Milk Price Hike: चाय से लेकर पनीर तक सब होगा महंगा, 1 जून से इस राज्य में बढ़ रहे हैं दूध के दाम

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर वैश्विक बाजारों पर दिख रहा है। भारत समेत कई देशों में ईंधन और रोजमर्रा की चीजों की कीमतें बढ़ने लगी हैं, जिससे आम लोगों पर महंगाई का बोझ बढ़ रहा है।

Milk Price Hike

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

मई 20, 2026

Milk Price Hike: वैश्विक स्तर पर चल रहे भू-राजनीतिक तनावों और संघर्षों का असर अब सीधे आम आदमी की रसोई पर पड़ने लगा है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी टकराव के कारण दुनिया भर में ईंधन और रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की कीमतें आसमान छू रही हैं। भारत में भी पिछले दिनों पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी के बाद अब अन्य जरूरी सामान भी महंगे होने लगे हैं। इसी कड़ी में केरल के सबसे बड़े दुग्ध सहकारी संगठन मिल्मा (Milma) ने आम उपभोक्ताओं को महंगाई का एक और बड़ा झटका देते हुए दूध की कीमतों में ₹4 प्रति लीटर की बढ़ोतरी का एलान कर दिया है। यह नई दरें 1 जून 2026 से पूरे राज्य में प्रभावी हो जाएंगी।

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निदेशक मंडल की बैठक में सर्वसम्मति से पास हुआ प्रस्ताव

केरल सहकारी दुग्ध विपणन महासंघ (KCMMF) की निदेशक मंडल की हालिया बैठक में दूध के दाम बढ़ाने का यह फैसला बेहद मजबूरी में और सर्वसम्मति से लिया गया है। मिल्मा प्रबंधन के अनुसार, पिछले काफी समय से दूध के उत्पादन और पैकेजिंग लागत में लगातार वृद्धि हो रही थी, जिसके कारण कीमतों को नियंत्रित रख पाना अब संभव नहीं रह गया था। इस नए निर्णय के बाद, 1 जून से राज्य भर में मिलने वाले मिल्मा ब्रांड के सभी प्रकार के दूध पैकेट्स की कीमतों में ₹4 प्रति लीटर का इजाफा हो जाएगा।

आम जनता की जेब ढीली, लेकिन डेयरी किसानों को मिलेगा सीधा फायदा

मिल्मा के अध्यक्ष के. एस. मणि ने इस मूल्य वृद्धि पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि मिल्मा मूल रूप से एक ऐसा संगठन है जो पूरी तरह डेयरी किसानों के हितों के लिए काम करता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि ग्राहकों से वसूली जाने वाली इस बढ़ी हुई कीमत का एक बहुत बड़ा हिस्सा सीधे तौर पर डेयरी किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाएगा।

क्यों जरूरी थी कीमतों में बढ़ोतरी?

पिछले कुछ वर्षों में पशुपालन के क्षेत्र में लागत बहुत ज्यादा बढ़ गई है। पशु आहार (Cattle Feed), सूखा और हरा चारा, दवाइयां और अन्य जरूरी इनपुट्स की कीमतों में भारी उछाल आया है। इन विपरीत परिस्थितियों के कारण किसानों के लिए दूध का उत्पादन जारी रखना और अपनी आजीविका चलाना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया था। इस मूल्य वृद्धि के जरिए किसानों की बढ़ती उत्पादन लागत को संतुलित करने और उन्हें आर्थिक संबल देने का प्रयास किया जा रहा है।

रसोई का बजट बिगड़ेगा

मिल्मा द्वारा दूध के दाम बढ़ाए जाने के बाद केरल में आम आदमी के घरेलू बजट पर इसका सीधा और बड़ा असर देखने को मिलेगा। दूध महंगा होने से न केवल सुबह की चाय-कॉफी का स्वाद महंगा हो जाएगा, बल्कि बच्चों के पोषण के लिए दूध खरीदना भी आम परिवारों के लिए थोड़ा और बोझिल होगा। दूध की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर इससे बनने वाले अन्य उत्पादों जैसे दही, छाछ, पनीर, मक्खन, घी और मिठाइयों पर भी पड़ेगा। आने वाले दिनों में इन सभी चीजों की कीमतों में भी आनुपातिक बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

पूरे बाजार पर पड़ेगा व्यापक प्रभाव

चूंकि केरल के दुग्ध बाजार में ‘मिल्मा’ सबसे बड़ा, भरोसेमंद और मुख्यधारा का ब्रांड है, इसलिए इसकी कीमतों में बदलाव का असर पूरे राज्य के डेयरी सेक्टर पर पड़ना तय है। मिल्मा के इस कदम के बाद, बाजार में मौजूद अन्य निजी डेयरियां (Private Dairies) भी अपनी कीमतों को बढ़ाने के लिए मजबूर हो सकती हैं, जिससे आने वाले दिनों में उपभोक्ताओं को राहत मिलने की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है।

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