Nanded Talwar Baba: महाराष्ट्र के नांदेड़ में ‘तलवार बाबा’ का खौफनाक चेहरा उजागर, अंधविश्वास के नाम पर कर रहा था मासूमों का शोषण!

महाराष्ट्र के नांदेड़ में पुलिस ने एक ऐसे ढोंगी तांत्रिक 'तलवार बाबा' का पर्दाफाश किया है जो तलवार की नोक पर लोगों का 'इलाज' करने का दावा करता था। अंधविश्वास के जाल में फंसाकर वह महिलाओं और मासूमों का शोषण कर रहा था। पुलिस की छापेमारी में जो राज खुले हैं, उन्होंने सबको चौंका दिया है!

Nanded Talwar Baba

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अप्रैल 2, 2026

Nanded Talwar Baba: महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले से अंधविश्वास और पाखंड के एक बड़े खेल का खुलासा हुआ है। संतों की भूमि कहे जाने वाले इस क्षेत्र में हाल के दिनों में कई भोंदू बाबाओं के काले कारनामे उजागर हुए हैं। अशोक खरात और हरिगिरी महाराज जैसे धोखेबाजों के बाद अब बिलोली तहसील के ‘तलवार बाबा’ का मुखौटा उतर गया है। इस तथाकथित बाबा का वास्तविक नाम ज्ञानेश्वर करडे है। नांदेड़ पुलिस ने एक सुनियोजित कार्रवाई के तहत इस पाखंडी को गिरफ्तार किया है, जो खुद के शरीर में दैवीय शक्ति आने का ढोंग रचकर मासूम लोगों को अपना शिकार बना रहा था। इसकी गिरफ्तारी की खबर फैलते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।

दैवीय शक्ति का दिखावा और ‘मंत्र वाले नींबू’ का जाल

जांच में यह बात सामने आई है कि ज्ञानेश्वर करडे पिछले चार वर्षों से एक मंदिरनुमा स्थान पर अपना ‘दरबार’ सजाता था। वह लोगों के बीच यह भ्रम फैलाता था कि उसके पास अलौकिक शक्तियां हैं और वह किसी भी समस्या का समाधान कर सकता है। वह अक्सर हाथ में तलवार लेकर बैठता था और शरीर में देवता के आने का नाटक करता था। अंधविश्वास के जाल में फंसे लोगों को वह पारिवारिक कलह दूर करने, लाइलाज बीमारियों को ठीक करने और ‘बाहरी बाधाओं’ को हटाने का झांसा देता था। इसके लिए वह लोगों को ‘मंत्र वाले नींबू’ देता था और बदले में उनसे मोटी रकम, जेवरात और अन्य कीमती सामान की मांग करता था।

तलवार का खौफ दिखाकर महिलाओं और बच्चों का मानसिक शोषण

ज्ञानेश्वर करडे का आतंक केवल आर्थिक लूट तक सीमित नहीं था। वह अपने दरबार में आने वाली महिलाओं और बच्चों को डराने के लिए तलवार का इस्तेमाल करता था। वह उन्हें नरक का डर दिखाकर या श्राप देने की धमकी देकर मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था। तलवार दिखाकर वह एक ऐसा माहौल बनाता था जिससे लोग उसके सामने आवाज उठाने की हिम्मत न कर सकें। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने कई परिवारों की भावनाओं और मजबूरी का फायदा उठाकर उनका मानसिक और आर्थिक शोषण किया है।

पुलिस की छापेमारी और सरकारी काम में बाधा का प्रयास

लगातार मिल रही शिकायतों के बाद सब-डिविजनल पुलिस ऑफिसर श्याम पानेगांवकर और पुलिस इंस्पेक्टर अतुल भोसले के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने जाल बिछाकर जब बाबा के ठिकाने पर छापेमारी की, तो वहां से अंधविश्वास फैलाने वाली भारी मात्रा में सामग्री और हथियार जब्त किए गए। कार्रवाई के दौरान आरोपी के समर्थकों, शिवकांत मेलारे और नबाजी वाघेकर ने पुलिस टीम के साथ बदसलूकी की और सरकारी काम में रुकावट डालने की कोशिश की। पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए मुख्य आरोपी के साथ-साथ इन समर्थकों को भी हिरासत में ले लिया है।

जादूटोना एक्ट के तहत मामला दर्ज: पुलिस की जनता से अपील

पुलिस ने ज्ञानेश्वर करडे और उसके सहयोगियों के खिलाफ ‘महाराष्ट्र जादूटोना विरोधी कानून’ (Anti-Superstition Act) और सरकारी कार्य में बाधा डालने की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस निरीक्षक अतुल भोसले ने जनता को संदेश देते हुए कहा कि अंधविश्वास समाज के लिए एक गंभीर बीमारी की तरह है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे विज्ञान पर भरोसा करें और ऐसे किसी भी पाखंडी के झांसे में न आएं जो चमत्कार का दावा करता हो। यदि कोई भी व्यक्ति धर्म या दैवीय शक्ति के नाम पर शोषण करने की कोशिश करे, तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में इसकी रिपोर्ट करें। पुलिस प्रशासन ऐसे तत्वों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रहा है।

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