Hamid Ansari Row : हामिद अंसारी के बयान पर बीजेपी हमलावर, सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर उठाए सवाल

पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने एजी नूरानी की किताब के संदर्भ में जवाहरलाल नेहरू से जुड़ी एक टिप्पणी का जिक्र किया। इसके बाद बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस की मौजूदा विचारधारा पर सवाल उठाए और राहुल गांधी को भी निशाने पर लिया। बीजेपी के आरोपों को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है।

Hamid Ansari Row

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

सितम्बर 21, 2026

Hamid Ansari Row  : पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी की ओर से जवाहरलाल नेहरू के एक पुराने कथन का हवाला दिए जाने के बाद देश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। 18 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित एजी नूरानी मेमोरियल लेक्चर में अंसारी ने सांप्रदायिकता और नागरिक राष्ट्रवाद से जुड़े मुद्दों पर विचार रखे थे। इसके बाद बीजेपी ने उनके बयान को लेकर कांग्रेस की मौजूदा वैचारिक दिशा पर सवाल उठाए।

एजी नूरानी की किताब का अंसारी ने दिया संदर्भ

हामिद अंसारी ने अपने संबोधन के दौरान दिवंगत कानूनविद और लेखक एजी नूरानी की 2019 में प्रकाशित किताब The RSS: A Menace to India का उल्लेख किया। इसी किताब में दर्ज एक ऐतिहासिक संदर्भ के आधार पर उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से जुड़ी टिप्पणी का जिक्र किया। रिपोर्टों के मुताबिक, यह टिप्पणी विदेश मंत्रालय के अधिकारियों की एक बैठक से संबंधित रिकॉर्ड में दर्ज बताई गई है, जिसे तत्कालीन विदेश सचिव जगत सिंह गुंडेविया से जोड़ा गया है।

नेहरू के कथित कथन पर बीजेपी की प्रतिक्रिया

अंसारी ने जिस ऐतिहासिक टिप्पणी का हवाला दिया, उसमें भारत के लिए साम्यवाद की तुलना में हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता को बड़ा खतरा बताया गया था। बीजेपी सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसी संदर्भ को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अंसारी द्वारा नेहरू के पुराने संदर्भ को सामने लाने से कांग्रेस की मौजूदा राजनीति पर बहस खड़ी होती है।

सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर लगाए राजनीतिक आरोप

सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस को लेकर तीखी राजनीतिक टिप्पणी की और उसे “मुस्लिम लीग-माओवादी कांग्रेस” बताया। उन्होंने दावा किया कि पार्टी की मौजूदा राजनीति में कथित तौर पर वामपंथी और मुस्लिम लीग से जुड़े राजनीतिक प्रभाव दिखाई देते हैं। ये त्रिवेदी के राजनीतिक आरोप हैं। उपलब्ध रिपोर्टों में कांग्रेस की ओर से इस विशेष टिप्पणी पर तत्काल प्रतिक्रिया का विस्तृत विवरण नहीं है।

कांग्रेस की विचारधारा को लेकर राहुल गांधी पर भी निशाना

बीजेपी प्रवक्ता ने कांग्रेस के कथित वैचारिक बदलाव को राहुल गांधी के राजनीतिक रुख से जोड़कर भी सवाल उठाए। त्रिवेदी ने कहा कि अंसारी द्वारा नेहरू के संदर्भ को सामने लाए जाने से कांग्रेस की विचारधारा को लेकर बीजेपी के तर्क को आधार मिलता है। उन्होंने इस मुद्दे को कांग्रेस की वर्तमान राजनीति और नेहरूवादी विचारधारा के बीच संबंधों के संदर्भ में पेश किया।

केरल में कांग्रेस और IUML गठबंधन का मुद्दा

त्रिवेदी ने केरल की राजनीति का उदाहरण देते हुए कांग्रेस और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग यानी IUML के बीच राजनीतिक सहयोग का भी उल्लेख किया। उन्होंने इस गठबंधन को कांग्रेस की वैचारिक दिशा से जोड़कर सवाल उठाए। हालांकि, गठबंधन को लेकर बीजेपी की व्याख्या एक राजनीतिक पक्ष का दृष्टिकोण है और इसे कांग्रेस की आधिकारिक वैचारिक स्थिति के समान नहीं माना जा सकता।

मुस्लिम लीग के इतिहास का भी किया जिक्र

बीजेपी नेता ने अपने बयान में मुस्लिम लीग के इतिहास का संदर्भ भी उठाया। उन्होंने कांग्रेस के मौजूदा राजनीतिक सहयोग और मुस्लिम लीग की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के बीच संबंध स्थापित करने की कोशिश की। इस दौरान उनके बयान का केंद्र कांग्रेस की वर्तमान राजनीति और उसके विभिन्न दलों के साथ गठबंधन रहे। इन टिप्पणियों को राजनीतिक आरोप और बीजेपी की व्याख्या के रूप में देखना जरूरी है।

नागरिक राष्ट्रवाद और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद पर बहस

हामिद अंसारी ने अपने भाषण में नागरिक राष्ट्रवाद और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के बीच अंतर पर भी चर्चा की थी। उन्होंने ऐसी प्रवृत्तियों को लेकर चिंता व्यक्त की, जिन्हें वे नागरिक राष्ट्रवाद की स्थापित अवधारणा के लिए चुनौती मानते हैं। उनके बयान के बाद बीजेपी सहित कुछ अन्य संगठनों और नेताओं ने भी इसकी आलोचना की, जिससे विवाद और व्यापक हो गया।

ऐतिहासिक संदर्भ और राजनीतिक दावों में अंतर जरूरी

पूरे विवाद का केंद्र एक ऐतिहासिक टिप्पणी है, जिसे हामिद अंसारी ने एजी नूरानी की 2019 की किताब के संदर्भ से सामने रखा। इसके बाद सुधांशु त्रिवेदी ने उसी संदर्भ को कांग्रेस की मौजूदा राजनीति से जोड़कर कई सवाल उठाए। ऐसे में खबर को समझते समय अंसारी द्वारा उद्धृत ऐतिहासिक संदर्भ, नेहरू से जुड़ा रिकॉर्ड और बीजेपी के मौजूदा राजनीतिक आरोप—इन तीनों को अलग-अलग देखना महत्वपूर्ण है।

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