KPSC Exam Scam: कर्नाटक लोक सेवा आयोग यानी KPSC की ओर से आयोजित वेटरनरी ऑफिसर्स भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं का मामला अब गंभीर होता नजर आ रहा है। इस मामले की जांच कर रही कर्नाटक पुलिस की अपराध जांच विभाग यानी CID ने IAS अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार को हिरासत में लिया है। अधिकारियों के मुताबिक, गंगवार से कई घंटे तक पूछताछ की गई, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया।
गंगवार फिलहाल कर्नाटक सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम यानी MSME विभाग में निदेशक के पद पर तैनात हैं। हालांकि, जिस समय कथित अनियमितताएं हुई थीं, उस दौरान वह KPSC में परीक्षा नियंत्रक यानी Controller of Examinations की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
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पूछताछ के बाद लिया गया हिरासत में
अधिकारियों के अनुसार, CID ने गंगवार से भर्ती परीक्षा से जुड़े कई पहलुओं पर विस्तार से सवाल किए। जांच एजेंसी कथित परीक्षा अनियमितताओं में उनकी भूमिका और परीक्षा प्रक्रिया से संबंधित अन्य अधिकारियों की जिम्मेदारियों को समझने की कोशिश कर रही है। बताया गया है कि पूछताछ के दौरान गंगवार पर जांच में अपेक्षित सहयोग नहीं करने का आरोप लगा। इसके बाद CID ने उन्हें हिरासत में लेने का फैसला किया। फिलहाल जांच एजेंसी मामले से जुड़े दस्तावेजों और परीक्षा प्रक्रिया की विभिन्न कड़ियों की पड़ताल कर रही है।
पहले भी चर्चा में आ चुके हैं गंगवार
IAS अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार हाल के दिनों में एक अन्य घटनाक्रम को लेकर भी सुर्खियों में रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक, वह 20 अगस्त से करीब दो दिनों तक संपर्क से बाहर थे। बाद में उन्होंने सरकार से संपर्क किया था।
इसके बाद 23 अगस्त को प्रवर्तन निदेशालय यानी ED की टीम ने बेंगलुरु स्थित उनके आवास पर तलाशी भी ली थी। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा CID कार्रवाई KPSC की वेटरनरी ऑफिसर्स भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले की जांच के तहत की गई है।
जुलाई में CID को मिली थी जांच
वेटरनरी ऑफिसर्स की भर्ती परीक्षा से जुड़ा यह मामला शुरुआत में विधान सौधा पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था। शिकायत मंजूनाथ नामक व्यक्ति की ओर से दर्ज कराई गई थी। इसमें पशुपालन विभाग के लिए वेटरनरी ऑफिसर्स की भर्ती प्रक्रिया में KPSC से जुड़े अधिकारियों पर कथित गड़बड़ी के आरोप लगाए गए थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए 28 जुलाई को जांच विधान सौधा पुलिस से लेकर CID को सौंप दी गई। इसके बाद CID ने परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ शुरू की।
परीक्षा प्रक्रिया की कई कड़ियों की जांच
जांच एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि भर्ती परीक्षा के दौरान कथित अनियमितताएं कैसे हुईं और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही। इसके लिए परीक्षा से संबंधित रिकॉर्ड, अधिकारियों की जिम्मेदारियां और पूरी चयन प्रक्रिया की जांच की जा रही है। गंगवार से भी इसी सिलसिले में लंबी पूछताछ की गई। पूछताछ के बाद उन्हें हिरासत में लिए जाने से मामले की जांच और महत्वपूर्ण हो गई है। फिलहाल CID की जांच जारी है। एजेंसी संबंधित अधिकारियों और अन्य संभावित लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही कथित अनियमितताओं की वास्तविक स्थिति और जिम्मेदारी को लेकर तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।










