UP Election 2027:कन्नौज सीट पर किस करवट बैठेगा वोट बैंक? SIR के बाद बदला पूरा गणित

यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले कन्नौज विधानसभा सीट का चुनावी गणित चर्चा में है। 2022 में BJP ने 6,090 वोट से जीत दर्ज की थी, जबकि 2024 के लोकसभा चुनाव में इसी विधानसभा क्षेत्र में SP को 34,244 वोट की बढ़त मिली। SIR के बाद 64,733 मतदाताओं की कमी ने पुराने समीकरणों को फिर चर्चा में ला दिया है।

UP Election 2027

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

सितम्बर 21, 2026

UP Election 2027: देश के सबसे बड़े राजनीतिक सूबे उत्तर प्रदेश की सियासत एक बार फिर करवट ले रही है। आगामी विधानसभा चुनावों का यह रण केवल राजनीतिक दलों की साख का सवाल नहीं है, बल्कि यह उस मजबूत सामाजिक और जातीय ताने-बाने की परीक्षा भी है, जो दशकों से लखनऊ की गद्दी का रास्ता तय करता आया है। प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों का अब तक का चुनावी इतिहास गवाह है कि जब-जब यहां समीकरण बदले हैं, सत्ता के सिंहासन का चेहरा भी पूरी तरह बदल गया है।  

BJP का विकास एजेंडा, SP के बेरोजगारी-महंगाई के मुद्दे

उत्तर प्रदेश में लगातार तीसरी बार काबिज होने के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) एक बार फिर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विकास कार्यों, कानून-व्यवस्था और ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को अपना मुख्य हथियार बना रही है। पार्टी को पूरा भरोसा है कि डबल इंजन सरकार की नीतियों के दम पर वह लगातार तीसरी बार इतिहास रचेगी। वहीं, मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (SP) राज्य में बेरोजगारी, महंगाई और स्थानीय स्तर पर सत्ता विरोधी रुझान का हवाला देकर सत्ता में जोरदार वापसी का दावा कर रही है।

कन्नौज में बदला चुनावी गणित

यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले कन्नौज विधानसभा सीट पर चुनावी गणित एक बार फिर चर्चा में है। विधानसभा संख्या 198 वाली कन्नौज सीट कन्नौज लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है और अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। 2022 में पूर्व आईपीएस अधिकारी असीम अरुण ने भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव जीतकर समाजवादी पार्टी के लंबे राजनीतिक प्रभाव को तोड़ा था। लेकिन इसके ठीक दो साल बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में इसी विधानसभा क्षेत्र में समाजवादी पार्टी ने भाजपा पर 34,244 वोट की बढ़त बना ली।

यही वजह है कि 2027 के चुनाव से पहले कन्नौज की कहानी सिर्फ मौजूदा विधायक और पिछली जीत तक सीमित नहीं है। यहां 2007 से 2024 तक के चुनावी परिणाम, अनुसूचित जाति का बड़ा मतदाता आधार, यादव-मुस्लिम समीकरण, गैर-यादव ओबीसी वोट, BSP के बदलते वोट और 2026 की नई मतदाता सूची—सभी मिलकर चुनावी तस्वीर को जटिल बनाते हैं।

कन्नौज विधानसभा: 2022 में BJP की करीबी जीत ने बदला इतिहास

बताते चले कि साल 2022 का विधानसभा चुनाव कन्नौज के लिए काफी महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ। भाजपा के असीम अरुण को 1,20,876 वोट मिले, जबकि समाजवादी पार्टी के अनिल कुमार दोहरे को 1,14,786 वोट मिले। दोनों के बीच अंतर सिर्फ 6,090 वोट का रहा। उपलब्ध चुनावी रिकॉर्ड के अनुसार यह मुकाबला बेहद करीबी था।

कन्नौज विधानसभा चुनाव 2022

प्रत्याशीपार्टीवोटवोट प्रतिशत
असीम अरुणBJP1,20,87644.53%
अनिल कुमार दोहरेSP1,14,78642.29%
समरजीत दोहरेBSP26,2399.67%
सुनील कुमारAIMIM4,4821.65%
विनीता देवीकांग्रेस1,7860.66%
NOTA1,6740.62%

BJP की जीत का अंतर: 6,090 वोट

असीम अरुण के लिए यह पहला विधानसभा चुनाव था। उन्होंने पूर्व आईपीएस अधिकारी के तौर पर राजनीति में प्रवेश किया और कन्नौज सदर से जीत हासिल की। चुनाव परिणामों के बाद उन्हें योगी आदित्यनाथ सरकार में मंत्री बनाया गया।

