Mamata Banerjee Allegations : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बाद राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है। 15 वर्षों तक सत्ता के शिखर पर रहने वाली मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी की हार को स्वीकार करने से इनकार करते हुए इसे ‘वोटों की लूट’ करार दिया है। कोलकाता में मीडिया को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने गंभीर आरोप लगाया कि यह बीजेपी की नैतिक जीत नहीं, बल्कि एक सुनियोजित ‘अनैतिक जीत’ है। उन्होंने दावा किया कि कम से कम 100 सीटों पर मतदान के दौरान बड़े पैमाने पर धांधली हुई और जनादेश को ताकत के दम पर बदला गया। ममता ने स्पष्ट कहा, “मैं चुनाव हारी नहीं हूं, बल्कि हमें हराया गया है।”
चुनाव आयोग पर तीखा हमला: ‘इलेक्शन कमीशन अब बीजेपी का कमीशन‘
ममता बनर्जी के निशाने पर इस बार सीधे तौर पर भारत निर्वाचन आयोग (ECI) रहा। उन्होंने आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए उसे ‘बीजेपी का आयोग’ बताया। ममता ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस को केवल बीजेपी से ही नहीं, बल्कि चुनाव आयोग के पक्षपाती रवैये से भी लड़ना पड़ा। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान केंद्रीय बलों और आयोग के अधिकारियों ने मिलकर बीजेपी के पक्ष में काम किया। ममता के अनुसार, आयोग ने शिकायतों पर ध्यान देने के बजाय टीएमसी के कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया, जिससे चुनाव की पूरी प्रक्रिया ही संदिग्ध हो गई है।
ईवीएम और अधिकारियों के तबादले पर सवाल: ‘चुनिंदा अफसरों को हटाकर बिठाए अपने लोग‘
मुख्यमंत्री ने ईवीएम (EVM) के साथ छेड़छाड़ और प्रशासनिक फेरबदल को अपनी हार का बड़ा कारण बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दो चरणों के बाद अचानक उनके वफादार अधिकारियों का तबादला करना शुरू कर दिया गया। ममता ने कहा, “बीजेपी अपने पसंदीदा ब्यूरोक्रेट्स को लेकर आई ताकि चुनाव परिणामों को प्रभावित किया जा सके।” उन्होंने यह भी दावा किया कि कई मतगणना केंद्रों पर ईवीएम की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया गया और टीएमसी के पोलिंग एजेंटों को डरा-धमकाकर बाहर निकाला गया। उन्होंने कहा कि 2004 के बाद से उन्होंने राजनीति में इतना ‘जुल्म’ और प्रशासनिक दुरुपयोग कभी नहीं देखा।
INDIA गठबंधन का समर्थन: अखिलेश यादव और उद्धव ठाकरे ने बढ़ाया हाथ
इस कठिन समय में विपक्षी गठबंधन ‘INDIA’ के नेताओं ने ममता बनर्जी के प्रति अपनी एकजुटता दिखाई है। ममता ने बताया कि चुनाव नतीजों के बाद सोनिया गांधी, राहुल गांधी, उद्धव ठाकरे और हेमंत सोरेन जैसे कद्दावर नेताओं ने उनसे फोन पर बात की और उनका ढांढस बंधाया। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलने कोलकाता पहुंच रहे हैं। विपक्षी नेताओं का मानना है कि बंगाल के नतीजे भविष्य की राष्ट्रीय राजनीति के लिए एक बड़ा संकेत हैं और वे इस मुद्दे पर ममता बनर्जी के साथ खड़े हैं।
भविष्य की रणनीति: ‘हम फिर से वापसी करेंगे, लड़ाई जारी रहेगी‘
अपनी हार के बावजूद ममता बनर्जी ने हार न मानने का संकल्प दोहराया है। उन्होंने अपने समर्थकों से कहा कि यह अंत नहीं बल्कि एक नई लड़ाई की शुरुआत है। उन्होंने ‘टाइगर कब’ (बाघ के शावक) की तरह लड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस फिर से मजबूती के साथ वापसी करेगी। ममता ने चेतावनी दी कि बीजेपी की यह जीत ‘अवैध और अनैतिक’ है और वह इस अन्याय के खिलाफ कानूनी और राजनीतिक, दोनों मोर्चों पर संघर्ष जारी रखेंगी। बंगाल की राजनीति अब एक नए संघर्ष की गवाह बनने वाली है, जहां विपक्ष सत्ता पक्ष के खिलाफ लामबंद हो रहा है।










