NEET Re-Exam 2026: NEET-UG की आज दोबारा परीक्षा होने जा रही है, जिसमें देशभर से करीब 22 लाख परीक्षार्थी शामिल होंगे। इस बड़ी परीक्षा को बिना किसी गड़बड़ी के संपन्न कराने के लिए शनिवार को देशव्यापी मॉक ड्रिल की गई। पुलिस, जिला प्रशासन और परीक्षा केंद्रों की विभिन्न टीमों ने सेंटर्स का बारीकी से निरीक्षण किया। इस कसरत का मुख्य उद्देश्य रविवार को होने वाली परीक्षा में पेपर लीक और किसी भी तरह की नकल की गुंजाइश को पूरी तरह खत्म करना है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।
NTA के लिए साख की चुनौती
बताते चले कि, पिछली घटनाओं को देखते हुए इस बार बिना किसी विवाद के परीक्षा आयोजित करना नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के लिए एक बड़ी साख की लड़ाई है। आज होने वाली इस परीक्षा के लिए भारत के 551 शहरों और विदेशों के 14 शहरों में कुल 5,000 से अधिक परीक्षा केंद्र (एग्जाम सेंटर्स) स्थापित किए गए हैं। व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए 2 लाख से ज्यादा कर्मचारी, 674 सिटी कोऑर्डिनेटर और 6,669 ऑब्जर्वर मुस्तैद हैं। साथ ही, पहचान की गड़बड़ी रोकने के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन प्रणाली लागू की गई है।
सीसीटीवी, जीपीएस ट्रैकिंग और असली चुनौती से निपटने का रोडमैप
कदाचार मुक्त परीक्षा के लिए हर सेंटर की सीसीटीवी कैमरों से लाइव मॉनिटरिंग एक सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल रूम से की जा रही है। प्रश्नपत्रों को लीक से बचाने के लिए उन्हें परीक्षा केंद्रों तक ले जाने वाले वाहनों की जीपीएस (GPS) ट्रैकिंग की जा रही है और पुलिस एस्कॉर्ट भी मुहैया कराया गया है। हालांकि, मेटल डिटेक्टर और कड़ी तलाशी जैसी व्यवस्थाएं केंद्रों के भीतर की धांधली तो रोक लेंगी, लेकिन NTA के लिए असली परीक्षा प्रश्नपत्रों को परीक्षा शुरू होने से पहले सुरक्षित रखने की है।
5440 केंद्रों पर परीक्षा का आयोजन
NEET (UG) 2026 का आयोजन आज देश के 5,440 और विदेशों के 14 केंद्रों पर अंग्रेजी सहित 12 भारतीय भाषाओं में किया जा रहा है। परीक्षा के लिए देश भर में 95,000 से अधिक क्लासरूम तैयार किए गए हैं, जिनमें से प्रत्येक में अनिवार्य रूप से सीसीटीवी कैमरे चालू रहेंगे।
सवा लाख से ज्यादा कैमरे और जैमर तकनीक से अभेद्य सुरक्षा प्रणाली
नकल माफिया पर नकेल कसने के लिए रिकॉर्ड 1,38,560 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी सीधी निगरानी राष्ट्रीय, राज्य और मंत्रालय स्तर पर हो रही है। इसके अतिरिक्त, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को ब्लॉक करने के लिए 51,311 सिग्नल जैमर उपकरण तैनात हैं। हर परीक्षा कक्ष में 2-2 वीक्षक (Invigilators) मौजूद रहेंगे।
फेस ऑथेंटिकेशन और हजारों बायोमेट्रिक सत्यापन कर्मियों की तैनाती
शारीरिक जांच और तकनीकी वेरिफिकेशन को मजबूत करने के लिए 38,795 फ्रिस्किंग स्टाफ और 48,448 बायोमेट्रिक ऑपरेटर तैनात किए गए हैं। इस बार फिंगरप्रिंट के साथ-साथ चेहरा पहचान तकनीक (Face Authentication) को भी अनिवार्य किया गया है। हर केंद्र पर एक ‘सेंटर सिस्टम्स ऑफिसर’ (CSO) और करीब 6,700 ऑब्जर्वर पैनी नजर रख रहे हैं।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सैन्य सुरक्षा
इस बार सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) निगरानी तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। सुरक्षा का जिम्मा पुलिस, अर्धसैनिक बलों, वायु सेना और डाक विभाग के हाथों में है। गोपनीय सामग्री को सुरक्षित रखने के लिए 1,500 बैंक शाखाओं में अधिकारी तैनात हैं और देश भर में 700 ओएमआर कलेक्शन सेंटर बनाए गए हैं।
परीक्षार्थियों की सहूलियत और भ्रामक खबरें
कड़े नियमों के बीच छात्रों की सुविधा के लिए पीने का पानी, ओआरएस, एम्बुलेंस और अभिभावकों के लिए शेल्टर होम बनाए गए हैं। प्रवेश प्रक्रिया की सख्ती को देखते हुए परीक्षा की समयावधि भी बढ़ाई गई है। इसके साथ ही, NTA सोशल मीडिया पर फर्जी पेपर लीक अफवाहों और झूठे दावों पर कड़ी निगरानी रख रहा है। प्रशासन ने उम्मीदवारों को केवल आधिकारिक वेबसाइट पर भरोसा करने की हिदायत दी है।










