Noida Protest: नोएडा में हाल ही में हुए श्रमिक आंदोलन और उससे जुड़ी हिंसा के बाद उत्तर प्रदेश सरकार सख्त नजर आ रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि श्रमिकों के अधिकारों, उनके सम्मान और सामाजिक सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी प्रकार की अराजकता या औद्योगिक अशांति फैलाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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हिंसा और बाहरी तत्वों की भूमिका पर सवाल
प्रशासनिक जांच में यह सामने आया है कि नोएडा में हुए प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किए गए 66 लोगों में से 45 व्यक्ति वास्तविक श्रमिक नहीं थे। रिपोर्ट के अनुसार, हिंसा और आगजनी जैसी घटनाओं में कुछ बाहरी तत्वों की भूमिका भी पाई गई है। इस खुलासे के बाद सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत समीक्षा और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
श्रमिकों के अधिकारों पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर श्रमिक को सम्मानजनक कार्य वातावरण, समय पर वेतन और सभी वैधानिक सुविधाएं मिलना उसका अधिकार है। किसी भी स्तर पर यदि इन अधिकारों का उल्लंघन होता है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में श्रमिकों के हित सर्वोच्च प्राथमिकता में रहेंगे।
औद्योगिक स्थिति की उच्चस्तरीय समीक्षा

15 अप्रैल की शाम मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राज्य की औद्योगिक स्थिति की समीक्षा की। इस दौरान गौतमबुद्ध नगर की घटनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जो लोग वास्तविक श्रमिक नहीं हैं लेकिन उद्योगों में अशांति फैलाने में शामिल पाए जाते हैं, उनकी पहचान कर तुरंत कार्रवाई की जाए।
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अफवाह और सोशल मीडिया पर निगरानी
सीएम योगी ने अफवाह फैलाने वाले संगठनों और सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियों पर तुरंत नजर रखी जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि औद्योगिक माहौल प्रभावित न हो।
मैनपावर एजेंसियों और श्रमिक सुविधाओं की जांच
मुख्यमंत्री ने मैनपावर सप्लाई एजेंसियों की गहन जांच के आदेश दिए हैं। इसमें श्रमिकों की वास्तविक संख्या, उन्हें मिलने वाला वेतन, ईएसआई, बीमा और अन्य सुविधाओं का सत्यापन शामिल होगा। इसके लिए अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त की अध्यक्षता में विशेष जांच समिति गठित की गई है।
श्रमिक कल्याण और सुविधाओं पर फोकस
सरकार ने सभी औद्योगिक इकाइयों में शिकायत निवारण तंत्र (ग्रीवांस सेल) को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही श्रमिकों के लिए डॉरमेट्री और सस्ते आवास की योजनाएं तैयार करने को भी कहा गया है। इसके अलावा, श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और बीमा योजनाओं पर भी विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया है।
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औद्योगिक सुरक्षा और पुलिस को निर्देश
मुख्यमंत्री ने पुलिस और प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं ताकि कोई भी अराजक तत्व श्रमिक आंदोलन की आड़ में औद्योगिक इकाइयों में प्रवेश न कर सके। उन्होंने यह भी कहा कि संवाद केवल वास्तविक श्रमिकों के साथ किया जाए और उद्योगों का संचालन बिना बाधा के जारी रहना चाहिए।









