Nirav Modi Case: यूरोपियन कोर्ट से नीरव मोदी की अपील खारिज, अब भारत लाने की तैयारी तेज

भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को यूरोपियन कोर्ट से भी राहत नहीं मिली है। इसके बाद उनके भारत प्रत्यर्पण की राह लगभग साफ मानी जा रही है। अब आगे क्या प्रक्रिया होगी, ब्रिटेन सरकार कब कदम उठाएगी और भारत वापसी कब संभव हो सकती है? जानिए इस बड़े मामले की पूरी जानकारी।

यूरोपियन कोर्ट से नीरव मोदी की अपील खारिज

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

जुलाई 6, 2026

Nirav Modi Case: पंजाब नेशनल बैंक (PNB) घोटाले के मुख्य आरोपी और भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी के भारत प्रत्यर्पण की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंचती दिखाई दे रही है। यूरोपियन कोर्ट ऑफ ह्यूमन राइट्स (ECHR) से भी राहत नहीं मिलने के बाद उनके पास कानूनी विकल्प लगभग समाप्त हो चुके हैं। इससे भारत लाए जाने का रास्ता पहले की तुलना में काफी आसान माना जा रहा है।

‘अनुपमा’ में बड़ा ट्विस्ट, सपना टूटा तो शादी में छलका दर्द

यूरोपियन कोर्ट में भी नहीं मिली सफलता

जानकारी के अनुसार, नीरव मोदी ने अपने प्रत्यर्पण को रोकने के लिए यूरोपियन कोर्ट ऑफ ह्यूमन राइट्स का दरवाजा खटखटाया था। हालांकि, वहां भी उनकी अपील सफल नहीं हो सकी। यह उनकी आखिरी बड़ी कानूनी कोशिश मानी जा रही थी। अब उनके पास भारत प्रत्यर्पण को टालने के लिए कोई प्रभावी कानूनी विकल्प नहीं बचा है। ऐसे में ब्रिटेन सरकार प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकती है।

यूके हाईकोर्ट पहले ही दे चुका था बड़ा फैसला

इससे पहले अप्रैल 2026 में यूके हाईकोर्ट ने भी नीरव मोदी को प्रत्यर्पण के खिलाफ अपील करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। अदालत ने भारत सरकार द्वारा भारतीय जेलों की व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर दिए गए आश्वासनों को पर्याप्त माना था। इसी फैसले के बाद नीरव मोदी ने यूरोपियन कोर्ट का रुख किया, लेकिन वहां से भी उन्हें कोई राहत नहीं मिली।

अब बची हैं केवल प्रशासनिक औपचारिकताएं

सूत्रों के मुताबिक, नीरव मोदी से जुड़े लगभग सभी कानूनी विवाद समाप्त हो चुके हैं। अब केवल कुछ प्रशासनिक और औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी की जानी बाकी हैं। इनके पूरा होने के बाद ब्रिटेन की ओर से भारत प्रत्यर्पण की कार्रवाई आगे बढ़ाई जा सकती है। राजनयिक सूत्रों का भी मानना है कि अब दोनों देशों के बीच कानूनी प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है।

गोपनीय रखी गई पूरी न्यायिक प्रक्रिया

यूरोपियन कोर्ट ऑफ ह्यूमन राइट्स ने इस मामले की सुनवाई और उससे जुड़ी प्रक्रिया को सार्वजनिक नहीं किया। अदालत की कार्यप्रणाली के अनुसार, लंबित मामलों की जानकारी आम तौर पर सार्वजनिक नहीं की जाती। इसी कारण नीरव मोदी की अपील से जुड़े कई दस्तावेज और सुनवाई की जानकारी गोपनीय रखी गई।

2019 से ब्रिटेन की जेल में बंद है नीरव मोदी

नीरव मोदी को मार्च 2019 में ब्रिटेन में गिरफ्तार किया गया था। तब से वह लंदन की वैंड्सवर्थ जेल में बंद हैं। भारत में उन पर पंजाब नेशनल बैंक से हजारों करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोप हैं। इस मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) कर रहे हैं और दोनों एजेंसियां लंबे समय से उनके भारत प्रत्यर्पण की कोशिश कर रही हैं।

‘अनुपमा’ में बड़ा ट्विस्ट, सपना टूटा तो शादी में छलका दर्द

भारत लाने की तैयारी तेज होने की संभावना

कानूनी विकल्प समाप्त होने के बाद अब ब्रिटेन की संबंधित एजेंसियां प्रत्यर्पण प्रक्रिया को अंतिम रूप देने की दिशा में आगे बढ़ सकती हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद नीरव मोदी को भारत भेजा जा सकता है। यदि सभी प्रशासनिक औपचारिकताएं समय पर पूरी हो जाती हैं, तो आने वाले समय में नीरव मोदी को भारत लाकर उनके खिलाफ लंबित मामलों में कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जा सकती है।