Mojtaba Khamenei Era: ईरान में मोजतबा खामेनेई युग की शुरुआत, राष्ट्रीय एकता सप्ताह और होर्मुज पर कड़ा रुख

ईरान में मोजतबा खामेनेई के युग की आधिकारिक शुरुआत हो चुकी है! 'राष्ट्रीय एकता सप्ताह' के जश्न के बीच उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ऐसा कड़ा रुख अपनाया है जिसने वैश्विक अर्थव्यवस्था को हिला दिया है। क्या मोजतबा का यह पहला कदम दुनिया की तेल सप्लाई लाइन को हमेशा के लिए काट देगा?

Mojtaba Khamenei Era

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मार्च 13, 2026

Mojtaba Khamenei Era: ईरान के भीतर मचे भारी राजनीतिक घटनाक्रम के बीच तेहरान प्रशासन ने अपनी आंतरिक शक्ति के प्रदर्शन की व्यापक तैयारी कर ली है। उपराष्ट्रपति मोहम्मद-रेजा आरिफ ने आधिकारिक तौर पर देशभर में ‘राष्ट्रीय एकता और एकजुटता सप्ताह’ मनाने की घोषणा की है। यह निर्णय नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के उस पहले सार्वजनिक संदेश से प्रेरित है, जिसमें उन्होंने ईरानी आवाम से आपसी मतभेदों को भुलाकर एकजुट होने का आह्वान किया है। बाहरी सैन्य खतरों और कूटनीतिक दबावों के बीच ईरान खुद को भीतर से अभेद्य बनाने की कोशिश में जुटा है, ताकि वैश्विक मंच पर एक मजबूत और अखंड राष्ट्र की छवि पेश की जा सके।

जनता की ताकत और सुरक्षा का नया सुरक्षा ढांचा

उपराष्ट्रपति मोहम्मद-रेजा आरिफ ने देश को संबोधित करते हुए कहा कि ईरान की संप्रभुता और सुरक्षा की असली चाबी केवल हथियारों में नहीं, बल्कि जनता की सक्रिय भागीदारी और अटूट एकजुटता में निहित है। नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के विजन को धरातल पर उतारने के लिए प्रशासन अब नागरिकों को जोड़ने के उद्देश्य से कई राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार कर रहा है। इस विशेष सप्ताह का प्राथमिक लक्ष्य मनोवैज्ञानिक और सामाजिक रूप से देश की आंतरिक दीवारों को इतना मजबूत करना है कि कोई भी बाहरी ताकत ईरान की स्थिरता को चुनौती न दे सके।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर आक्रामक रुख: वैश्विक व्यापार के लिए संकट

नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने पदभार संभालते ही वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है। उन्होंने सामरिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को लेकर बेहद कड़ा और आक्रामक रुख अपनाया है। खामेनेई ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस रणनीतिक मार्ग को नियंत्रित करने और जरूरत पड़ने पर बंद रखने के प्रभावी तरीकों का निरंतर अभ्यास किया जाना चाहिए। चूंकि दुनिया के कच्चे तेल की आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है, इसलिए ईरान की यह सैन्य नीति अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों को बढ़ाने और समुद्री यातायात के लिए बड़ा संकट पैदा कर सकती है।

संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका पर पलटवार और सुरक्षा का दावा

संयुक्त राष्ट्र में ईरान के स्थायी प्रतिनिधि अमीर सईद इरावानी ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर तेहरान का पक्ष मजबूती से रखा है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि होर्मुज क्षेत्र में शांति बनाए रखना और अपनी सीमाओं की रक्षा करना ईरान का ‘जन्मजात अधिकार’ है। इरावानी ने सीधे तौर पर अमेरिका पर आरोप लगाया कि खाड़ी क्षेत्र में अस्थिरता का मुख्य कारण अमेरिकी सैन्य गतिविधियां और ईरान विरोधी अभियान हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यद्यपि ईरान अंतरराष्ट्रीय नेविगेशन की स्वतंत्रता का सम्मान करता है, लेकिन अपनी क्षेत्रीय सुरक्षा और संप्रभुता के साथ कोई भी समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

अली खामेनेई की मृत्यु के बाद बदला हुआ क्षेत्रीय समीकरण

ईरान में यह बड़ा नीतिगत बदलाव 28 फरवरी की उस घटना के बाद आया है, जिसने पश्चिम एशिया का भूगोल बदल दिया। अमेरिका और इजराइल द्वारा किए गए भीषण हवाई हमलों में ईरान के तत्कालीन सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की जान चली गई थी। इस हमले के प्रतिशोध में ईरान ने भी इजराइली और अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर दर्जनों मिसाइलों और ड्रोनों से हमला कर अपनी सैन्य क्षमता का प्रदर्शन किया था। अब मोजतबा खामेनेई के नेतृत्व में ईरान न केवल अपने पुराने घावों को भरने की कोशिश कर रहा है, बल्कि रक्षा नीतियों को पहले से कहीं अधिक आक्रामक और मारक बनाने की दिशा में बढ़ रहा है।

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