LPG Crisis in Mumbai: गैस किल्लत की मार! मुंबई में थमने लगी होटलों की रफ्तार, सरकार का बड़ा एक्शन

मुंबई में एलपीजी (LPG) का गंभीर संकट खड़ा हो गया है, जिससे शहर के 20% होटल बंद हो चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय तनाव और सप्लाई चेन बाधित होने के कारण रिफाइनरी उत्पादन पर असर पड़ा है। सरकार ने जमाखोरी रोकने के लिए 25 दिनों का 'इंटर-बुकिंग' नियम लागू किया है, जिससे रेस्टोरेंट उद्योग में हड़कंप मचा है।

LPG Cylinder Crisis

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

मार्च 10, 2026

LPG Crisis in Mumbai: महाराष्ट्र की आर्थिक राजधानी मुंबई इस समय एक अभूतपूर्व एलपीजी (LPG) संकट से जूझ रही है। शहर की लाइफलाइन माने जाने वाले होटल और रेस्टोरेंट उद्योग पर इसकी सबसे मारक चोट पड़ी है। ईंधन की किल्लत इस कदर बढ़ गई है कि महानगर के लगभग 20 प्रतिशत होटल पहले ही अपनी सेवाओं पर ताला लगा चुके हैं। ‘आहार’ (एसोसिएशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट) ने एक गंभीर चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि यदि अगले 72 घंटों के भीतर गैस की आपूर्ति सुचारू नहीं की गई, तो शहर के 50 प्रतिशत से अधिक रेस्टोरेंट बंद हो जाएंगे। डोंगरी जैसे व्यस्त इलाकों में कई भोजनालय बंद होने से हजारों दिहाड़ी मजदूरों और कामगारों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।

LPG Crisis: रांची में गहराया ईंधन और LPG संकट! सांसद महुआ माजी ने केंद्र की विदेश नीति पर उठाए सवाल

कमर्शियल गैस सिलेंडरों की किल्लत

बताते चले कि, मुंबई जैसे घने बसे महानगर में जगह की भारी कमी होटल मालिकों के लिए दोहरी मुसीबत बन गई है। सुरक्षा नियमों और स्थान के अभाव के कारण रेस्टोरेंट संचालक भारी मात्रा में गैस सिलेंडरों का स्टॉक नहीं कर सकते। वर्तमान आपूर्ति बाधित होने से उनके पास बैकअप की कोई सुविधा नहीं बची है। कई बड़े होटलों का दावा है कि उनके पास महज कुछ घंटों का ईंधन शेष है। इस ‘टोटल शटडाउन’ की स्थिति से बचने के लिए होटल संगठनों का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही संबंधित मंत्रियों और सरकारी अधिकारियों से मुलाकात कर तत्काल हस्तक्षेप की गुहार लगाने वाला है।

वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव

इस संकट की जड़ें अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के पार तक फैली हुई हैं। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध और तनाव ने वैश्विक तेल और गैस की सप्लाई चेन (आपूर्ति श्रृंखला) को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। खाड़ी देशों से आने वाले कच्चे माल में कटौती और परिवहन मार्ग में हो रही देरी का सीधा असर भारत की रिफाइनरियों के उत्पादन पर पड़ा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में मची इस उथल-पुथल के कारण घरेलू और कमर्शियल दोनों ही क्षेत्रों में गैस सिलेंडरों की उपलब्धता में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिसका केंद्र अब मुंबई बना हुआ है।

रिफाइनरियों के लिए केंद्र सरकार के सख्त निर्देश

हालात की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने मोर्चा संभाल लिया है। केंद्र सरकार ने देश की सभी प्रमुख ऑयल रिफाइनरियों को ‘प्रोडक्शन अलर्ट’ जारी करते हुए आदेश दिया है कि वे अन्य पेट्रो उत्पादों की तुलना में एलपीजी के उत्पादन को प्राथमिकता दें। सरकार की पहली प्राथमिकता आम नागरिकों के घरों में रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना है। रिफाइनरियों को अपनी तकनीकी क्षमता का पूर्ण उपयोग करते हुए युद्ध स्तर पर काम करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि अनिवार्य सेवाओं और घरेलू उपयोग के लिए स्टॉक की कमी को दूर किया जा सके।

ब्लैक मार्केटिंग रोकने हेतु बुकिंग नियमों में कड़ा बदलाव

बाजार में गैस की कमी का फायदा उठाकर मुनाफाखोरी करने वालों पर लगाम लगाने के लिए मंत्रालय ने सख्त कदम उठाए हैं। अब ‘इंटर-बुकिंग पीरियड’ को बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है। इसका अर्थ है कि कोई भी उपभोक्ता (घरेलू या कमर्शियल) एक सिलेंडर बुक करने के 25 दिनों बाद ही दूसरा सिलेंडर बुक कर सकेगा। इस प्रतिबंध का मुख्य उद्देश्य सिलेंडरों के अनावश्यक भंडारण और ब्लैक मार्केटिंग को रोकना है। अधिकारियों को उम्मीद है कि इस समान वितरण प्रणाली से उपलब्ध गैस स्टॉक को अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों तक पहुँचाया जा सकेगा।

LPG Crisis: पहले बढ़ी कीमत,अब LPG सिलेंडर आपूर्ति की किल्लत….मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच सरकार का बड़ा फैसला