उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को शामली में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए कांवड़ यात्रा के दौरान पूरी श्रद्धा और अनुशासन बनाए रखने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने सभी कांवड़ संघों से विनम्रतापूर्वक अपील की कि वे यात्रा के दौरान मर्यादित व्यवहार सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि छोटी-छोटी बातों पर किसी भी प्रकार का हुड़दंग या अनुशासनहीनता स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए, क्योंकि ऐसी घटनाओं का लाभ उठाकर विरोधी पक्ष यात्रा को प्रभावित करने की साजिश रच सकते हैं। योगी आदित्यनाथ ने कहा, “हम सब प्रभु श्रीराम के वंशज, श्रीकृष्ण के अनुयायी और भगवान भोले शंकर के भक्त हैं। हमें अपनी मर्यादा, लीला और समरसता की परंपरा को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ना चाहिए।”
आस्था का सम्मान और सरकार का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कांवड़ियों को विश्वास दिलाते हुए कहा कि ‘डबल इंजन’ की सरकार उनकी सुरक्षा, सुविधा और भक्ति को साकार करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार कांवड़ यात्रा के मार्ग पर पुष्पवर्षा करती है और आस्था का सम्मान करती है, लेकिन श्रद्धालुओं को भी मर्यादा का ध्यान रखना होगा। योगी ने जोर देकर कहा कि अनुशासन जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। यदि कहीं भी अनुशासनहीनता होती है, तो उसके नकारात्मक दृश्य विरोधी ताकतें नोट करके रखती हैं और फिर भविष्य में यात्रा को रोकने या उस पर दबाव बनाने के बहाने खोजती हैं। इसलिए, श्रद्धालुओं को पूरी सतर्कता के साथ अपनी यात्रा संपन्न करनी चाहिए।
विपक्ष पर कड़ा प्रहार: आस्था बनाम तुष्टिकरण की राजनीति
जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर तीखे हमले किए। उन्होंने याद दिलाया कि 2017 से पहले की सरकारों में ‘जय श्रीराम’ बोलने पर लाठी-गोली चलती थी। उस दौर में कृष्ण जन्माष्टमी, रामनवमी की शोभायात्रा और कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध लगाए जाते थे, और धार्मिक स्थलों की संपत्तियों पर अवैध कब्जे होते थे। योगी ने कहा कि आज स्थिति पूरी तरह बदल गई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों और युवाओं के लिए चौधरी चरण सिंह जी ने जो सपने देखे थे, उन्हें वर्तमान सरकार साकार कर रही है। उन्होंने कहा कि आज आस्था का अपमान नहीं, बल्कि उसका सम्मान होता है और यही ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ की असली पहचान है।
पश्चिमी यूपी को मिली करोड़ों की विकास परियोजनाओं की सौगात
अपनी इस यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शामली को 581 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात दी। शुक्रवार को उन्होंने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों के लिए कुल 2,452 करोड़ रुपये की 255 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इन योजनाओं का सीधा लाभ शामली, बिजनौर और गाजियाबाद के नागरिकों को मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये परियोजनाएं क्षेत्र के चहुंमुखी विकास में मील का पत्थर साबित होंगी। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और बुनियादी ढांचे के विकास से पश्चिमी उत्तर प्रदेश की प्रगति को नई गति मिलेगी और यह क्षेत्र राज्य के विकास इंजन को और अधिक शक्तिशाली बनाएगा। उन्होंने दोहराया कि विकास और लोककल्याण ही उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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