NEET UG paper Leak 2026: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी (NEET-UG 2026) पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक और बहुत बड़ी सफलता हासिल की है। सीबीआई ने इस हाई-प्रोफाइल घोटाले में 11वीं गिरफ्तारी करते हुए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की एक्सपर्ट मनीषा संजय हवलदार को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि मनीषा ने परीक्षा प्रणाली की गोपनीयता को तार-तार करते हुए फिजिक्स (भौतिक विज्ञान) के प्रश्न लीक किए थे। एनटीए द्वारा ही एक्सपर्ट नियुक्त किए जाने के कारण उनके पास प्रश्नपत्रों का सीधा एक्सेस था, जिसका उन्होंने गलत फायदा उठाया।
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पुणे के स्कूल में कार्यरत थीं मनीषा
सीबीआई की जांच के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी मनीषा संजय हवलदार पुणे के ‘सेठ हीरालाल सर्फ प्रशाला’ में कार्यरत थीं। एनटीए ने उन्हें नीट परीक्षा के लिए एक विषय विशेषज्ञ (Expert) के रूप में नियुक्त किया था। इस जिम्मेदारी के कारण उनके पास भौतिकी (Physics) के गोपनीय सवालों तक पहुंच थी।
जांच एजेंसी ने खुलासा किया है कि मनीषा हवलदार ने इससे पहले 16 मई को गिरफ्तार हो चुकीं बॉटनी (वनस्पति विज्ञान) की शिक्षिका मनीषा मंधारे के साथ मिलकर इस पूरी साजिश को अंजाम दिया था। इन दोनों ने मिलकर परीक्षा से पहले ही फिजिक्स के महत्वपूर्ण प्रश्न लीक कर दिए थे। जब सीबीआई ने मनीषा हवलदार द्वारा उम्मीदवारों के साथ साझा किए गए प्रश्नों का मिलान मुख्य प्रश्नपत्र से किया, तो पाया गया कि ये सभी लीक सवाल नीट-यूजी 2026 के असली फिजिक्स के प्रश्नपत्र से हूबहू मेल (टेली) खा रहे थे।
देशव्यापी एक्शन
नीट पेपर लीक मामले की परतें जैसे-जैसे खुल रही हैं, सीबीआई का शिकंजा कड़ा होता जा रहा है। जांच एजेंसी अब तक देश के अलग-अलग हिस्सों से कुल 11 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। ये गिरफ्तारियां दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, लातूर और अहिल्या नगर (अहमदनगर) जैसे प्रमुख शहरों से की गई हैं।
इस रैकेट को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए सीबीआई ने देशभर में कई संदिग्ध ठिकानों पर ताबड़तोड़ तलाशी अभियान (Raids) चलाया है। इस छापेमारी के दौरान डिजिटल सबूत के तौर पर कई लैपटॉप, मोबाइल फोन, आपत्तिजनक दस्तावेज और आरोपियों के बैंक स्टेटमेंट्स जब्त किए गए हैं। फॉरेंसिक और वित्तीय विशेषज्ञ इस बात का विश्लेषण कर रहे हैं कि पेपर लीक के बदले कितने करोड़ रुपयों का लेनदेन हुआ था।
लाखों रुपये वसूलने वाले बिचौलियों पर कसा शिकंजा
सीबीआई की विशेष टीमों द्वारा की जा रही कड़ाई से पूछताछ के बाद अब प्रश्नपत्र लीक के वास्तविक स्रोत (Source) का पता चल चुका है। इसके साथ ही उन दलालों और बिचौलियों की भी पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है, जो मोटी रकम के बदले छात्रों को इकट्ठा करते थे। ये बिचौलिया उन छात्रों को निशाना बनाते थे, जो परीक्षा से ठीक पहले आने वाले विशेष प्रश्नों को हासिल करने के लिए विशेष कोचिंग कक्षाओं में भाग लेते थे और इसके एवज में लाखों रुपये का भुगतान करते थे।
गौरतलब है कि 3 मई को आयोजित हुई नीट-यूजी परीक्षा के बाद देशव्यापी स्तर पर पेपर लीक के गंभीर आरोप लगे थे। इन आरोपों और शुरुआती सबूतों के मद्देनजर, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने बड़ा कदम उठाते हुए 12 मई को परीक्षा को पूरी तरह रद्द कर दिया था। देश के लाखों मेडिकल परीक्षार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए अब इस परीक्षा की नई तारीख 21 जून निर्धारित की गई है, जिसके पारदर्शी आयोजन के लिए सीबीआई लगातार इस रैकेट के हर किरदार को बेनकाब करने में जुटी है।
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