Odisha Politics: ओडिशा की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। बीजू जनता दल (BJD) के बेहद वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद देबाशीष सामंतराय ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से अचानक इस्तीफा दे दिया है। देबाशीष सामंतराय को पार्टी सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक का बेहद वफादार और करीबी सिपहसालार माना जाता था। ऐसे में उनका यह फैसला बीजद के लिए एक बहुत बड़ा रणनीतिक झटका माना जा रहा है। सामंतराय ने अपने इस बड़े कदम की जानकारी खुद अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक पोस्ट साझा करके दी है।
पार्टी छोड़ने के साथ ही उन्होंने ओडिशा की जनता के हक के लिए अपना सामाजिक और राजनीतिक संघर्ष आगे भी जारी रखने का खुला एलान किया है।
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नवीन पटनायक को लिखी भावुक चिट्ठी
देबाशीष सामंतराय ने बीजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष नवीन पटनायक को अपना आधिकारिक त्यागपत्र भेजा है। सोशल मीडिया पर सार्वजनिक किए गए इस पत्र में उन्होंने पार्टी के शुरुआती दिनों को याद करते हुए लिखा कि उन्होंने बीजू जनता दल की स्थापना के समय से लेकर आज तक पूरे समर्पण भाव से संगठन को सींचा है।
चिट्ठी के मुख्य अंश: सामंतराय ने लिखा, “आज यानी 25 मई को मैं बीजू जनता दल की प्राथमिक सदस्यता से अपना त्यागपत्र दे रहा हूँ। मुझे देश के उच्च सदन (राज्यसभा) के लिए मनोनीत करने और संसद भेजने के लिए मैं आपका सदैव आभारी रहूँगा। अविभाजित कटक जिले की देवतुल्य जनता की सेवा करने और राष्ट्रीय पटल पर ओडिशा के महत्वपूर्ण मुद्दों को पूरी प्रखरता से उठाने का ऐतिहासिक मौका देने के लिए मैं इस अवसर पर आपका हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।”
उन्होंने अपने पत्र का समापन बेहद भावुक अंदाज में ‘जय जगन्नाथ’ के उद्घोष के साथ किया, जो यह दर्शाता है कि वे ओडिशा की अस्मिता की लड़ाई लड़ते रहेंगे।
इस्तीफे की असली वजह आई सामने
सामंतराय का यह इस्तीफा सिर्फ एक सामान्य राजनीतिक दलबदल नहीं है, बल्कि इसके पीछे लंबे समय से सुलग रही नाराजगी और आंतरिक कलह है। नवीन पटनायक को भेजी गई इस चिट्ठी में उनका दर्द और गुस्सा साफ तौर पर छलक उठा है। उन्होंने पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी और खुद को दरकिनार किए जाने की साजिशों पर से पर्दा उठाया है।
सामंतराय ने सीधे तौर पर आरोप लगाते हुए लिखा, “मैंने हमेशा खुद को पूरी तरह से पार्टी के हित में समर्पित रखा। पिछले कई वर्षों से अत्यंत ईमानदारी, निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ बीजद के लिए धरातल पर काम किया है।” उन्होंने आगे बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए लिखा, “लेकिन मुझे यह कहते हुए बेहद दुख हो रहा है कि हाल के दिनों में पार्टी के भीतर मेरा बहुत ही सुनियोजित (सिस्टमैटिक) तरीके से अपमान किया जा रहा है। मुझे लगातार दरकिनार किया जा रहा है और ऐसा महसूस कराया जा रहा है कि अब संगठन को मेरी सेवाओं या अनुभव की कोई आवश्यकता नहीं बची है।”
जनहित में लिया यह बेहद कठिन फैसला
देबाशीष सामंतराय ने साफ किया कि जब किसी कर्मठ कार्यकर्ता का आत्मसम्मान ही सुरक्षित न हो, तो वहां रहने का कोई औचित्य नहीं रह जाता। इसी वजह से उन्होंने भारी मन से जनहित और अपने स्वाभिमान की रक्षा के लिए यह अत्यंत कठिन फैसला लिया है। उन्होंने नवीन पटनायक से उनका यह त्यागपत्र तुरंत स्वीकार करने का विनम्र अनुरोध किया है। ओडिशा के सियासी पंडितों का मानना है कि सामंतराय का यह इस्तीफा बीजद के भीतर एक बड़ी टूट या आने वाले दिनों में नए राजनीतिक समीकरणों का स्पष्ट संकेत है।
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