2024 लोकसभा चुनाव में तस्वीर पलटी

वहीं, साल 2022 में जिस कन्नौज विधानसभा सीट पर भाजपा ने 6,090 वोट से जीत हासिल की थी, उसी विधानसभा खंड में 2024 के लोकसभा चुनाव में तस्वीर बदल गई। 2024 में कन्नौज विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव को 1,38,567 वोट मिले, जबकि भाजपा के सुब्रत पाठक को 1,04,323 वोट मिले। BSP के इमरान बिन जफर को 19,871 वोट मिले। इस तरह SP को भाजपा पर 34,244 वोट की बढ़त मिली।

2024 लोकसभा चुनाव: कन्नौज विधानसभा खंड

पार्टीप्रत्याशीवोटस्थिति
SPअखिलेश यादव1,38,567SP आगे
BJPसुब्रत पाठक1,04,323
BSPइमरान बिन जफर19,871
SP की बढ़त34,244

यह अंतर 2022 की विधानसभा जीत के 6,090 वोट के अंतर से काफी बड़ा था। हालांकि लोकसभा और विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार, मुद्दे, मतदान पैटर्न और गठबंधन अलग होते हैं, इसलिए 2024 के विधानसभा-खंड के आंकड़े को 2027 विधानसभा परिणाम का सीधा पूर्वानुमान नहीं माना जा सकता।

2026 की वोटर लिस्ट ने कन्नौज का पुराना बूथ गणित बदल दिया

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि, 2027 के चुनाव से पहले कन्नौज विधानसभा का एक और महत्वपूर्ण पहलू 2026 का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR है। SIR से पहले कन्नौज विधानसभा में 4,27,079 मतदाता दर्ज थे। अंतिम सूची में यह संख्या घटकर 3,62,346 रह गई। यानी कुल 64,733 मतदाताओं की शुद्ध कमी दर्ज हुई। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार पुरुष मतदाताओं की संख्या 2,27,548 से घटकर 1,99,410 और महिला मतदाताओं की संख्या 1,99,519 से घटकर 1,62,927 हो गई।

SIR से पहले और बाद में कन्नौज विधानसभा के मतदाता

मतदाता श्रेणीSIR से पहले2026 अंतिम सूचीबदलाव
पुरुष2,27,5481,99,410-28,138
महिला1,99,5191,62,927-36,592
तृतीय लिंग129-3
कुल4,27,0793,62,346-64,733

कुल मतदाता आधार में लगभग 15.16 प्रतिशत की कमी हुई है।

यह आंकड़ा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि 2022 में भाजपा की जीत का अंतर सिर्फ 6,090 वोट था। लेकिन मतदाता सूची में हुई कमी को किसी खास पार्टी, जाति या सामाजिक समूह से जोड़ना उचित नहीं होगा। निर्वाचन नामावली जाति के आधार पर प्रकाशित नहीं होती। इसलिए यह प्रमाणित रूप से नहीं कहा जा सकता कि SIR में किस जाति के कितने नाम हटे या जुड़े।

कन्नौज की सबसे बड़ी चुनावी धुरी SC वोट

कन्नौज विधानसभा अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीट है। चुनावी विश्लेषणों में इसे दलित बहुल सीट बताया जाता रहा है। स्थानीय चुनावी आकलनों में अनुसूचित जाति मतदाताओं की संख्या करीब एक लाख के आसपास बताई जाती रही है और SC वर्ग के भीतर जाटव मतदाताओं की मजबूत मौजूदगी का उल्लेख मिलता है।

लेकिन यहां एक महत्वपूर्ण सावधानी जरूरी है—ये जातिवार आंकड़े पुराने चुनावी अनुमान हैं। इन्हें 2026 की आधिकारिक जातिवार मतदाता सूची नहीं माना जा सकता।

पुराने चुनावी आकलनों में प्रमुख सामाजिक समूह

सामाजिक समूहपुराना अनुमानित मतदाता आधार
अनुसूचित जातिकरीब 1 लाख
मुस्लिमकरीब 65 हजार
यादवकरीब 45 हजार
ब्राह्मणकरीब 45 हजार
कुशवाहा/शाक्यकरीब 40 हजार
लोधीकरीब 30 हजार
अन्य समुदायकरीब 60 हजार

नोट: ऊपर दिए गए जातिवार आंकड़े पुराने चुनावी आकलन हैं। निर्वाचन आयोग की मतदाता सूची जातिवार प्रकाशित नहीं होती, इसलिए इन्हें 2026 SIR के बाद की आधिकारिक जातिवार संख्या नहीं माना जाना चाहिए।

