कम नींद और बढ़ता वजन: क्या आपकी नींद बन रही है मोटापे की वजह?

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम सबसे ज्यादा अपनी नींद के साथ समझौता करते हैं। देर रात तक ऑफिस का काम करना, अनियमित दिनचर्या या फिर मोबाइल और लैपटॉप पर समय बिताना हमारी आदत बन चुकी है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि नींद पूरी न होने का असर सिर्फ थकान या कमजोरी तक सीमित नहीं है? डॉक्टर के अनुसार, कम नींद लेना सीधे तौर पर आपके वजन को बढ़ा सकता है। आइए, आज 13 मार्च को मनाए जा रहे World Sleep Day के मौके पर इस आर्टिकल में समझते हैं कि आपकी नींद और बढ़ते वजन के बीच

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Published On :

मार्च 13, 2026

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम सबसे ज्यादा अपनी नींद के साथ समझौता करते हैं। देर रात तक ऑफिस का काम करना, अनियमित दिनचर्या या फिर मोबाइल और लैपटॉप पर समय बिताना हमारी आदत बन चुकी है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि नींद पूरी न होने का असर सिर्फ थकान या कमजोरी तक सीमित नहीं है?

डॉक्टर के अनुसार, कम नींद लेना सीधे तौर पर आपके वजन को बढ़ा सकता है। आइए, आज 13 मार्च को मनाए जा रहे World Sleep Day के मौके पर इस आर्टिकल में समझते हैं कि आपकी नींद और बढ़ते वजन के बीच क्या कनेक्शन है।

नींद और मेटाबॉलिज्म का गहरा नाता
जब हम पर्याप्त नींद नहीं लेते हैं, तो हमारे शरीर का वह सिस्टम गड़बड़ा जाता है जो हमारी ऊर्जा, भूख और फैट को कंट्रोल करता है। मुख्य रूप से दो हार्मोन हमारी भूख को नियंत्रित करते हैं:

    घ्रेलिन: यह शरीर में भूख बढ़ाने का काम करता है।
    लेप्टिन: यह पेट भरने का संकेत देता है।

जब हमारी नींद पूरी नहीं होती, तो शरीर में घ्रेलिन (भूख बढ़ाने वाले हार्मोन) का स्तर बढ़ जाता है और लेप्टिन का स्तर कम हो जाता है। इसका नतीजा यह होता है कि हमें बार-बार भूख लगती है और हम सामान्य से ज्यादा, खासकर हाई-कैलोरी वाला खाना खाने लगते हैं।

कैलोरी बर्न करने की क्षमता होती है कम
नींद की कमी हमारी एनर्जी को भी प्रभावित करती है। थकावट के कारण शरीर की फिजिकल एक्टिविटी कम हो जाती है, जिससे कैलोरी बर्न होने की प्रक्रिया यानी मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ जाता है।

लंबे समय तक कम नींद लेने से शरीर में 'इंसुलिन रेजिस्टेंस' भी बढ़ता है, जिससे शुगर का स्तर बिगड़ता है। धीरे-धीरे यही स्थिति मोटापे, टाइप-2 डायबिटीज और दिल से जुड़ी गंभीर बीमारियों का कारण बन जाती है।

डॉक्टर ने बताए कमाल के हेल्थ सीक्रेट्स
एशियन हॉस्पिटल के रेस्पिरेटरी, क्रिटिकल केयर एवं स्लीप मेडिसिन विभाग के डायरेक्टर और एचओडी डॉ. मानव मनचंदा बताते हैं कि नींद हमारे शरीर के मेटाबॉलिज्म को संतुलित रखने में एक बहुत बड़ा रोल निभाती है। जब व्यक्ति लगातार कम सोता है, तो हार्मोनल संतुलन बिगड़ने से शरीर में फैट जमा होने लगता है। इसलिए, मेटाबॉलिक बीमारियों से बचने और स्वस्थ जीवन जीने के लिए अच्छी गुणवत्ता वाली नींद लेना बेहद जरूरी है।

अच्छी और गहरी नींद पाने के आसान तरीके

अगर आप अपने वजन को कंट्रोल में रखना चाहते हैं और अच्छी नींद पाना चाहते हैं, तो इन आदतों को अपनाएं:

    सोने का समय तय करें: रोजाना एक निश्चित समय पर सोने और उठने की आदत डालें।
    गैजेट्स से दूरी: सोने से पहले मोबाइल, टीवी या लैपटॉप का इस्तेमाल न करें। इनकी स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी नींद लाने वाले 'मेलाटोनिन' हार्मोन को नुकसान पहुंचाती है।
    कैफीन कम लें: शाम के समय चाय या कॉफी के सेवन से बचें।
    हल्का भोजन और व्यायाम: रात का खाना हमेशा हल्का रखें और अपनी दिनचर्या में नियमित व्यायाम को शामिल करें।
    डॉक्टर से मिलें: अगर आपको लगातार नींद न आने की समस्या हो रही है, तो बिना देर किए डॉक्टर से सलाह लें।

अच्छी नींद का मतलब सिर्फ शरीर को आराम देना नहीं है, बल्कि यह आपको फिट रखने और मेटाबॉलिज्म को सही चलाने के लिए भी जरूरी है। इसलिए अगर आप सच में स्वस्थ रहना चाहते हैं, तो अपनी नींद को प्राथमिकता दें।

 

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