UP Politics: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने देश की राजधानी दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस की कार्यशैली पर बेहद गंभीर और संगीन आरोप लगाए हैं। बुधवार को संसद भवन परिसर में पत्रकारों से मुखातिब होते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि जब पुलिस उन्हें हिरासत में लेने का प्रयास कर रही थी, तब सुरक्षाकर्मियों ने अभद्रता की सीमा लांघ दी। विपक्षी नेताओं के साथ हुए इस दुर्व्यवहार पर आक्रोश व्यक्त करते हुए अखिलेश यादव ने सीधे तौर पर पुलिस महकमे को कटघरे में खड़ा किया और पूछा कि आख़िर सुरक्षा बलों को नेताओं के कपड़े फाड़ने की यह अमानवीय ट्रेनिंग कहाँ से मिली है?
खादी की मजबूती ने बचाई लाज
अखिलेश यादव ने मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान पूरे घटनाक्रम की तफ़्सील साझा की। उन्होंने कहा, “प्रदर्शन के दौरान पुलिस वाले हमारे कपड़े पकड़कर खींच रहे थे। मैंने खुद उस पुलिसकर्मी को देखा जो मेरा कुर्ता खींच रहा था, मैंने उससे कहा भी कि भाई तू कुर्ता क्यों फाड़ रहा है?” सपा मुखिया ने दावा किया कि वे उस अभद्र व्यवहार करने वाले पुलिस जवान का चेहरा अच्छी तरह पहचानते हैं। उन्होंने मजाकिया और तीखे लहजे में कहा कि उनका कुर्ता बहुत मजबूत था और वह गांधी आश्रम की खादी से बना हुआ था, साथ ही उनकी सदरी (जैकेट) भी मजबूत थी, इसी वजह से वह फटने से बच गई। उन्होंने चुनौती दी कि अगर उस पुलिसकर्मी को उनके सामने खड़ा कर दिया जाए, तो वह उसे तुरंत पहचान लेंगे।
तस्वीरों और वीडियो में कैद हुई पुलिस की बर्बरता
सपा अध्यक्ष ने इस बात पर जोर दिया कि इस पूरे घटनाक्रम के पुख्ता डिजिटल साक्ष्य मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस की इस बर्बरता और धक्का-मुक्की की पूरी वीडियो रिकॉर्डिंग और तस्वीरें उपलब्ध हैं। अखिलेश यादव ने रोष जताते हुए कहा कि पुलिस इस तरह से हिंसक तरीके से कपड़े क्यों फाड़ने लगी है, इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। उन्होंने आगे कांग्रेस नेता राहुल गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि इस अफरा-तफरी और खींचतान में राहुल गांधी जी को भी चोटें आई हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि लोकतांत्रिक देश में विपक्षी सांसदों और जनप्रतिनिधियों के साथ इस तरह का दमनकारी और अलोकतांत्रिक व्यवहार आख़िर किसके इशारे पर किया जा रहा है?
पीएम आवास पर विपक्ष का महाप्रदर्शन
आपको बता दें कि यह पूरा सियासी ड्रामा मंगलवार को उस समय शुरू हुआ जब छात्रों के आंदोलन पर हुई पुलिसिया कार्रवाई और उनके अधिकारों के समर्थन में विपक्ष एकजुट हुआ था। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सांसद प्रधानमंत्री आवास (PM Residence) का घेराव करने और शांतिपूर्ण धरना देने पहुंचे थे। राहुल गांधी के आह्वान पर कुछ ही देर बाद समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव भी अपने भारी समर्थकों के साथ वहां पहुंच गए। इसके बाद सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को जबरन खदेड़ना और हिरासत में लेना शुरू कर दिया। पुलिस बल ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाशिन और अखिलेश यादव जैसे शीर्ष कद्दावर नेताओं को सड़क से जबरन उठाकर गाड़ियों में भर दिया, जिसके बाद से देश की राजनीति में भूचाल आ गया है।