BSP के वोट में गिरावट ने BJP-SP मुकाबले को और अहम बनाया

कन्नौज की चुनावी कहानी में बहुजन समाज पार्टी का वोट भी महत्वपूर्ण है। 2017 में BSP को 44,182 वोट मिले थे। 2022 में उसका वोट घटकर 26,239 रह गया। 2024 के लोकसभा चुनाव में कन्नौज विधानसभा खंड में BSP को 19,871 वोट मिले।

कन्नौज में BSP का वोट

चुनावBSP वोट
2017 विधानसभा44,182
2022 विधानसभा26,239
2024 लोकसभा19,871

क्योंकि 2022 में BJP और SP के बीच अंतर सिर्फ 6,090 वोट था, इसलिए तीसरे दल को मिले वोटों का आकार भी चुनावी गणित में महत्वपूर्ण हो सकता है। हालांकि यह कहना उचित नहीं होगा कि BSP का वोट किसी एक पार्टी में निश्चित रूप से ट्रांसफर होगा। उसका प्रभाव उम्मीदवार, स्थानीय मुद्दों, संगठन और चुनावी परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

2017 में SP सिर्फ 2,454 वोट से जीती थी

2022 से पहले कन्नौज विधानसभा में समाजवादी पार्टी का लगातार प्रभाव था। 2017 में SP के अनिल कुमार दोहरे को 99,635 वोट मिले, जबकि भाजपा के बनवारी लाल दोहरे को 97,181 वोट मिले। BSP के अनुराग सिंह को 44,182 वोट मिले।

कन्नौज विधानसभा चुनाव 2017

प्रत्याशीपार्टीवोट
अनिल कुमार दोहरेSP99,635
बनवारी लाल दोहरेBJP97,181
अनुराग सिंहBSP44,182
NOTA1,706

SP की जीत का अंतर: 2,454 वोट

यानी 2017 और 2022 दोनों चुनावों में जीत का अंतर बहुत बड़ा नहीं था। फर्क यह रहा कि 2017 में SP आगे थी, जबकि 2022 में BJP ने 6,090 वोट से सीट अपने नाम कर ली।

2012 में SP की 45,682 वोट की बड़ी जीत

2012 में कन्नौज विधानसभा का चुनावी गणित पूरी तरह अलग था। SP के अनिल कुमार दोहरे को 95,702 वोट मिले थे। BSP के महेंद्र निम दोहरे को 50,020 और BJP के बनवारी लाल दोहरे को 42,220 वोट मिले।

कन्नौज विधानसभा चुनाव 2012

प्रत्याशीपार्टीवोट
अनिल कुमार दोहरेSP95,702
महेंद्र निम दोहरेBSP50,020
बनवारी लाल दोहरेBJP42,220

SP की जीत का अंतर: 45,682 वोट

2012 से 2017 के बीच BJP के वोट में बड़ी वृद्धि हुई। 2012 में करीब 42 हजार वोट पाने वाली BJP 2017 में 97 हजार से ज्यादा वोट तक पहुंच गई। इसी विस्तार ने 2022 में सीट जीतने की जमीन तैयार की।

2007 से 2022 तक कन्नौज विधानसभा का चुनावी इतिहास

पिछले चार विधानसभा चुनावों का रिकॉर्ड बताता है कि कन्नौज में सत्ता परिवर्तन हमेशा बड़े अंतर से नहीं हुआ है।

वर्षविजेतापार्टीवोटजीत का अंतर
2007अनिल कुमारSP49,7408,413
2012अनिल कुमार दोहरेSP95,70245,682
2017अनिल कुमार दोहरेSP99,6352,454
2022असीम अरुणBJP1,20,8766,090

2007, 2012 और 2017 में SP ने लगातार तीन विधानसभा चुनाव जीते। 2022 में भाजपा ने इस क्रम को तोड़ दिया। इसलिए कन्नौज को केवल BJP की मौजूदा सीट या SP का पुराना गढ़ मानकर देखना चुनावी इतिहास को अधूरा समझना होगा।

2019, 2022 और 2024 ने दिखाया अलग-अलग चुनावी पैटर्न

कन्नौज में लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच वोटिंग पैटर्न में अंतर दिखाई देता है।

2019 के लोकसभा चुनाव में कन्नौज विधानसभा खंड में SP को BJP से बढ़त मिली थी। 2022 में विधानसभा चुनाव में BJP ने 6,090 वोट से जीत हासिल की। इसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में SP ने इसी विधानसभा खंड में 34,244 वोट की बढ़त बनाई।

