MP Cabinet Decisions : मध्य प्रदेश कैबिनेट के 42 हजार करोड़ रुपये के फैसले, शिक्षा-सिंचाई और कल्याण योजनाओं को मंजूरी

आखिर क्या है मध्य प्रदेश सरकार के उस 42 हजार करोड़ रुपये के मेगा प्लान का असली सच, जिसने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है? कैबिनेट के इन बड़े फैसलों के पीछे की असली वजह और इससे राज्य के समीकरणों पर पड़ने वाले असर की पूरी inside story जानिए।

MP Cabinet Decisions

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

सितम्बर 16, 2026

MP Cabinet Decisions : भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 15 सितंबर को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक आयोजित हुई। बैठक में प्रदेश के विकास, शिक्षा, परिवहन, कृषि, सिंचाई और जनकल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सरकार ने कुल 42 हजार 490 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्ताव स्वीकृत किए।

समग्र शिक्षा योजना के लिए 36,006 करोड़ रुपये की मंजूरी

मंत्रि-परिषद ने केंद्र प्रवर्तित समग्र शिक्षा योजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की स्वीकृति दी। इसके लिए 36,006.22 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों की शिक्षा गुणवत्ता सुधारना, सीखने के स्तर को बेहतर बनाना और स्कूल शिक्षा में सामाजिक एवं लैंगिक असमानता कम करना है।

पूर्व प्राथमिक से कक्षा 12वीं तक शिक्षा पर जोर

योजना के अंतर्गत 4 से 18 वर्ष तक के बच्चों के लिए पूर्व प्राथमिक से कक्षा 12वीं तक शिक्षा की व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। व्यावसायिक शिक्षा, समान अवसर, समावेशन और न्यूनतम शैक्षणिक मानकों पर विशेष ध्यान रहेगा। एससीईआरटी, राज्य शिक्षा संस्थान और डाइट जैसे शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों को भी सुदृढ़ किया जाएगा।

परिवहन विभाग की योजनाओं के लिए 1,166.60 करोड़ मंजूर

परिवहन विभाग की राजस्व और पूंजीगत व्यय वाली 500 करोड़ रुपये से कम लागत की योजनाओं को 2026 से 2031 तक जारी रखने के लिए 1,166.60 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए। इसमें उड़नदस्ता और चेक प्वाइंट के लिए 377.41 करोड़ तथा जिला स्थापना व्यय के लिए 361.89 करोड़ रुपये शामिल हैं।

स्मार्ट कार्ड, सड़क सुरक्षा और ड्राइविंग प्रशिक्षण पर फोकस

स्मार्ट कार्ड योजना के लिए 245.55 करोड़ रुपये, विभागीय भवनों के निर्माण के लिए 30 करोड़ और परिसंपत्तियों के रखरखाव के लिए करीब 5.50 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्रों के लिए 12 करोड़ रुपये और ग्रामीण परिवहन नीति के लिए 2.50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

8 योजनाओं के लिए 491 करोड़ रुपये स्वीकृत

उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की आठ राज्य पोषित योजनाओं को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने की मंजूरी दी गई है। इनके लिए कुल 491 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। फल पौध रोपण और मसाला क्षेत्र विस्तार के लिए 100-100 करोड़ रुपये तथा संरक्षित खेती के लिए 85 करोड़ रुपये रखे गए हैं।

तीन सिंचाई परियोजनाओं को मिला बड़ा वित्तीय प्रावधान

अशोकनगर की चंदेरी माइक्रो सिंचाई परियोजना के लिए 11.49 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। इससे करीब 28 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा विकसित करने का लक्ष्य है। सिंगरौली की गौंड वृहद सिंचाई परियोजना के लिए 749.62 करोड़ रुपये मंजूर हुए, जिससे लगभग 34,500 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित होगी।

उज्जैन की चितावद परियोजना के लिए 1,846 करोड़ रुपये

उज्जैन जिले में क्षिप्रा नदी पर प्रस्तावित चितावद वृहद सिंचाई परियोजना के लिए 1,846.05 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। परियोजना के जरिए बांध बनाकर करीब 65 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

नए जिलों में खनिज शाखाओं के लिए 21 पद स्वीकृत

मैहर, मऊगंज और पांदुर्णा जिलों में खनिज शाखाओं की स्थापना के लिए 21 नए पदों को मंजूरी दी गई। प्रत्येक जिले में सात पद होंगे। इनमें खनिज अधिकारी, सहायक ग्रेड-2, सहायक ग्रेड-3, मानचित्रकार, सर्वेयर, सिपाही और भृत्य के पद शामिल हैं।

स्कूलों में 36 नियमित पदों को मिली मंजूरी

अनूपपुर और शहडोल के चार उन्नयित विद्यालयों में 36 नियमित पद स्वीकृत किए गए हैं। इनमें चार प्राचार्य, 24 माध्यमिक शिक्षक, चार प्राथमिक शिक्षक और चार सहायक ग्रेड-3 के पद शामिल हैं।

लाड़ली बहना योजना सहायता

कैबिनेट ने लाड़ली बहना योजना के हितग्राहियों को अगस्त 2026 की आर्थिक सहायता के साथ रक्षाबंधन पर 250 रुपये की अतिरिक्त विशेष सहायता देने के निर्णय का अनुमोदन किया। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद विभागीय स्तर पर जारी आदेश का भी अनुसमर्थन किया गया।

MARKFED को 2,220.62 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण

मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ यानी MARKFED को रबी विपणन वर्ष 2024-25 के खाद्यान्न साख-सीमा ऋण की शेष राशि चुकाने के लिए 2,220.62 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। यह राशि 30 सितंबर 2026 तक शेष ऋण के पुनर्भुगतान में इस्तेमाल होगी।

ग्रामीण सड़क विकास

बैठक में मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की साधिकार समिति की 26 मई 2026 को हुई 64वीं बैठक के निर्णयों की जानकारी भी मंत्रि-परिषद को दी गई। कुल मिलाकर बैठक में शिक्षा, सिंचाई, परिवहन, उद्यानिकी, महिला कल्याण, खनिज प्रशासन और ग्रामीण अधोसंरचना से जुड़े कई प्रस्तावों पर महत्वपूर्ण फैसले हुए।

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