NEET Paper Leak: स्पीकर से मुलाकात के बाद विपक्ष सख्त, बोला- शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बिना नहीं होगी चर्चा

NEET पेपर लीक मामले को लेकर लोकसभा स्पीकर से मुलाकात के बाद विपक्ष ने अपना रुख और सख्त कर दिया है। विपक्ष का कहना है कि जब तक शिक्षा मंत्री का इस्तीफा नहीं होगा, तब तक इस मुद्दे पर संसद में चर्चा नहीं होगी। इस मांग को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव तेज हो गया है।

NEET Paper Leak

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जुलाई 23, 2026

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NEET Paper Leak: संसद भवन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच चल रहे भारी गतिरोध के बीच गुरुवार को राजनीति का पारा एक बार फिर चढ़ गया। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव समेत विपक्ष के कई दिग्गज नेताओं ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से उनके कार्यालय में मुलाकात की। यह हाई-प्रोफाइल मुलाकात ऐसे बेहद संवेदनशील समय में हुई है, जब देश भर में नीट (NEET) पेपर लीक और अन्य परीक्षाओं में गड़बड़ियों के मामले को लेकर सदन की कार्यवाही में लगातार रुकावटें आ रही हैं और विपक्ष सरकार को घेरने में जुटा हुआ है।

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ा पूरा विपक्ष

मुलाकात के बाद कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ सांसद केसी वेणुगोपाल ने मीडिया से बातचीत करते हुए स्पष्ट किया कि सभी विपक्षी दलों ने आपसी सहमति से यह कड़ा निर्णय लिया है कि वे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पद से इस्तीफा दिए बिना सदन की किसी भी चर्चा या बहस में शामिल नहीं होंगे। उन्होंने बताया कि विपक्षी प्रतिनिधिमंडल ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को इस स्पष्ट फैसले से आधिकारिक तौर पर अवगत करा दिया है। विपक्ष का मुख्य तर्क यह है कि इस पूरी धांधली की नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री को तुरंत अपने पद से हट जाना चाहिए।

डीएमके और आप को छोड़कर बैठक में शामिल हुए कई दल

लोकसभा अध्यक्ष के साथ हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता मौजूद रहे। हालांकि, इस बैठक में डीएमके (DMK) और आम आदमी पार्टी (AAP) को छोड़कर अन्य सभी प्रमुख विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए और उन्होंने एकजुटता दिखाई। इसके अलावा, इस प्रतिनिधिमंडल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता सौगत रॉय और सांसद महुआ मोइत्रा भी विशेष रूप से उपस्थित थीं। बैठक के दौरान विपक्षी दलों के नेताओं ने लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष यह मांग भी पुरजोर तरीके से रखी कि सांसद कल्याण बनर्जी का हालिया निलंबन तुरंत प्रभाव से रद्द किया जाए।

प्रश्नकाल के दौरान स्पीकर ने की थी चर्चा की पेशकश

इससे पहले संसद के प्रश्नकाल के दौरान, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन को सुचारू रूप से चलाने के लिए विपक्ष के वरिष्ठ नेताओं से आग्रह किया था कि वे आगे आकर चर्चा की अवधि, समय और तारीख पर खुलकर बातचीत करें। स्पीकर ने सदन में यह भी स्पष्ट किया था कि देश की सरकार किसी भी गंभीर मुद्दे पर व्यापक बहस के लिए पूरी तरह से तैयार है, और वे विपक्ष द्वारा दिए गए सकारात्मक सुझावों के आधार पर सदन के तय नियमों के तहत ही बहस की अनुमति देने के लिए अपनी सहमति देने को भी तैयार हैं।

देश भर के छात्रों का विरोध प्रदर्शन और बढ़ता राजनीतिक दबाव

गौरतलब है कि देश भर के विभिन्न शिक्षण संस्थानों और छात्र संगठनों द्वारा नीट पेपर लीक को लेकर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। छात्र और युवा सड़क से लेकर संसद तक न्याय की गुहार लगा रहे हैं और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। विपक्ष के इस कड़े रुख और संसद में लगातार जारी हंगामे के कारण केंद्र सरकार पर राजनीतिक दबाव काफी हद तक बढ़ गया है, जिससे आने वाले दिनों में संसद का यह सत्र और अधिक हंगामेदार होने की पूरी संभावना जताई जा रही है।

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