शादी जीवन का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय है, इसलिए केवल पहली मुलाकात या बाहरी दिखावे पर न जाएं
आचार्य चाणक्य के अनुसार, जीवनसाथी चुनते समय सिर्फ अच्छी नौकरी या सैलरी ही पैमाना नहीं होनी चाहिए
यह गौर करें कि वह व्यक्ति अपने माता-पिता, दोस्तों और आम दुकानदारों से किस लहजे में बात करता है
तनाव या मुश्किल परिस्थिति आने पर व्यक्ति का असली स्वभाव और संयम सामने आता है
देखें कि वह अपने काम और व्यक्तिगत जिम्मेदारियों को कितनी गंभीरता से निभाता है
क्या वह व्यक्ति भविष्य को लेकर योजना बनाता है या केवल वर्तमान में जीता है?
शादी से पहले यह जरूर परखें कि वह आपकी पसंद, करियर और स्वतंत्रता का कितना सम्मान करता है
झूठ, अपमान करने की आदत या अन्य बुरी लतों को कभी भी नजरअंदाज न करें
चाणक्य नीति के इन पहलुओं को समझकर आपसी बातचीत और वास्तविक व्यवहार के आधार पर ही निर्णय लें
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