BJP-SP के बीच चुनावी अंतर

चुनावकिसे बढ़तअंतर
2019 लोकसभाSP8,841
2022 विधानसभाBJP6,090
2024 लोकसभाSP34,244

यह आंकड़ा यह दिखाता है कि कन्नौज में मतदाता व्यवहार चुनाव के प्रकार और उम्मीदवारों के साथ बदल सकता है। इसलिए 2024 लोकसभा के आंकड़ों को 2027 विधानसभा के नतीजे का सीधा संकेत मानना उचित नहीं होगा।

इत्र नगरी में जातीय समीकरण के साथ स्थानीय मुद्दे भी अहम

कन्नौज की पहचान देश-दुनिया में इत्र उद्योग से जुड़ी है। यहां शहरी क्षेत्र के साथ बड़ी ग्रामीण आबादी भी मौजूद है। ऐसे में रोजगार, इत्र कारोबार, छोटे व्यापार, सड़क, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, सिंचाई, नगर सुविधाएं और ग्रामीण बुनियादी ढांचा चुनावी मुद्दों को प्रभावित कर सकते हैं।

करीबी मुकाबले वाली सीट पर कुछ हजार वोटों का बदलाव भी परिणाम बदल सकता है। 2017 में जीत का अंतर 2,454 और 2022 में 6,090 वोट रहा था। इसलिए स्थानीय मुद्दों को जातीय गणित से अलग करके देखना भी जरूरी है।

2027 में कन्नौज विधानसभा की 9 बड़ी चुनावी चाबियां

1. अनुसूचित जाति का वोट

कन्नौज SC आरक्षित सीट है और पुराने चुनावी आकलनों में SC मतदाताओं की संख्या करीब एक लाख बताई जाती रही है। इसलिए दलित वोट यहां चुनावी गणित की प्रमुख धुरी बना रहेगा।

2. मुस्लिम मतदाता

पुराने चुनावी अनुमानों में मुस्लिम मतदाताओं की संख्या करीब 65 हजार बताई गई है। 2024 में SP को कन्नौज विधानसभा खंड में बड़ी बढ़त मिली थी। लेकिन 2027 में मतदान का पैटर्न उम्मीदवार और स्थानीय मुद्दों के अनुसार बदल सकता है।

3. यादव वोट

यादव मतदाता समाजवादी पार्टी के पारंपरिक सामाजिक आधार का महत्वपूर्ण हिस्सा माने जाते हैं। कन्नौज के पिछले चुनावी इतिहास में SP की लगातार जीत इस सामाजिक आधार की भूमिका को समझने में मदद करती है।

4. ब्राह्मण वोट

ब्राह्मण मतदाता भी इस सीट के सामाजिक समीकरण में महत्वपूर्ण माने जाते हैं। 2027 में उनका मतदान पैटर्न BJP-SP मुकाबले के अंतर को प्रभावित कर सकता है।

5. कुशवाहा-शाक्य वोट

गैर-यादव OBC में कुशवाहा-शाक्य समूह का उल्लेख पुराने चुनावी आकलनों में प्रमुखता से मिलता है। करीब 40 हजार का पुराना अनुमान इस समूह को चुनावी गणित में महत्वपूर्ण बनाता है, हालांकि वर्तमान आधिकारिक जातिवार आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं।

6. लोधी और अन्य OBC

लोधी के साथ दूसरे OBC समूह भी कन्नौज में चुनावी समीकरण का हिस्सा हैं। करीबी चुनाव में छोटे-छोटे सामाजिक समूहों का सामूहिक रुख परिणाम के अंतर को प्रभावित कर सकता है।

7. BSP का प्रदर्शन

BSP का वोट 2017 के 44,182 से घटकर 2022 में 26,239 और 2024 में 19,871 तक आया। 2027 में BSP का प्रदर्शन BJP-SP के मुख्य मुकाबले के वोट अंतर पर असर डाल सकता है।

8. महिला मतदाता और स्थानीय मुद्दे

2026 की अंतिम मतदाता सूची में कन्नौज विधानसभा में 1,62,927 महिला मतदाता दर्ज हैं। रोजगार, महंगाई, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, बिजली और स्थानीय कारोबार जैसे मुद्दे महिला मतदाताओं के मतदान व्यवहार को प्रभावित कर सकते हैं।

9. 2026 की नई मतदाता सूची

सबसे नया फैक्टर SIR के बाद बनी मतदाता सूची है। कुल मतदाता संख्या 4,27,079 से घटकर 3,62,346 रह गई। इसका मतलब यह नहीं कि किसी एक राजनीतिक दल को नुकसान या फायदा हुआ है, लेकिन इतना जरूर है कि 2027 के लिए पुराने बूथवार आंकड़ों को नई मतदाता सूची से दोबारा मिलाना पड़ेगा।

