Kharge After INDIA Bloc Meet: INDIA ब्लॉक की बैठक के बाद खरगे का हमला, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की उठाई मांग

दिल्ली में आयोजित इंडिया ब्लॉक की बैठक में मल्लिकार्जुन खरगे ने भाजपा सरकार के खिलाफ संयुक्त लड़ाई का एलान किया है।

Kharge After INDIA Bloc Meet

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जून 8, 2026

Kharge After INDIA Bloc Meet: दिल्ली में आयोजित इंडिया ब्लॉक (INDIA Bloc) की एक महत्वपूर्ण और मैराथन बैठक के बाद, विपक्षी गठबंधन ने केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ अपनी आगामी राजनीतिक दिशा स्पष्ट कर दी है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बैठक के बाद एक सशक्त संदेश देते हुए कहा कि विपक्षी दल अब पूरी एकजुटता के साथ सरकार की विफलताओं के खिलाफ सड़क से लेकर संसद तक लड़ाई लड़ेंगे। इस बैठक में लगभग 25 विपक्षी दलों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और एक साझा भविष्य की रूपरेखा तैयार की।

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नीट पेपर लीक पर आर-पार की जंग

बैठक का मुख्य केंद्र ‘नीट’ (NEET) पेपर लीक का मुद्दा रहा। खरगे ने इसे देश के युवाओं के भविष्य के साथ एक क्रूर धोखा करार दिया। गठबंधन ने एक स्वर में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है। खरगे का आरोप है कि सरकार परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित रखने में पूरी तरह विफल रही है, जिससे लाखों छात्रों की मेहनत पर पानी फिर गया है। गठबंधन ने तय किया है कि आने वाले मॉनसून सत्र में इस मुद्दे को पूरे जोर-शोर से उठाया जाएगा ताकि छात्रों को न्याय मिल सके।

विपक्ष का बड़ा एलान

इंडिया ब्लॉक ने अपनी भविष्य की रणनीति के लिए पांच प्रमुख बिंदुओं पर सहमति जताई है:

जनहित के मुद्दे: महंगाई, बेरोजगारी और बिगड़ती आर्थिक स्थिति को राष्ट्रव्यापी स्तर पर मुख्य मुद्दा बनाया जाएगा।

शिक्षा व्यवस्था में सुधार: नीट पेपर लीक और शिक्षा प्रणाली की खामियों को लेकर सरकार को घेरना और धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगना।

लोकतांत्रिक मजबूती: चुनावी प्रक्रिया और मतदान अधिकारों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए गठबंधन मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखेगा।

संगठनात्मक तालमेल: गठबंधन की बैठकें अब नियमित अंतराल पर होंगी। अगली बड़ी बैठक 8 अगस्त को हैदराबाद में तय की गई है।

संसद में साझा रणनीति: मॉनसून सत्र के दौरान सभी विपक्षी दल भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ एक साझा रणनीति के साथ काम करेंगे।

आर्थिक और विदेश नीति पर सरकार को घेराव

बैठक में आर्थिक स्थिति, महंगाई और बेरोजगारी के दुष्प्रभावों पर लंबी चर्चा हुई। खरगे ने कहा कि आम जनता का जीवन कठिन हो गया है, जबकि सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच रही है। उन्होंने केंद्र की विदेश नीति की आलोचना करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की स्थिति कमजोर हुई है। साथ ही, उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में धांधली और नागरिकों को मतदान से वंचित करने के आरोपों को लेकर भी चिंता जताई, जिसके समाधान के लिए वे न्यायपालिका का दरवाजा खटखटाएंगे।

2029 की तैयारी और एकजुटता का संदेश

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इंडिया ब्लॉक अब केवल तात्कालिक विरोध तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि उसने 2029 के लोकसभा चुनावों के लिए दीर्घकालिक तैयारी शुरू कर दी है। अप्रैल 2026 में संविधान संशोधन विधेयक को संसद में परास्त कर विपक्ष ने जो एकजुटता दिखाई थी, उसे ही अब एक निरंतर अभियान का रूप दिया जा रहा है। खरगे ने स्पष्ट कर दिया है कि जन-आवाज को दबाने की किसी भी कोशिश का जवाब आक्रामक तरीके से दिया जाएगा।

यह बैठक विपक्षी गठबंधन के लिए एक नई शुरुआत है। 8 अगस्त को हैदराबाद में होने वाली अगली बैठक यह तय करेगी कि विपक्ष अपनी साझा रणनीति को जमीन पर कितना प्रभावी ढंग से उतार पाता है। भाजपा सरकार के लिए आने वाले दिन राजनीतिक चुनौतियों से भरे रहने वाले हैं।

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