Punjab paper leak: पंजाब में सामने आए डी-फार्मेसी पेपर लीक मामले को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर जमकर निशाना साधा है। एक वीडियो जारी करते हुए उन्होंने पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस से तुरंत अपने पद से इस्तीफा देने की मांग की है। सिरसा ने कड़े शब्दों में कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ कुठाराघात करने वाली यह सरकार अब अपनी जिम्मेदारी से भाग नहीं सकती।
सिरसा ने आम आदमी पार्टी के दोहरे चरित्र पर उठाए गंभीर सवाल
बताते चले कि, अपने वीडियो संदेश में मनजिंदर सिंह सिरसा ने आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और संयोजक अरविंद केजरीवाल को घेरते हुए कहा कि ‘आप’ सरकार, जिसमें मनीष सिसोदिया और पंजाब के तथाकथित ‘बिना ताज के राजा’ भी शामिल हैं, ने फार्मेसी का पेपर लीक होने के बावजूद हरजोत बैंस से इस्तीफा क्यों नहीं मांगा? उन्होंने पुरानी बातों को याद दिलाते हुए कहा कि मनीष सिसोदिया खुद कभी यह दावा किया करते थे कि यदि कहीं भी पेपर लीक होता है, तो सबसे पहले संबंधित मंत्री का इस्तीफा लिया जाना चाहिए।
“अभिजीत दिपके के सवाल पर भाग गई ‘आप’ सरकार”
आगे बोलते हुए मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि जब हाल ही में अभिजीत दिपके द्वारा इस मुद्दे पर सवाल उठाया गया, तो मीडिया के सामने यह साफ हो गया कि पंजाब सरकार इस पर पूरी तरह घिर चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि डी-फार्मेसी के पेपर को लाखों रुपए में खुलेआम बेचा गया, जिससे मासूम छात्रों के सपनों और उनके भविष्य को बर्बाद कर दिया गया। सिरसा ने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग कभी खुद छात्र आंदोलनों के मंच पर बड़े-बड़े दावे करते थे, वे आज अपनी बारी आने पर दुम दबाकर भाग रहे हैं और बेशर्मी से अपने मंत्री को बचा रहे हैं।
भगवंत मान सरकार पर मंडराया सियासी संकट
गौरतलब है कि पंजाब में कथित डी-फार्मेसी पेपर लीक को लेकर चल रहे इस राजनीतिक घमासान के बीच ‘आप’ सरकार चौतरफा घिरती नजर आ रही है। विपक्षी दलों के नेता लगातार यह आरोप लगा रहे हैं कि राज्य में शिक्षा माफिया हावी हो चुका है और सरकार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के बजाय लीपापोती करने में लगी है। परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता और प्रशासनिक पारदर्शिता को लेकर उठ रहे इन गंभीर सवालों के कारण मुख्यमंत्री भगवंत मान और उनकी सरकार की मुश्किलें आने वाले दिनों में और अधिक बढ़ सकती हैं।










