UP Politics: LPG संकट या विपक्ष का खेल? केशव प्रसाद मौर्य ने आंकड़ों से राहुल-अखिलेश के दावों की निकाली हवा

उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें 'अफवाह गांधी' और 'अफवाह यादव' करार दिया है। प्रयागराज में पत्रकारों से बात करते हुए मौर्य ने विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे एलपीजी संकट के दावों को आंकड़ों के साथ खारिज किया और इसे जनता को गुमराह करने वाला 'गंदा खेल' बताया।

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

मार्च 14, 2026

UP Politics: उत्तर प्रदेश की सियासत में इन दिनों शब्दों के बाणों ने माहौल गरमा दिया है। सूबे के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने विपक्ष के दो सबसे बड़े चेहरों—कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव—पर करारा हमला बोला है। प्रयागराज की धरती से मौर्य ने न केवल इन नेताओं को नए उपनामों से नवाजा, बल्कि देश में चल रहे एलपीजी संकट के दावों को सिरे से खारिज करते हुए इसे विपक्ष का सुनियोजित ‘प्रोपेगेंडा’ करार दिया है।

डिप्टी सीएम का विपक्षी गठबंधन पर सीधा प्रहार

बताते चले कि, प्रयागराज में पत्रकारों को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बेहद आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने राहुल गांधी और अखिलेश यादव की जोड़ी को देश के लिए ‘भ्रामक’ बताया। केशव प्रसाद मौर्य ने राहुल गांधी को ‘अफवाह गांधी’ और अखिलेश यादव को ‘अफवाह यादव’ का नाम देते हुए आरोप लगाया कि ये दोनों नेता केवल नकारात्मकता फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्षी गठबंधन दुर्भावनापूर्ण दुष्प्रचार के जरिए जनता के बीच भय का माहौल पैदा कर रहा है और देश की लोकतांत्रिक मर्यादाओं को ठेस पहुँचा रहा है।

केशव प्रसाद मौर्य ने गैस सिलेंडर संकट के आंकड़ों की सच्चाई बताई

देश में रसोई गैस (LPG) की कथित कमी को लेकर चल रहे विवाद पर मौर्य ने सांख्यिकीय डेटा पेश कर विपक्ष को घेरा। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में एलपीजी का कोई वास्तविक संकट नहीं है, बल्कि यह एक ‘आर्टिफिशियल पैनिक’ यानी कृत्रिम डर है।

केशव प्रसाद मौर्य के अनुसार, सामान्य दिनों में देश भर में प्रतिदिन लगभग 50-55 लाख गैस सिलेंडरों की बुकिंग होती थी। लेकिन विपक्ष द्वारा फैलाई गई अफवाहों के कारण घबराए हुए लोगों ने अतिरिक्त बुकिंग शुरू कर दी, जिससे यह आंकड़ा अचानक 75 लाख के पार पहुंच गया। डिप्टी सीएम ने इसे विपक्ष का एक “गंदा राजनीतिक खेल” बताया, जिसका उद्देश्य सरकार की छवि को धूमिल करना और आम जनता को परेशान करना है।

राहुल गांधी का पलटवार

इस पूरे विवाद की शुरुआत राहुल गांधी के उस सोशल मीडिया पोस्ट से हुई, जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। राहुल गांधी ने दावा किया था कि प्रधानमंत्री मोदी की ‘कमजोर विदेश नीति’ के कारण भारत की ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) खतरे में पड़ गई है। उन्होंने आगाह किया कि आने वाले समय में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की कीमतें और उपलब्धता आम भारतीयों के लिए एक बड़ी चुनौती बन जाएगी। राहुल के इस बयान ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी, जिसे भाजपा ने पूरी तरह तथ्यों से परे और जनता को डराने वाला प्रयास बताया है।

अखिलेश यादव का कटाक्ष

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने भी इस जुबानी जंग में तड़का लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने भाजपा के भीतर चल रही कथित खींचतान और भ्रष्टाचार पर निशाना साधते हुए ‘स्टूल’ का चर्चित संदर्भ दिया। अखिलेश ने चुटकी लेते हुए कहा कि भाजपा के भ्रष्टाचारियों का बोझ शायद लकड़ी का एक साधारण स्टूल भी सहन न कर पाए।

विपक्ष के इन हमलों के बीच, प्रशासन ने जमाखोरों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि संकट की अफवाह फैलाकर सिलेंडर छिपाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। अब तक देश के विभिन्न हिस्सों से हजारों अवैध सिलेंडर बरामद किए जा चुके हैं। उत्तर प्रदेश की यह राजनीतिक जंग अब ‘विकास’ से हटकर व्यक्तिगत आरोपों और ‘नामकरण’ की राजनीति तक सिमटती नजर आ रही है।