कन्नौज विधानसभा 2027: चुनावी गणित को समझने के 5 बड़े आंकड़े

फैक्टरआंकड़ा
2022 BJP की जीत6,090 वोट
2024 विधानसभा खंड में SP की बढ़त34,244 वोट
SIR से पहले मतदाता4,27,079
2026 अंतिम मतदाता3,62,346
SIR के बाद कमी64,733

इन आंकड़ों से कन्नौज की चुनावी कहानी की दिशा समझी जा सकती है, लेकिन इनसे 2027 के परिणाम का पूर्वानुमान नहीं निकाला जा सकता।

BJP के सामने 2027 में क्या चुनौती होगी?

BJP के पास 2022 की विधानसभा जीत और मौजूदा विधायक असीम अरुण का आधार है। लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में इसी विधानसभा खंड में SP की 34,244 वोट की बढ़त ने अलग तस्वीर दिखाई।

इसलिए BJP के लिए 2027 में 2022 के विधानसभा प्रदर्शन को दोहराने के लिए सिर्फ पुराने आंकड़ों पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं होगा। दलित मतदाताओं के साथ गैर-यादव OBC, ब्राह्मण और दूसरे सामाजिक समूहों के बीच समर्थन बनाए रखना चुनावी गणित का महत्वपूर्ण हिस्सा रहेगा।साथ ही नई मतदाता सूची के बाद बूथ स्तर पर मतदाता आधार का दोबारा आकलन भी महत्वपूर्ण होगा।SP के सामने2024 की बढ़त को विधानसभा चुनाव में बनाए रखने की चुनौती. समाजवादी पार्टी के लिए कन्नौज की जमीन नई नहीं है। पार्टी 2007, 2012 और 2017 में लगातार विधानसभा चुनाव जीत चुकी है।2024 में भी SP ने कन्नौज विधानसभा खंड में BJP पर 34,244 वोट की बढ़त बनाई। लेकिन विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार, स्थानीय संगठन और मुद्दे लोकसभा से अलग हो सकते हैं।

इसलिए SP के लिए 2024 की बढ़त को 2027 में दोहराने के लिए यादव-मुस्लिम आधार के साथ SC और गैर-यादव OBC मतदाताओं में भी समर्थन बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा।

BSP का वोट 2027 में क्यों महत्वपूर्ण रहेगा?

कन्नौज SC आरक्षित सीट है। इसके बावजूद पिछले तीन चुनावों में BSP के वोट में लगातार गिरावट देखी गई है।

2017 में 44,182 वोट, 2022 में 26,239 वोट और 2024 में 19,871 वोट का आंकड़ा बताता है कि BSP का चुनावी आधार पहले की तुलना में छोटा हुआ है।

2027 में BSP का प्रदर्शन इस बात को प्रभावित कर सकता है कि BJP और SP के बीच मुकाबला कितने अंतर से होता है। हालांकि यह पहले से तय नहीं किया जा सकता कि BSP के मतदाता किस दिशा में जाएंगे।

कन्नौज विधानसभा 2027 में सबसे बड़ा सवाल क्या होगा?

कन्नौज विधानसभा का चुनावी इतिहास एक बात स्पष्ट करता है—यहां बड़े सामाजिक समूह महत्वपूर्ण हैं, लेकिन केवल जातीय समीकरण से चुनाव परिणाम को समझना पर्याप्त नहीं है।

2012 में SP ने 45,682 वोट से जीत हासिल की थी। 2017 में वही जीत घटकर 2,454 वोट रह गई। 2022 में BJP ने 6,090 वोट से सीट जीत ली। फिर 2024 में लोकसभा चुनाव के दौरान SP ने इसी विधानसभा क्षेत्र में 34,244 वोट की बढ़त बना ली।

अब 2026 की नई मतदाता सूची में 64,733 मतदाताओं की शुद्ध कमी दर्ज हुई है।

इसलिए यूपी विधानसभा चुनाव 2027 में कन्नौज का वास्तविक चुनावी गणित पुराने जातीय आंकड़ों और नए मतदाता आधार के बीच बने समीकरण से समझना होगा।

दलित वोट, यादव-मुस्लिम समीकरण, ब्राह्मण समर्थन, कुशवाहा-शाक्य और लोधी जैसे गैर-यादव OBC समूह, BSP का प्रदर्शन, महिला मतदाता, स्थानीय मुद्दे, उम्मीदवार और बूथ स्तर का नया मतदाता आधार—ये सभी चुनावी तस्वीर के अलग-अलग हिस्से हैं।