Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में जिला कचहरी के आसपास बने वकीलों के अवैध चैंबरों को हटाने के लिए रविवार (17 मई) सुबह नगर निगम की टीम बुलडोजर लेकर पहुंची। कार्रवाई के दौरान अवैध चैंबरों को ढहा दिया गया। इस बीच वकील विरोध में सड़क पर उतर आए और जमकर नारेबाजी की।
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आत्महत्या की धमकी से अफरातफरी
कार्रवाई के दौरान एक युवा वकील ने खुद को चैंबर में बंद कर लिया और फंदा लगाने का प्रयास किया। उसने चेतावनी दी कि यदि उसके चैंबर पर बुलडोजर चला तो वह आत्महत्या कर लेगा। इस घटना से मौके पर मौजूद लोगों में अफरातफरी मच गई।
वकीलों का आंदोलन और कार्य बहिष्कार
बुलडोजर एक्शन के विरोध में वकीलों ने आंदोलन की चेतावनी दी है। अधिवक्ता एसोसिएशन की बैठक में निर्णय लिया गया कि सोमवार (18 मई) और मंगलवार (19 मई) को वकील कोर्ट के काम का बहिष्कार करेंगे। सेंट्रल बार की आम सभा में यह फैसला लिया गया। वकीलों ने कहा कि कोर्ट परिसर में किसी पुलिसकर्मी को प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। उनका आरोप है कि वैध चैंबरों को भी तोड़ा गया है।
समाजवादी पार्टी की प्रतिक्रिया
इस घटना पर समाजवादी पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी प्रवक्ता मनोज काका ने कहा कि लखनऊ में अधिवक्ताओं पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज और बुलडोजर कार्रवाई की निंदा की जाती है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के मौलिक अधिकार पर बुलडोजर नहीं चलाया जा सकता। यदि हाई कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई की गई थी तो सरकार को पहले वकीलों की असहमति सुननी चाहिए थी।
वकीलों का अपमान बताया
समाजवादी पार्टी ने इसे वकीलों का अपमान करार दिया। प्रवक्ता ने कहा कि वकीलों को कोर्ट की संज्ञा दी जाती है और उन पर इस तरह की कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि इसके खिलाफ उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि देशभर के अधिवक्ता प्रदर्शन करेंगे। साथ ही उन्होंने मांग की कि यूपी सरकार वकीलों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करे।










