NEET Papaer Leak: देशभर में जारी नीट (NEET) पेपर लीक विवाद और इस तनाव के कारण छात्रों द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटनाओं को लेकर राजनीतिक और सामाजिक आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक अत्यंत संवेदनशील पत्र लिखकर पीड़ित परिवारों के लिए बड़े वित्तीय संबल की मांग की है। दीपके ने अपने पत्र में मांग की है कि परीक्षा व्यवस्था की विफलता के कारण मानसिक तनाव में आकर सुसाइड करने वाले प्रत्येक छात्र के बेसहारा परिवार को सरकार की ओर से तत्काल 1 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि (मुआवजा) दी जाए। इसके साथ ही उन्होंने इस अभूतपूर्व संकट के लिए पूरी जवाबदेही तय करने का आग्रह किया है।
अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर जताई गहरी चिंता
अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित इस आधिकारिक पत्र में देश के युवाओं और परीक्षा की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के बिगड़ते मानसिक स्वास्थ्य पर गहरी चिंता व्यक्त की है। दीपके ने लिखा, “मैं आज अत्यंत भारी मन से आपको यह पत्र लिख रहा हूँ, ताकि आपका ध्यान एक ऐसे गंभीर और जानलेवा संकट की ओर आकर्षित कर सकूँ, जो हमारे राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य को ही सीधे खतरे में डाल रहा है।” उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार सामने आने वाली धांधली, कुप्रबंधन और पेपर लीक के कारण देश का छात्र वर्ग गहरे डिप्रेशन और मानसिक दबाव को झेलने के लिए मजबूर हो गया है, जिससे परीक्षा प्रणाली से उनका भरोसा पूरी तरह उठ चुका है।
महज एक सप्ताह में 11 नीट उम्मीदवारों ने गंवाई जान
युवाओं की असमय मौतों के भयावह आंकड़ों को सामने रखते हुए कॉकरोच जनता पार्टी के अध्यक्ष ने पत्र में दावा किया कि अकेले पिछले एक सप्ताह के भीतर ही 11 नीट (NEET) उम्मीदवारों ने मानसिक तनाव के चलते मौत को गले लगा लिया है। उन्होंने आगे रेखांकित किया कि सबसे ज्यादा विचलित और दिल दहला देने वाली बात यह है कि इनमें से पांच दुखद घटनाएं पिछले महज 48 घंटों के भीतर घटित हुई हैं। दीपके का सीधा आरोप है कि सरकार और परीक्षा नियामक एजेंसियों द्वारा समय पर सुधारात्मक कदम न उठाए जाने और परीक्षा विवादों के लगातार सुर्खियों में बने रहने के कारण ही छात्र इस आत्मघाती कदम को उठाने पर विवश हो रहे हैं।
भारी-भरकम शैक्षिक ऋण (एजुकेशन लोन) के बोझ तले दबे बेसहारा परिवार
शोकसंतप्त परिवारों की जमीनी और दयनीय स्थिति का हवाला देते हुए अभिजीत दीपके ने पत्र में लिखा कि पिछले दो महीनों में उन्होंने व्यक्तिगत रूप से देश के कई हिस्सों में जाकर उन पीड़ित पिताओं और माताओं से मुलाकात की है, जिनके होनहार बच्चों ने व्यवस्था की कमियों के कारण दम तोड़ दिया। उन्होंने पत्र में लिखा, “अपने कलेजे के टुकड़े को खोने के असहनीय भावनात्मक आघात के अलावा, ये बदकिस्मत परिवार अब गंभीर वित्तीय संकट और आर्थिक बर्बादी का सामना कर रहे हैं।” दीपके ने बताया कि बच्चों के डॉक्टर बनने के सपनों को साकार करने के लिए इन निम्न और मध्यमवर्गीय परिवारों ने अपनी पूरी जमा-पूंजी लगा दी थी और बैंकों व साहूकारों से भारी मात्रा में कर्ज लिया था, जो इस विफलता के कारण चकनाचूर हो गया। इसलिए सरकार को तत्काल आगे आकर इन्हें 1-1 करोड़ की आर्थिक राहत देनी चाहिए।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और बर्खास्तगी की मांग तेज
इस पूरे परीक्षा घोटाले और छात्रों की मौतों के लिए कॉकरोच जनता पार्टी ने सीधे तौर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को जिम्मेदार ठहराया है। अभिजीत दीपके ने अपनी पार्टी के रुख को दोहराते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे या उन्हें कैबिनेट से बर्खास्त करने की पुरजोर वकालत की है। उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा, “हमारी पार्टी पिछले एक महीने से शिक्षा मंत्री की बर्खास्तगी को लेकर देश के कोने-कोने में उग्र विरोध प्रदर्शन कर रही है। देश के करोड़ों छात्रों और अभिभावकों की बस यही मांग है कि इस अपूरणीय जानमाल के नुकसान के लिए सर्वोच्च स्तर पर प्रशासनिक जवाबदेही तय की जाए। यह बार-बार का कुप्रबंधन हमारे पूरे शिक्षा तंत्र के पतन की ओर इशारा करता है, जिस पर अब खुद प्रधानमंत्री को अंतिम और कड़ा निर्णय लेना होगा।”










