NEET Re-Test 2026: टूटी पसलियां भी नहीं रोक पाईं सपना, सृष्टि ने खास इंतजामों के बीच दी परीक्षा

सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कोलकाता की छात्रा सृष्टि दुबे ने हिम्मत नहीं हारी और NEET 2026 परीक्षा दी।

NEET Re-Test 2026

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जून 21, 2026

NEET Re-Test 2026: नीट यूजी 2026 (NEET-UG 2026) की पुनर्परीक्षा के कड़े नियमों और विवादों के बीच कोलकाता से एक बेहद प्रेरणादायक और जज्बे से भरी खबर सामने आई है। यहां की रहने वाली एक जांबाज छात्रा सृष्टि दुबे ने तमाम शारीरिक दुश्वारियों और असहनीय दर्द के बावजूद नीट री-एग्जाम में शामिल होकर अपनी मजबूत इच्छाशक्ति की मिसाल पेश की है। महज कुछ दिन पहले एक भीषण सड़क हादसे का शिकार होने और कई पसलियां टूटने के बाद भी सृष्टि ने हौसला नहीं खोया। उनके इस जज्बे को देखते हुए परीक्षा केंद्र पर प्रशासन द्वारा विशेष मेडिकल इंतजाम किए गए, ताकि वह बिना किसी अतिरिक्त शारीरिक तनाव के अपनी परीक्षा पूरी कर सकें।

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शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के हस्तक्षेप पर मिली अनुमति

नीट की गंभीर तैयारी कर रही छात्रा सृष्टि दुबे बीते 14 जून को एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। इस हादसे में उनके फेफड़ों में गंभीर चोट आई थी और कई पसलियां टूट गई थीं, जिसके कारण डॉक्टरों को उनकी एक बड़ी मेजर सर्जरी भी करनी पड़ी थी। ऐसी स्थिति में परीक्षा केंद्र तक सामान्य रूप से पहुंचना और तीन घंटे से अधिक बैठना असंभव था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने खुद इस विषय में हस्तक्षेप किया। उनके कड़े निर्देशों के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने सृष्टि को विशेष चिकित्सा व्यवस्था के तहत परीक्षा देने की अनुमति प्रदान की। परीक्षा केंद्र पर सृष्टि की सुविधा के लिए एक अलग ग्राउंड फ्लोर कमरा आवंटित किया गया था, जहां विशेषज्ञ मेडिकल स्टाफ की टीम और एक आपातकालीन एम्बुलेंस हर वक्त तैनात रही। सृष्टि के माता-पिता ने संकट की इस घड़ी में संवेदनशीलता दिखाने के लिए शिक्षा मंत्री और एनटीए प्रशासन का दिल से आभार व्यक्त किया है।

परीक्षा अवधि बढ़कर हुई 195 मिनट

दूसरी ओर, देश भर के विभिन्न केंद्रों पर कड़ी निगरानी और जैमर्स के बीच नीट यूजी पुनर्परीक्षा का सफल आयोजन किया गया। इस बार परीक्षा में लगभग 22.79 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने के लिए परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक अटेंडेंस और सख्त चेकिंग के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।

इस वर्ष एनटीए ने परीक्षा के नियमों में एक बड़ा बदलाव करते हुए परीक्षा की कुल अवधि को 180 मिनट से बढ़ाकर 195 मिनट (3 घंटे 15 मिनट) कर दिया था। यह अतिरिक्त 15 मिनट का समय छात्रों को इसलिए दिया गया ताकि परीक्षा हॉल में अटेंडेंस दर्ज करने, थंब इम्प्रैशन लेने और अन्य कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल को पूरा करने में जो समय बर्बाद होता है, उसका असर छात्रों के मूल पेपर हल करने के समय पर न पड़े। परीक्षा अपने निर्धारित समय दोपहर 2:00 बजे शुरू होकर शाम 5:15 बजे शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।

ऐसा रहा नीट परीक्षा का कुल पैटर्न

इस नीट पुनर्परीक्षा के मुख्य पैटर्न की बात करें तो इसमें कुल 720 अंकों के लिए 180 बहुविकल्पीय (MCQs) प्रश्न पूछे गए। पूरे प्रश्नपत्र को तीन मुख्य विषयों में विभाजित किया गया था, जिसमें भौतिकी (Physics) और रसायन विज्ञान (Chemistry) से 45-45 प्रश्न (180-180 अंक) पूछे गए, जबकि जीव विज्ञान (Biology – बॉटनी और जूलॉजी) से सबसे अधिक 90 प्रश्न (360 अंक) शामिल रहे। मार्किंग स्कीम के तहत प्रत्येक सही उत्तर के लिए परीक्षार्थियों को 4 अंक दिए जाएंगे, जबकि प्रत्येक गलत उत्तर पर नकारात्मक अंकन (Negative Marking) के तहत 1 अंक काट लिया जाएगा। किसी प्रश्न को खाली छोड़ने पर अंक में कोई बदलाव नहीं होगा।

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