UP Politics: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर जुबानी जंग तेज हो गई है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव द्वारा LPG की उपलब्धता पर उठाए गए सवालों का कड़ा जवाब दिया है। केशव प्रसाद मौर्य ने न केवल यादव के दावों को खारिज किया, बल्कि उनकी राष्ट्रनिष्ठा पर भी सवाल खड़े कर दिए।
अखिलेश यादव की देशभक्ति पर उपमुख्यमंत्री का कड़ा प्रहार
बताते चले कि, रविवार को पत्रकारों से रूबरू होते हुए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सपा प्रमुख के बयानों पर गहरी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि वे अखिलेश यादव को सीधे तौर पर ‘गद्दार’ तो नहीं कहेंगे, लेकिन मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में उनके द्वारा की जा रही राजनीति उनकी देशभक्ति और राष्ट्र के प्रति वफादारी को संदेह के घेरे में खड़ा करती है। मौर्य ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता संकट के समय देश को एकजुट करने के बजाय भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं।
वैश्विक ऊर्जा संकट और तेल-गैस आपूर्ति की वास्तविक स्थिति
केशव प्रसाद मौर्य ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में ईरान, अमेरिका और इज़राइल के बीच जारी संघर्ष के कारण पूरी दुनिया ईंधन और ऊर्जा क्षेत्र में गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अस्थिरता के कारण ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसका असर भारत पर भी पड़ना स्वाभाविक है। केशव प्रसाद मौर्य ने जनता से अपील की कि वे विपक्षी दलों द्वारा फैलाई जा रही अफवाहों पर ध्यान न दें।
गैस सिलेंडरों की मांग में भारी उछाल
LPG की किल्लत के दावों पर डेटा पेश करते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने बताया कि देश में रसोई गैस की खपत और बुकिंग के आंकड़े अप्रत्याशित रूप से बढ़े हैं। उन्होंने जानकारी दी कि पहले जहां प्रतिदिन 50-55 लाख सिलेंडरों की बुकिंग होती थी, वहीं अब यह संख्या बढ़कर लगभग 88 लाख तक पहुंच गई है। उन्होंने अखिलेश यादव और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि ये नेता जानबूझकर जनता के बीच घबराहट पैदा कर रहे हैं।
अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर कसा तंज
अखिलेश यादव ने हाल ही में केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए LPG को ‘लापता गैस’ करार दिया था। इसके जवाब में मौर्य ने कहा कि इस तरह के भ्रामक प्रचार और नकारात्मक विमर्श से नागरिकों में अनावश्यक डर पैदा होता है। उन्होंने चेतावनी दी कि जनता इस तरह की राजनीति को समझ चुकी है और आने वाले समय में इन नेताओं को कड़ा सबक सिखाएगी।
पश्चिम एशिया संघर्ष और सरकार की कूटनीतिक रणनीति
इससे पहले अखिलेश यादव ने पश्चिम एशिया के तनाव और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को लेकर मोदी सरकार की आलोचना की थी। यादव का तर्क था कि सक्षम कूटनीति और वैश्विक प्रयासों के माध्यम से भारत इस ऊर्जा संकट के प्रभाव को कम कर सकता था। उन्होंने भाजपा पर जनता को गुमराह करने और बुनियादी समस्याओं से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया था।
पश्चिम बंगाल की राजनीति और TMC की विदाई का दावा
अंत में मौर्य ने उत्तर प्रदेश से बाहर पश्चिम बंगाल के राजनीतिक घटनाक्रम पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने दावा किया कि ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस का पतन अब निश्चित है। मौर्य ने कहा कि बंगाल की जनता अब ‘मुस्लिम तुष्टीकरण’ की राजनीति से ऊब चुकी है और भाजपा को एक सशक्त विकल्प के रूप में देख रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि बंगाल में आगामी समय में भाजपा की सरकार बनेगी।










