Meerut Dalit Student Case: पीड़ित परिवार से मिले अखिलेश यादव, बोले- PDA अब सहेगा नहीं

मेरठ के चर्चित दलित छात्र मामले में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर न्याय का भरोसा दिलाया। इस दौरान उन्होंने कहा कि 'PDA अब सहेगा नहीं'। उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है। आखिर इस मुलाकात के क्या राजनीतिक और सामाजिक मायने हैं? जानिए पूरी रिपोर्ट।

Meerut Dalit Student Case

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जुलाई 11, 2026

Meerut Dalit Student Case:  मेरठ में दलित छात्रा ललिता गौतम की निर्मम हत्या का मामला अब एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बन चुका है। घटना के बाद से ही इलाके में भारी रोष है और अब इस मामले ने पूरी तरह से तूल पकड़ लिया है। इसी कड़ी में समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मेरठ पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी और न्याय की इस कठिन लड़ाई में मजबूती से साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया। सपा प्रमुख ने राज्य की भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सरकार से स्पष्ट रूप से मांग की है कि वह पीड़ित परिवार की सभी मांगों को तुरंत पूरा करे और मृतका को जल्द से जल्द न्याय दिलाया जाए।

पुलिस की कार्रवाई पर सपा प्रमुख ने उठाए गंभीर सवाल

इस मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक तीखा पोस्ट कर राज्य सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े किए। उन्होंने लिखा, “जब वो खुद ही बेलगाम है जिसके हाथ में लगाम है, तो फिर उनका क्या, जो उनके दरबार में दरबान है!” उन्होंने मेरठ की इस घटना को ‘महा-अत्याचार’ करार देते हुए पुलिस की जांच प्रक्रिया पर गहरी आपत्ति जताई। अखिलेश ने आरोप लगाया कि नामजद आरोपियों के खिलाफ बेहद कमजोर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है, जबकि इसके विपरीत, मृतका को न्याय दिलाने के लिए प्रदर्शन कर रहे शांतिपूर्ण आंदोलनकारियों पर संगीन धाराएं थोप दी गई हैं। सपा प्रमुख ने इस रवैये को नाइंसाफी की चरम पराकाष्ठा बताया।

पुलिस के कथित अहंकार और वायरल वीडियो पर तीखा प्रहार

पूर्व मुख्यमंत्री ने पुलिस प्रशासन के असंवेदनशील रवैये पर भी कड़ा प्रहार किया। उन्होंने लिखा कि जिस पुलिस से आम जनता को न्याय और सुरक्षा की उम्मीद होती है, उसी के उच्चाधिकारी अहंकार में चूर होकर जनता के साथ बुरा बर्ताव कर रहे हैं। अखिलेश ने एक वायरल वीडियो का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें पुलिस का अन्यायपूर्ण चेहरा पूरी दुनिया के सामने आ गया है, जिससे उत्तर प्रदेश पुलिस की छवि को गहरा आघात पहुंचा है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं से वे ईमानदार पुलिसकर्मी भी शर्मिंदा महसूस करते हैं, जो मानवीय दृष्टिकोण और पूरी कर्तव्यपरायणता के साथ जनता की सेवा में लगे रहते हैं।

‘पीडीए अब सहेगा नहीं’: भाजपा सरकार पर सीधा निशाना

अपने पोस्ट के अंत में अखिलेश यादव ने ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) का जिक्र करते हुए हुंकार भरी कि “पीडीए अब सहेगा नहीं, कहेगा!” उन्होंने सत्ताधारी दल पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि जिस राज्य के मुखिया (मुख्यमंत्री) स्वयं एक शोक-संतप्त मां के साथ अभद्रतापूर्ण भाषा का प्रयोग करें, वहां की पुलिस से न्याय या संवेदनशीलता की उम्मीद करना पूरी तरह बेमानी है। अखिलेश ने कहा कि “मस्तिष्क का आदेश ही उंगलियां मानती हैं,” यानी सरकार का जो रवैया है, वही पुलिस प्रशासन में भी दिखाई दे रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब प्रदेश की जनता भाजपा नेताओं के खोखले भाषण सुनने के मूड में बिल्कुल नहीं है और वह न्याय के लिए खड़ी होगी।

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