UP Cabinet Meeting: यूपी कैबिनेट का बड़ा फैसला, जलालाबाद बनेगा भगवान परशुराम पुरी, अस्पतालों को भी मंजूरी

ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा तेहरान में शुरू हो गई है। आयोजकों के अनुसार लगभग 10 किलोमीटर लंबे मार्ग पर जुलूस 10 से 12 घंटे तक चल सकता है और लाखों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। आगे की अंतिम संस्कार प्रक्रिया को लेकर भी विशेष तैयारियां की गई हैं। आखिर इस यात्रा का पूरा कार्यक्रम क्या है और इसका राजनीतिक महत्व कितना बड़ा है, जानिए पूरी रिपोर्ट।

UP Cabinet Meeting:

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जुलाई 6, 2026

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने सोमवार, 6 जुलाई को आयोजित कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास और लोक कल्याण से जुड़े कुल 27 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई है। इस बैठक का सबसे चर्चित निर्णय शाहजहांपुर जिले की जलालाबाद तहसील का नाम बदलकर ‘भगवान परशुराम पुरी’ करने का रहा। सरकार ने इस ऐतिहासिक नाम परिवर्तन को अपनी स्वीकृति दे दी है, जिसके बाद अब इसे धरातल पर उतारने के लिए आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रियाएं शुरू की जाएंगी। उल्लेखनीय है कि इस नाम परिवर्तन के लिए पिछले वर्ष ही केंद्र सरकार के गृह विभाग से सैद्धांतिक सहमति प्राप्त हो चुकी थी। यह निर्णय स्थानीय जनभावनाओं को सम्मान देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार

कैबिनेट में श्रमिकों के स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा को मजबूत करने के लिए व्यापक फैसले लिए गए। श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने जानकारी दी कि गोरखपुर और मुरादाबाद में 100-100 बेड के आधुनिक अस्पताल बनाए जाएंगे। इसके लिए भारत सरकार को गोरखपुर और मुरादाबाद में पांच-पांच एकड़ तथा वाराणसी में ESIC मेडिकल कॉलेज के निर्माण हेतु 13 एकड़ भूमि निःशुल्क आवंटित की जाएगी। इस मेडिकल कॉलेज की एक बड़ी विशेषता यह है कि इसमें कुल MBBS सीटों में से 50 प्रतिशत सीटें पंजीकृत श्रमिकों के मेधावी बच्चों के लिए आरक्षित रखी जाएंगी, जिससे राज्य के श्रमिक वर्ग को बेहतर भविष्य के अवसर मिल सकेंगे।

उत्तर प्रदेश बनेगा डिजिटल हब

आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग को गति देने के लिए योगी सरकार ने ‘उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026’ और ‘उत्तर प्रदेश डेटा सेंटर नीति-2026’ को हरी झंडी दे दी है। इसके अतिरिक्त, ‘उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन’ की स्थापना को भी मंजूरी दी गई है। मंत्री सुनील शर्मा ने बताया कि इन नीतियों का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश को वैश्विक स्तर पर तकनीकी निवेश और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का प्रमुख केंद्र बनाना है। सरकार का मानना है कि इन नवाचारों से राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को डिजिटल मजबूती मिलेगी। इन नीतियों से राज्य में स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए एक इकोसिस्टम तैयार होगा।

पशुपालकों के लिए सुरक्षा कवच

पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने एक और कल्याणकारी घोषणा करते हुए ‘मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना’ को मंजूरी दी है। यह योजना प्रदेश के सभी 75 जिलों में प्रभावी रूप से लागू की जाएगी। इस बीमा योजना का लाभ लघु एवं सीमांत किसानों के साथ-साथ दुग्ध उत्पादकों को भी मिलेगा। योजना की विशेषता यह है कि इसके प्रीमियम का 85 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा, जबकि मात्र 15 प्रतिशत राशि लाभार्थी पशुपालक को देनी होगी। यह योजना पशुपालकों को पशु की असमय मृत्यु, दुर्घटना, महामारी या अपंगता जैसी स्थितियों में बड़ी आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेगी। योगी सरकार का यह निर्णय ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पशुपालन को मजबूती देने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है।

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