Rahul Gandhi: भारतीय राजनीति में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव एक नए स्तर पर पहुंच गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा में विपक्ष के नेता (LoP) राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें संसद से निष्कासित करने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव (Substantive Motion) पेश किया है।
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‘देश को टुकड़ों में बांटने की साजिश’ पर प्रहार
बताते चले कि, सांसद निशिकांत दुबे ने मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी की राजनीति पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस नेता पिछड़ों, अगड़ों, अनुसूचित जाति, जनजाति और लिंग के आधार पर समाज को विभाजित कर देश को टुकड़ों में बांटने का प्रयास कर रहे हैं। दुबे ने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी के इरादे ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ के एजेंडे को आगे बढ़ाने वाले हैं। भाजपा सांसद ने चेतावनी दी कि यदि संसद इस मामले को गंभीरता से लेती है, तो वह राहुल गांधी के विदेशी संबंधों, विशेषकर सोरोस फाउंडेशन और उनकी वियतनाम, कंबोडिया व थाईलैंड यात्राओं से जुड़े दस्तावेज़ और तथ्य जनता के सामने रखेंगे।
सदस्यता रद्द करने की मांग और कानूनी तर्क
राहुल गांधी की संसद सदस्यता समाप्त करने के प्रस्ताव को लेकर निशिकांत दुबे ने ऐतिहासिक उदाहरणों का हवाला दिया। उन्होंने सोशल मीडिया (X) पर लिखा कि भारतीय संसद ने पहले भी सुब्रमण्यम स्वामी, छत्रपाल सिंह लोढ़ा और स्वामी साक्षी जी महाराज जैसे सदस्यों को सदन से निकाला है। उन्होंने तर्क दिया कि सुप्रीम कोर्ट ने भी संसद के इस अधिकार को संवैधानिक रूप से सही ठहराया है। दुबे के अनुसार, यदि कोई सदस्य राष्ट्र की अखंडता के खिलाफ काम करता है, तो सदन के पास उसे बाहर करने की पूरी शक्ति है। अब इस मोशन पर अंतिम फैसला लोकसभा अध्यक्ष और संसद की कार्यवाही पर निर्भर करता है।
ट्रेड एग्रीमेंट पर छिड़ी रार
संसदीय निष्कासन के विवाद से पहले, दोनों नेताओं के बीच भारत-US अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर भी तीखी बहस हुई। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया था कि इस एग्रीमेंट के टैरिफ नियमों से भारत के कपास (Cotton) किसानों और टेक्सटाइल एक्सपोर्टर्स को भारी नुकसान होगा। इस पर पलटवार करते हुए निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी को ‘महामूर्ख LoP’ करार दिया और कहा कि गांधी के आंकड़े पूरी तरह गलत हैं। उन्होंने केंद्र सरकार के बचाव में कहा कि यह समझौता किसानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और निर्यात बढ़ाने के लिए किया गया है।
संसद में शक्ति प्रदर्शन की तैयारी
निशिकांत दुबे और राहुल गांधी के बीच का यह विवाद केवल जुबानी जंग तक सीमित नहीं है, बल्कि अब यह संवैधानिक मोशन और कानूनी दांव-पेच की शक्ल ले चुका है। जहां विपक्ष इसे आवाज दबाने की कोशिश बता रहा है, वहीं भाजपा इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और अखंडता का मुद्दा मान रही है। आने वाले दिनों में संसद के भीतर इस प्रस्ताव पर होने वाली चर्चा भारतीय राजनीति की दिशा तय करेगी।
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