Inflation in India: रसोई का बजट हुआ बेहाल! प्याज-चीनी महंगी, घी से लेकर मसालों तक पर कार्रवाई

रसोई का बजट संभालना लगातार मुश्किल होता जा रहा है। प्याज और चीनी की बढ़ती कीमतों ने आम आदमी की चिंता बढ़ाई है, तो दूसरी तरफ खाद्य सुरक्षा को लेकर भी सख्ती जारी है। FSSAI ने कुछ खाद्य उत्पादों पर कार्रवाई की है। आखिर महंगाई और मिलावट का यह दोहरा संकट कितना बढ़ा है?

प्याज-चीनी महंगी, घी से लेकर मसालों तक पर कार्रवाई

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

अगस्त 30, 2026

Inflation in India: आम आदमी के घरेलू बजट पर इन दिनों दोहरी मार पड़ रही है। एक तरफ रसोई में रोजाना इस्तेमाल होने वाली कई जरूरी चीजों के दाम बढ़ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और मिलावट को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। प्याज और चीनी की बढ़ती कीमतों ने जहां घर का खर्च बिगाड़ दिया है, वहीं खाद्य सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई ने बाजार में बिक रहे सामान की क्वालिटी पर सवाल खड़े किए हैं।

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प्याज के बढ़ते दाम से बढ़ी परेशानी

आपको बता दें कि, रसोई में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली सब्जियों में शामिल प्याज की कीमतों ने हाल के दिनों में लोगों की चिंता बढ़ाई हैं। 24 अगस्त तक देश में प्याज की औसत खुदरा कीमत करीब 43.53 रुपए प्रति किलो बताई गई, जो पिछले साल की तुलना में करीब 59 फीसदी ज्यादा थी। कुछ शहरों में इसकी कीमत 60 से 70 रुपए किलो तक पहुंच गई।

कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकार बफर स्टॉक से प्याज बाजार में उतार रही है। दिल्ली समेत कुछ इलाकों में कम कीमत पर प्याज उपलब्ध कराने की कोशिश भी की गई है। सरकार के पास करीब 1.21 लाख टन प्याज का बफर स्टॉक बताया गया है।

चीनी ने भी बढ़ाया घरेलू खर्च

प्याज के बाद चीनी की कीमतों ने भी आम परिवारों का बजट प्रभावित किया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 20 जुलाई से 20 अगस्त के बीच चीनी का भाव 48.18 रुपये से बढ़कर 55.70 रुपये प्रति किलो हो गया। यानी करीब एक महीने में कीमत में 7.52 रुपये प्रति किलो की वृद्धि दर्ज की गई।वहीं, कुछ हालिया बाजार रिपोर्टों में खुदरा चीनी की कीमत 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने की बात कही गई है। ऐसे में चाय, मिठाई और रोजमर्रा की जरूरतों पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।

दाल, तेल और अंडे भी महंगे

महंगाई का दबाव केवल प्याज और चीनी तक सीमित नहीं है। दाल, चावल, खाद्य तेल और अंडे जैसी जरूरी वस्तुओं की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखने को मिली है। उपभोक्ता मामलों के विभाग की ओर से जिन वस्तुओं की कीमतों पर नियमित नजर रखी जाती है, उनमें करीब एक-तिहाई वस्तुओं के दाम पिछले एक साल में 6 फीसदी से अधिक बढ़े हैं। प्याज और चीनी में सालाना आधार पर तेज वृद्धि के अलावा खाद्य तेल और अंडों की कीमतों ने भी उपभोक्ताओं का खर्च बढ़ाया है।

मिलावट पर FSSAI का शिकंजा

महंगाई के बीच खाने-पीने की चीजों की गुणवत्ता भी बड़ा मुद्दा बनी हुई है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण यानी FSSAI की ओर से खाद्य उत्पादों की जांच और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की जा रही है। हालिया कार्रवाई में एवरेस्ट फूड प्रोडक्ट्स और LG ब्रांड के कुछ कंपाउंडेड हींग उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाए जाने की जानकारी सामने आई है।

घी की गुणवत्ता पर भी सवाल

मिलावट के खिलाफ कार्रवाई में घी उत्पाद भी जांच के दायरे में आए हैं। FSSAI ने दमन स्थित SDP Industries द्वारा बनाए और बेचे जा रहे विभिन्न घी उत्पादों की बिक्री पर तत्काल रोक लगाने का निर्देश दिया। जांच के दौरान लिए गए नमूनों में बीटा-सिटोस्टेरॉल मिलने की बात कही गई, जबकि शुद्ध घी में इसकी मौजूदगी नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा फैटी एसिड संरचना में भी कथित अनियमितता पाई गई।

रेस्टोरेंट और फूड आउटलेट्स पर कार्रवाई

खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन को लेकर राज्यों की एजेंसियां भी कार्रवाई कर रही हैं। महाराष्ट्र में खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने पुणे के कई होटल और फूड आउटलेट्स के खिलाफ कदम उठाए। कुछ प्रतिष्ठानों के लाइसेंस कथित तौर पर बासी भोजन, खाद्य रंग, खराब स्वच्छता और कॉकरोच जैसी समस्याओं के कारण निलंबित किए गए।

एक KFC स्टोर के निरीक्षण में स्टोरेज और कोल्ड स्टोरेज से जुड़ी कमियां भी सामने आने की बात कही गई। इससे पहले कुछ Domino’s और Pizza Hut आउटलेट्स पर भी स्वच्छता संबंधी खामियों के चलते कार्रवाई की गई थी।

यानी आम आदमी के सामने चुनौती सिर्फ बढ़ती कीमतों की नहीं है। महंगे होते सामान के बीच सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री चुनना भी अब बड़ी चिंता बनता जा रहा है।

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