Kathua Encounter: केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में साल 2026 की शुरुआत सुरक्षा चुनौतियों के साथ हुई है। जम्मू संभाग के कठुआ जिले में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच भीषण मुठभेड़ शुरू हो गई है। यह मुठभेड़ बिलावर क्षेत्र के कमाद नाला इलाके में चल रही है, जहाँ सुरक्षाबलों ने आतंकियों के एक समूह को घेर लिया है। घाटी में शांति भंग करने की कोशिश कर रहे इन दहशतगर्दों के खिलाफ सेना और पुलिस का यह साझा ऑपरेशन काफी बड़े स्तर पर चलाया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि यह साल का पहला बड़ा ऑपरेशन है, जो सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
खुफिया इनपुट के बाद शुरू हुआ सर्च ऑपरेशन
सुरक्षाबलों को बिलावर के कमाद नाला क्षेत्र में संदिग्ध आतंकी हलचल की सटीक सूचना मिली थी। इसके तुरंत बाद, पुलिस की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) और सेना की टुकड़ियों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी। जैसे ही सुरक्षाबल संदिग्ध ठिकाने की ओर बढ़े, वहां छिपे हुए आतंकवादियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। भारतीय जवानों ने भी तुरंत मोर्चा संभाला और आतंकियों की गोलीबारी का मुंहतोड़ जवाब दिया। फिलहाल इलाके को पूरी तरह सील कर दिया गया है ताकि कोई भी आतंकी बचकर भाग न सके।
स्थानीय लोगों की सूचना पर एक्शन में आई पुलिस
सूत्रों के अनुसार, बुधवार शाम करीब चार बजे स्थानीय ग्रामीणों ने कमाद नाला इलाके में एक हथियारबंद आतंकवादी को देखा था। बताया जा रहा है कि यह वही आतंकी हो सकता है जिसे सुबह धन्नू पैरोल क्षेत्र में देखा गया था। ग्रामीणों की सतर्कता ने सुरक्षाबलों को समय रहते कार्रवाई करने में मदद की। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गांव में अतिरिक्त कुमुक (Reinforcement) भेजी गई है। ड्रोन और आधुनिक उपकरणों के जरिए आतंकियों की सटीक लोकेशन का पता लगाया जा रहा है।
आईजी जम्मू और एसएसपी कठुआ की निगरानी में ऑपरेशन
इस मुठभेड़ की पुष्टि आईजी जम्मू, भीम सेन टूटी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर की है। इस ऑपरेशन की संवेदनशीलता को देखते हुए आईजी जम्मू और एसएसपी कठुआ मोहिता शर्मा खुद मौके पर मौजूद हैं और रणनीति की निगरानी कर रहे हैं। सूत्रों का दावा है कि घेरे गए क्षेत्र में कम से कम तीन आतंकवादी छिपे हो सकते हैं। सुरक्षाबलों का प्राथमिक लक्ष्य आतंकियों को आत्मसमर्पण के लिए मजबूर करना है, लेकिन फायरिंग जारी रहने की स्थिति में उन्हें मार गिराने के आदेश दिए गए हैं।
आतंकियों की घेराबंदी और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
वर्तमान में आतंकवादियों को चारों तरफ से घेर लिया गया है। कमाद नाला की भौगोलिक स्थिति चुनौतीपूर्ण होने के कारण सुरक्षाबल अत्यंत सावधानी बरत रहे हैं। घने जंगलों और पहाड़ी इलाके का फायदा उठाकर आतंकी छिपने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन पैराशूट रेजिमेंट और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने घेरा सख्त कर दिया है। आसपास के रिहायशी इलाकों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है और किसी भी नागरिक को ऑपरेशन वाली जगह की ओर जाने की अनुमति नहीं है।
बारामूला में आतंकी ठिकाने का भंडाफोड़ और हथियार बरामद
कठुआ की इस मुठभेड़ से पहले, हाल ही में उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले में सुरक्षाबलों को एक बड़ी सफलता मिली थी। वहां के शेरी क्षेत्र के सुचलीवरन जंगल में सर्च ऑपरेशन के दौरान आतंकियों के एक पुराने ठिकाने को नष्ट कर दिया गया था। उस ठिकाने से भारी मात्रा में घातक हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए थे। यह घटनाएं दर्शाती हैं कि सीमा पार से घुसपैठ और आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने की कोशिशें लगातार जारी हैं, लेकिन भारतीय सुरक्षा बल पूरी मुस्तैदी के साथ इन साजिशों को नाकाम कर रहे हैं।
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