CJP Protest In Lucknow: लखनऊ के वीआईपी रोड स्थित आशियाना के इको गार्डन में आज 12 जून (शुक्रवार) को नीट (NEET UG) पेपर लीक और विभिन्न सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ एक बड़ा छात्र आंदोलन देखने को मिला। रोजगार और पारदर्शिता की मांग को लेकर हजारों की संख्या में अभ्यर्थी सुबह से ही धरना स्थल पर जुटना शुरू हो गए थे। हालांकि, शांतिपूर्ण तरीके से शुरू हुआ यह छात्र आंदोलन दोपहर होते-होते उस समय बेहद संवेदनशील और सियासी हो गया, जब ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के प्रमुख अभिजीत दीपके अपने समर्थकों के साथ इस प्रदर्शन का हिस्सा बनने पहुंचे। राजनीतिक दखलअंदाजी होते ही आंदोलनकारी छात्रों के बीच गुटबाजी और असंतोष की स्थिति पैदा हो गई।
इको गार्डन में भारी सुरक्षा बल तैनात
बताते चले कि, इस छात्र आंदोलन को लेकर लखनऊ कमिश्नरेट पुलिस और जिला प्रशासन पहले से ही हाई अलर्ट पर था। कानून-व्यवस्था और सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए पुलिस ने इस प्रदर्शन को आयोजित करने की अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया था। पुलिस प्रशासन के मुताबिक, इस प्रदर्शन की अनुमति के लिए सीजेपी (CJP) प्रतिनिधि विवेक कुमार द्वारा आवेदन दिया गया था, जिसे निरस्त कर दिया गया था। इसके बावजूद, अनुमति न मिलने की परवाह किए बिना हजारों अभ्यर्थी धरना स्थल पर डटे रहे। बिगड़ते हालातों और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने इको गार्डन और उसके आस-पास के पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया है। मौके पर रैपिड एक्शन फोर्स (RAF), प्रादेशिक आर्म्स कांस्टेबुलरी (PAC) और स्थानीय पुलिस के 1500 से अधिक मुस्तैद जवानों को तैनात किया गया है।
नीट पेपर लीक और UPSI स्कोर कार्ड जारी करने की उठी पुरजोर मांग
यह विशाल विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से वामपंथी छात्र संगठन ‘ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन’ (AISA) और अन्य स्वतंत्र छात्र मंचों के संयुक्त आह्वान पर आयोजित किया गया था। आंदोलन में शामिल प्रतियोगी छात्र-छात्राएं हाथों में स्लोगन लिखे पोस्टर और बैनर लेकर पहुंचे थे। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों में नीट यूजी परीक्षा धांधली की उच्च स्तरीय जांच, उत्तर प्रदेश पुलिस सब-इंस्पेक्टर (UPSI) भर्ती का आधिकारिक स्कोर कार्ड जल्द से जल्द जारी करना और भविष्य की सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करना शामिल है। छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर राज्य और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और रोजगार के मुद्दे पर त्वरित कार्रवाई की मांग की।
अभिजीत दीपके की एंट्री से भड़के अभ्यर्थी
प्रदर्शन स्थल पर जैसे ही कॉकरोच जनता पार्टी के मुखिया अभिजीत दीपके अपने कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे, आंदोलन का माहौल अचानक बदल गया। अभिजीत दीपके हाथ में भारत के संविधान की किताब लेकर छात्रों के बीच पहुंचे थे, जिसे दिखाकर उन्होंने छात्रों को संबोधित करने का प्रयास किया। इस दौरान वहां मौजूद कुछ युवाओं में उनके साथ सेल्फी लेने की होड़ जरूर दिखी, लेकिन आंदोलन की अगुवाई कर रहे मुख्य छात्र समूहों ने इस राजनीतिक एंट्री का कड़ा विरोध किया। कई छात्र संगठनों ने तीखी आपत्ति जताते हुए कहा कि यह पूरी तरह से गैर-राजनीतिक और विशुद्ध रूप से छात्रों का आंदोलन है। किसी भी राजनीतिक दल या नेता के मंच पर आने से छात्रों का मुख्य मुद्दा भटक सकता है और आंदोलन कमजोर हो सकता है।
सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर छात्रों ने जताई आपत्ति
प्रयागराज (इलाहाबाद) से विशेष रूप से इस आंदोलन में शामिल होने आए एक प्रतियोगी छात्र ने मीडिया से बात करते हुए अपनी चिंता साझा की। छात्र ने कहा, “हमारा संघर्ष सिर्फ और सिर्फ परीक्षाओं में हो रहे पेपर लीक और भर्ती प्रणाली में सुधार को लेकर है। यदि इसमें राजनीतिक दल अपनी रोटियां सेकने आएंगे, तो सरकार को हमारे इस पवित्र आंदोलन को ‘राजनीति से प्रेरित’ बताकर दबाने का सीधा मौका मिल जाएगा।” विवाद बढ़ने के बाद प्रदर्शनकारी छात्रों के कुछ गुटों ने सोशल मीडिया पर बाकायदा वीडियो संदेश जारी कर सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके से अपील की कि वे छात्रों के हित को देखते हुए इस आंदोलन से दूरी बनाए रखें।
एयरपोर्ट पर सीजेपी प्रमुख का बयान
दूसरी तरफ, लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (अमौसी एयरपोर्ट) पर उतरने के बाद मीडियाकर्मियों से बातचीत में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने अपने कदम का बचाव किया। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं और छात्रों के अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाना उनका संवैधानिक अधिकार है। दीपके ने दावा किया कि उनकी पार्टी इससे पहले भी दिल्ली और पुणे जैसे बड़े शहरों में छात्रों के समर्थन में शांतिपूर्ण और अनुशासित प्रदर्शन कर चुकी है, और लखनऊ में भी वे प्रशासन के सभी नियमों और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पूरी तरह पालन करेंगे। फिलहाल, भारी पुलिस बल की मौजूदगी में इको गार्डन में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।










