Onion Price Today: राजधानी दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में आसमान छूती प्याज की कीमतों से जूझ रही आम जनता के लिए केंद्र सरकार ने एक बहुत बड़ी राहत भरी पहल की है। बाजार में बेकाबू होते दामों पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने सीधे तौर पर हस्तक्षेप किया है, जिसके तहत नासिक से भारी मात्रा में प्याज की खेप विशेष ट्रेन के माध्यम से दिल्ली पहुंचाई गई है।
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‘कांदा एक्सप्रेस’ से दिल्ली पहुंची प्याज की पहली विशेष खेप
बाजार में सप्लाई बढ़ाने और जमाखोरी पर रोक लगाने के उद्देश्य से सरकार ने विशेष कदम उठाया है। नासिक से 453.65 टन प्याज लेकर चलने वाली ‘कांदा एक्सप्रेस’ की पहली विशेष ट्रेन, जिसमें कुल 21 वैगन शामिल थे, शुक्रवार की सुबह सफलतापूर्वक दिल्ली पहुंच गई है। केंद्र सरकार की इस योजना के तहत इस स्टॉक को दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के उपभोक्ताओं के लिए बेहद किफायती दाम यानी मात्र 35 रुपये प्रति किलोग्राम की सब्सिडी वाली दर पर बेचा जाएगा। इससे महंगे प्याज की मार झेल रहे आम आदमी की जेब पर पड़ने वाला बोझ काफी हद तक कम होगा।
बफर स्टॉक के खराब होने की खबरों का खंडन
हाल ही में मीडिया और सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा था कि सरकार के पास मौजूद 1.21 लाख टन के बफर स्टॉक में से करीब 30 प्रतिशत प्याज सड़ चुका है। उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने इन सभी दावों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें पूरी तरह अफवाह करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार द्वारा तैयार किया गया पूरा बफर स्टॉक सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता वाला है।
इस बार पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पहली बार प्याज के भंडारण की पूरी जिम्मेदारी केंद्रीय भंडारण निगम (CWC) को सौंपी गई है, जहां स्वतंत्र थर्ड-पार्टी द्वारा इसकी नियमित और कड़ी जांच की जा रही है। चूंकि प्याज में लगभग 90 प्रतिशत पानी होता है, इसलिए वैज्ञानिक तरीकों और बेहतर वेंटिलेशन का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस साल लगभग 72 प्रतिशत रिकवरी का अनुमान जताया गया है, जो पिछले कई वर्षों के मुकाबले काफी बेहतर प्रदर्शन है।
एक सप्ताह के भीतर खुदरा कीमतों में आएगी भारी गिरावट
उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, हाल ही में दिल्ली के खुदरा बाजारों में प्याज के दाम उछलकर 62 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गए थे, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह कीमत 33 रुपये थी। अब नासिक से ‘कांदा एक्सप्रेस’ के जरिए आपूर्ति में भारी इजाफा होने के बाद, अगले एक सप्ताह के भीतर खुदरा खुदरा बाजारों में कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट देखने को मिलेगी।
दिल्ली के अलावा इस रियायती प्याज के स्टॉक को चंडीगढ़, लुधियाना और जम्मू जैसे प्रमुख शहरों में भी भेजा जा रहा है। इसके साथ ही दक्षिण भारत के चेन्नई, मदुरै और पूर्वोत्तर के गुवाहाटी जैसे महत्वपूर्ण शहरों में भी नियमित रूप से प्याज की आपूर्ति सुचारू रूप से जारी है।
आगामी फसलों का मजबूत आउटलुक और उत्पादन का अनुमान
सरकार की तरफ से यह भी आश्वस्त किया गया है कि देश में प्याज की कोई कमी नहीं होने वाली है। अल-नीनो का खतरा टलने और देश के जलाशयों में पानी की स्थिति बेहतर होने से आगामी खरीफ और रबी दोनों फसलों की पैदावार बहुत मजबूत रहने की उम्मीद है। कृषि वर्ष 2025-26 के दौरान देश में कुल 307.37 लाख टन प्याज के बंपर उत्पादन का अनुमान लगाया गया है। घरेलू मांग को आसानी से पूरा करने के लिए यह उत्पादन पर्याप्त से अधिक है, जिससे भविष्य में भी कीमतों के नियंत्रण में रहने की पूरी संभावना है।
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