Maharashtra News: “गोल टोपी और दाढ़ी वालों ने नहीं बनाया विधायक!” मुंब्रा में गरजे बीजेपी नेता नितेश राणे

ठाणे के मुंब्रा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बीजेपी मंत्री नितेश राणे ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि वे किसी "गोल टोपी और दाढ़ी वालों" की वजह से विधायक नहीं बने हैं, बल्कि हिंदू समाज ने उन्हें चुनकर विधानसभा तक पहुंचाया है।

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Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अप्रैल 4, 2026

Maharashtra News: महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के मुखर नेता नितेश राणे अक्सर अपने तीखे और विवादित बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं। इस बार उन्होंने ठाणे जिले के मुंब्रा इलाके में एक ऐसा बयान दिया है, जिसने राज्य की सियासत में नया उबाल ला दिया है। शुक्रवार (3 अप्रैल) को छत्रपति शिवाजी महाराज की पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित एक अभिवादन और माल्यार्पण कार्यक्रम में पहुंचे नितेश राणे ने विपक्ष पर तो निशाना साधा ही, साथ ही मुस्लिम समुदाय और हिंदू समाज को लेकर बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया।

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‘मैं जो विधायक बना हूं, वह हिंदू समाज की बदौलत हूं’

मुंब्रा में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए नितेश राणे ने अपनी चुनावी जीत और अपने राजनीतिक वजूद को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने मुस्लिम समुदाय की ओर इशारा करते हुए बेहद आक्रामक अंदाज में कहा, “मैं छाती ठोककर कहता हूं कि मैं किसी गोल टोपी और दाढ़ी वालों की वजह से विधायक नहीं बना हूं। मुझे जो यह मुकाम हासिल हुआ है और मैं जो आज विधायक बनकर आपके सामने खड़ा हूं, वह हमारे हिंदू समाज की बदौलत है। हिंदू समाज ने मुझे चुनकर यहां भेजा है।”

राणे ने यह भी साफ किया कि वह किसी मंत्रालय की हनक या पद की गरिमा के तहत वहां नहीं आए हैं। उन्होंने कहा, “मैं जो मंत्रालय में बैठता हूं या आज आप सबकी इस सभा में आया हूं, वह किसी विधायक या मंत्री के रूप में नहीं आया हूं। मैं यहां विशुद्ध रूप से एक ‘हिंदू’ के रूप में आप सबसे बात करने और आप सबको ताकत देने के लिए आया हूं।”

‘तीसरा डोला’ खोलोगे तो शुक्रवार को सिलेंडर ऊपर नहीं आएगा

अपने भाषण के दौरान नितेश राणे ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि बहुसंख्यक हिंदू समाज को डराने या धमकाने की कोशिश बिल्कुल न की जाए। उन्होंने सीधे तौर पर धमकी देते हुए कहा, “हमारे हिंदू समाज को धमकाना-डराना बंद करो। याद रखना, तुम अगर हमारा तीसरा डोला (तीसरी आंख) खोलोगे तो शुक्रवार को तुम्हारा सिलेंडर भी ऊपर नहीं आएगा, इतनी सावधानी बरतना।”

उन्होंने आगे कहा कि हिंदू समाज के आशीर्वाद से ही आज वह सत्ता में बैठे हैं। इसलिए किसी को भी इस मुगालते में नहीं रहना चाहिए कि वह डरा-धमकाकर अपना काम निकाल लेगा।

‘हमें वोटों की कोई चिंता नहीं है’

अक्सर नेताओं पर तुष्टीकरण की राजनीति करने और वोट बैंक के लिए झुकने के आरोप लगते हैं, लेकिन नितेश राणे ने मंच से साफ कह दिया कि उन्हें चुनावी वोटों की कोई परवाह नहीं है। उन्होंने कहा, “हमें वोटों की रत्ती भर भी चिंता नहीं है। अगर उनके (मुस्लिम समाज के) पांच वोट कम भी हो जाएंगे, तो हमारे हिंदू समाज के पचास अतिरिक्त वोट हमें मिल जाएंगे, इसकी फिक्र मत करो। हमें अच्छी तरह पता है कि हमारे हिंदू समाज की असली ताकत और एकजुटता क्या है।”

‘यह किसी के बाप का मुंब्रा नहीं है’

भाषण के आखिरी हिस्से में नितेश राणे ने मुंब्रा के स्थानीय समीकरणों पर चोट करते हुए कहा कि यह इलाका किसी की जागीर नहीं है। उन्होंने कहा, “यह किसी के पिता का मुंब्रा नहीं है। यह हमारे हिंदू राष्ट्र की मुंब्रा देवी की धरती है। इसलिए हमें यहां भगवा लहराने, सभा आयोजित करने या छत्रपति शिवाजी महाराज का जयघोष करने के लिए किसी भी व्यक्ति या मजहब की अनुमति की आवश्यकता नहीं है।” इस तीखे भाषण के बाद मुंब्रा समेत पूरे महाराष्ट्र में राजनीतिक माहौल गरमा गया है और विपक्षी दलों ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया है।

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