Lucknow Road Accident: पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर काल बनी तेज रफ्तार, बेकाबू होकर पलटी बस, 5 यात्रियों की मौके पर ही मौत

सोमवार की सुबह पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर सफर कर रहे यात्रियों के लिए काल बनकर आई। तेज रफ्तार बस अचानक डिवाइडर से टकराकर तीन बार पलटी, जिससे मौके पर ही 5 लोगों ने दम तोड़ दिया। घायलों की चीखों से एक्सप्रेस-वे दहल उठा। क्या इस महा-हादसे के पीछे कोई बड़ी लापरवाही छिपी है?

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

फ़रवरी 23, 2026

Lucknow Road Accident: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सोमवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसने 5 परिवारों की खुशियां छीन लीं। लुधियाना से बिहार के दरभंगा जा रही एक डबल डेकर बस अनियंत्रित होकर पलट गई। इस भीषण दुर्घटना में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई है, जबकि एक दर्जन से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहाँ डॉक्टरों की टीम उनका उपचार कर रही है।

पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के गोसाईगंज में हुआ हादसा

यह हृदयविदारक घटना लखनऊ के पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर गोसाईगंज थाना क्षेत्र के पास घटित हुई। जानकारी के अनुसार, निजी बस पंजाब के लुधियाना से सवारियों को लेकर बिहार के दरभंगा के लिए रवाना हुई थी। जैसे ही बस गोसाईगंज इलाके में पहुँची, अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। बस के पलटते ही चीख-पुकार मच गई। शोर सुनकर स्थानीय लोग और एक्सप्रेस-वे पर तैनात सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया।

हादसे की मुख्य वजह: ड्राइवर को आई नींद की झपकी

पुलिस की प्रारंभिक जांच और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर इस हादसे की मुख्य वजह ड्राइवर की लापरवाही सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि बस चालक को अचानक नींद की झपकी आ गई थी, जिसके कारण तेज रफ्तार बस पर से उसका नियंत्रण खो गया। एक्सप्रेस-वे पर रफ्तार अधिक होने के कारण ड्राइवर बस को संभाल नहीं पाया और यह बड़ा हादसा हो गया। पुलिस ने बस को कब्जे में लेकर मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

झारखंड के लातेहार में भी हुआ था ऐसा ही दर्दनाक हादसा

बस हादसों का यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी साल जनवरी 2026 में झारखंड के लातेहार जिले में भी एक रूहानी हादसा पेश आया था। लातेहार की ओरसा घाटी में छत्तीसगढ़ से आ रही एक बारात की बस पलट गई थी, जिसमें 9 लोगों की जान चली गई थी और 80 लोग घायल हुए थे। उस समय भी प्रशासन ने सड़कों की सुरक्षा पर सवाल उठाए थे। लातेहार के एसपी कुमार गौरव ने पुष्टि की थी कि मृतकों में चार महिलाएं भी शामिल थीं।

लापरवाही और खराब सड़क सुरक्षा पर उठते सवाल

पिछले कुछ समय से देश के विभिन्न हिस्सों में बस दुर्घटनाओं के आंकड़ों में भारी बढ़ोतरी देखी गई है। कई बार रात के समय लंबी दूरी की बसों के ड्राइवर थकान और नींद की कमी के बावजूद बस चलाते हैं, जो यात्रियों की जान के लिए जोखिम बन जाता है। लखनऊ की इस घटना ने एक बार फिर लंबी दूरी की यात्राओं में ‘सेकंड ड्राइवर’ की अनिवार्यता और ड्राइवरों के काम के घंटों की निगरानी पर बहस छेड़ दी है।

प्रशासन की प्रतिक्रिया और मुआवजे की मांग

हादसे की सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारी अस्पताल पहुंचे और घायलों का हाल जाना। मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस घटना पर दुख व्यक्त किया है और संबंधित अधिकारियों को घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए हैं। स्थानीय नागरिकों और परिजनों ने मांग की है कि ऐसे लापरवाह बस संचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए और मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए।

सुरक्षा मानकों की सख्त जरूरत

सड़कों पर आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार और परिवहन विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए। एक्सप्रेस-वे पर नियमित पेट्रोलिंग, ड्राइवरों का स्वास्थ्य परीक्षण और बसों की फिटनेस जांच को और कड़ा करने की आवश्यकता है। जब तक नियमों का प्रभावी पालन नहीं होगा, तब तक बेगुनाह लोग ऐसी लापरवाही का शिकार होते रहेंगे।

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