 ग्रामीण कौशल केंद्रों की पहचान: प्रदेश के 100 उच्च क्षमता वाले ग्रामीण क्षेत्रों की पहचान कर वहां के स्थानीय हुनर के अनुसार विशेष कौशल केंद्र खोले जाएंगे। जैसे— हिसार में बीड्स (मनके) निर्माण, पानीपत में हथकरघा, करनाल में कृषि उपकरण व डेयरी और यमुनानगर में पॉटरी (मिट्टी के बर्तन) उद्योग के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा।

उद्योगों द्वारा आईटीआई को गोद लेना: ‘पीएम सेतु योजना’ के तहत आईटीआई में नए आधुनिक कोर्स शुरू होंगे। राज्य के कम से कम 25 उद्योग-संचालित आईटीआई को निजी कंपनियों द्वारा गोद लिया जाएगा, जिससे प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले 70 प्रतिशत से अधिक युवाओं को सीधे उद्योगों में रोजगार मिलना सुनिश्चित हो सकेगा।

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