Kargil Vijay Diwas 2026: 27वें कारगिल विजय दिवस के अवसर पर पूरे देश ने 1999 के कारगिल युद्ध में शहीद हुए भारतीय सैनिकों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई प्रमुख नेताओं ने वीर जवानों के अदम्य साहस, देशभक्ति और सर्वोच्च बलिदान को याद करते हुए उन्हें नमन किया। इस अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां शहीदों के सम्मान में श्रद्धांजलि सभाएं, पुष्पांजलि और स्मृति समारोह आयोजित हुए। कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना की वीरता और राष्ट्र की संप्रभुता की रक्षा के लिए दिए गए बलिदान का प्रतीक माना जाता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सैनिकों के साहस को किया सलाम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कारगिल विजय दिवस के अवसर पर सोशल मीडिया के माध्यम से देशवासियों को संबोधित करते हुए भारतीय सशस्त्र बलों के शौर्य को नमन किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1999 में कारगिल की दुर्गम पहाड़ियों पर भारतीय सैनिकों ने जिस साहस, समर्पण और वीरता का परिचय दिया, वह हर भारतीय के लिए गर्व का विषय है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश उन वीर जवानों का सदैव ऋणी रहेगा जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी राष्ट्र की सीमाओं की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उन्होंने यह भी कहा कि सैनिकों का राष्ट्रप्रेम और कर्तव्यनिष्ठा आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।
अमित शाह ने ऑपरेशन विजय को बताया शौर्य का प्रतीक
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी कारगिल विजय दिवस पर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि यह दिन भारतीय सेना के अदम्य साहस और असाधारण पराक्रम का प्रतीक है। शाह ने कहा कि 1999 में हिमालय की बर्फीली और चुनौतीपूर्ण चोटियों पर भारतीय सैनिकों ने प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद दुश्मन को पराजित कर ‘ऑपरेशन विजय’ को सफल बनाया। उन्होंने कहा कि देश उन सभी वीर सपूतों का सदैव सम्मान करेगा जिन्होंने भारत की अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उनके अनुसार, कारगिल युद्ध भारतीय सैन्य इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है।
राजनाथ सिंह ने द्रास में जवानों को दी श्रद्धांजलि
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कारगिल विजय दिवस की पूर्व संध्या पर लद्दाख के द्रास स्थित कारगिल युद्ध स्मारक पहुंचकर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। विजय दिवस समारोह में शामिल होते हुए उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध के बाद भी देश के सामने सुरक्षा संबंधी चुनौतियां पूरी तरह समाप्त नहीं हुई हैं। उन्होंने बिना नाम लिए पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि घुसपैठ और प्रॉक्सी युद्ध जैसी गतिविधियां आज भी जारी हैं, लेकिन भारतीय सेना हर चुनौती का मुकाबला करने के लिए पूरी तरह सक्षम और तैयार है। उन्होंने सैनिकों के साहस और अनुशासन की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि देश की सुरक्षा हमेशा मजबूत हाथों में है।
राहुल गांधी ने भी वीर जवानों के बलिदान को किया नमन
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी कारगिल विजय दिवस के अवसर पर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों का साहस और समर्पण हमेशा याद रखा जाएगा। राहुल गांधी ने कहा कि पूरा राष्ट्र भारतीय सैनिकों के त्याग और वीरता का सदैव ऋणी रहेगा। उन्होंने देशवासियों से शहीदों के बलिदान को याद रखने और उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने की अपील की।
26 जुलाई का ऐतिहासिक महत्व
हर वर्ष 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है। इसी दिन वर्ष 1999 में भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन विजय’ को सफलतापूर्वक पूरा करते हुए कारगिल की उन रणनीतिक चोटियों पर फिर से कब्जा स्थापित किया था, जिन पर पाकिस्तानी घुसपैठियों ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया था। भारतीय सैनिकों ने बेहद कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और प्रतिकूल मौसम के बीच अद्भुत साहस का प्रदर्शन करते हुए दुश्मन को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया था।
कारगिल विजय दिवस केवल एक सैन्य जीत का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह भारतीय सैनिकों की देशभक्ति, बलिदान, अनुशासन और अदम्य साहस का स्मरण कराने वाला राष्ट्रीय पर्व भी है। इस अवसर पर पूरा देश उन अमर शहीदों को नमन करता है, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
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