Noida: नोएडा में लोकसभा के संयुक्त निदेशक ने की आत्महत्या, पुलिस कर रही हर पहलू की जांच

पुलिस को घटनास्थल से 10 पन्नों का सुसाइड नोट मिला है। शुरुआती जांच में नोट में आर्थिक तंगी और करीब 70 लाख रुपये के कर्ज का जिक्र सामने आया है।

Noida

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अगस्त 5, 2026

Noida: उत्तर प्रदेश के नोएडा से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। भारी वित्तीय संकट और कर्ज के बोझ तले दबे लोकसभा सचिवालय के एक संयुक्त निदेशक ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली है। अधिकारी का शव उनके आवास पर फंदे से लटका हुआ मिला। इस घटना के सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों और उनके परिवार में कोहराम मच गया है। पुलिस ने मौके से एक लंबा सुसाइड नोट बरामद किया है, जिसमें गंभीर आर्थिक तंगी का जिक्र किया गया है।

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घटना का विवरण और मौके की स्थिति

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक घटना नोएडा के सेक्टर-82 स्थित केंद्रीय विहार-2 के पॉकेट-7 की है, जहां मृतक अधिकारी अपने परिवार के साथ निवास करते थे।

घटना के समय: रविवार की शाम अधिकारी की पत्नी किसी कार्य से दिल्ली गई हुई थीं और उस वक्त घर पर कोई अन्य सदस्य मौजूद नहीं था।

अस्पताल ले जाने का प्रयास: जब उनकी पत्नी घर वापस लौटीं, तो उन्होंने अधिकारी को फंदे से लटका हुआ पाया। उनके रोने की आवाज सुनकर आसपास के तमाम पड़ोसी तुरंत मौके पर एकत्र हो गए। परिजनों और स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत सेक्टर-110 स्थित एक निजी अस्पताल (यथार्थ अस्पताल) ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

10 पन्नों के सुसाइड नोट में बड़ा खुलासा

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फॉरेंसिक टीम तुरंत मौके पर पहुंची और कमरे की गहन छानबीन की। पुलिस को जांच के दौरान कमरे से 10 पन्नों का एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसने इस पूरे मामले की परतें खोल दी हैं।

70 लाख रुपये का कर्ज: सुसाइड नोट में इस बात का स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि विभिन्न कारणों के चलते उन पर लगभग 70 लाख रुपये का भारी कर्ज हो गया था।

मानसिक तनाव: पत्र में लिखा है कि वह इस वित्तीय संकट से उबरने और कर्ज चुकाने की स्थिति में बिल्कुल नहीं थे, जिसके कारण वह गंभीर मानसिक तनाव से गुजर रहे थे और इसी दबाव में उन्होंने यह खौफनाक कदम उठाया।

परिवार को क्लीन चिट: सुसाइड नोट में यह भी विशेष रूप से स्पष्ट किया गया है कि उनकी इस आत्महत्या के लिए उनके परिवार का कोई भी सदस्य किसी भी तरह से जिम्मेदार नहीं है।

पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई

पुलिस प्रशासन ने कमरे से मिले 10 पन्नों के सुसाइड नोट को अपने कब्जे में लेकर सुरक्षित रख लिया है और मामले की हर पहलू से बारीकी से जांच की जा रही है।

फॉरेंसिक जांच: एसीपी दीक्षा सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग (हस्तलेख) और अन्य तकनीकी तथ्यों की फॉरेंसिक जांच करवा रही है, ताकि नोट की प्रामाणिकता और सत्यता की पुष्टि की जा सके।

साक्ष्यों का विश्लेषण: इसके अलावा, अधिकारी के मोबाइल फोन, बैंक खातों और आर्थिक लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों का भी विश्लेषण किया जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्होंने किन स्रोतों से कर्ज ले रखा था। पुलिस सभी परिस्थितियों की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है।

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