Kanwar Yatra 2026: कांवड़ यात्रा से पहले प्रशासन सख्त, DJ और कांवड़ की ऊंचाई पर नई गाइडलाइन लागू

सावन 2026 में कांवड़ यात्रा को लेकर आगरा प्रशासन ने नई गाइडलाइन जारी की है। 12 फीट से ऊंची कांवड़ पर रोक, डीजे के लिए नियम तय किए गए हैं

Kanwar Yatra 2026

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जुलाई 29, 2026

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Kanwar Yatra 2026: सावन मास के पवित्र महीने में आयोजित होने वाली कांवड़ यात्रा 2026 को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो चुका है। इसी कड़ी में पुलिस कमिश्नरेट में एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय समन्वय बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने की, जिसमें अपर पुलिस आयुक्त और जिलाधिकारी समेत प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी प्रमुख रूप से मौजूद रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था को बनाए रखना और शिवभक्तों (कांवड़ियों) को किसी भी प्रकार की असुविधा से बचाना था। प्रशासन द्वारा जारी की गई नई गाइडलाइन में सुरक्षा, अनुशासन और धार्मिक भावनाओं का विशेष ध्यान रखा गया है।

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डीजे की धमक और कांवड़ की ऊंचाई के लिए नए मानक

कांवड़ यात्रा के दौरान अक्सर ध्वनि प्रदूषण और यातायात बाधा जैसी समस्याएं सामने आती हैं, जिन्हें नियंत्रित करने के लिए इस बार प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। प्रशासनिक गाइडलाइन के अनुसार, यात्रा के दौरान किसी भी कांवड़ की ऊंचाई 12 फीट से अधिक नहीं होगी। ऐसा उच्च तनाव वाले बिजली के तारों से होने वाले हादसों को रोकने के लिए किया गया है। यात्रा में डीजे बजाने की अनुमति होगी, लेकिन उसकी आवाज और मानक तय सीमा के भीतर ही होने चाहिए। तय मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मार्ग सुरक्षा और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच

यात्रा मार्ग पर कानून-व्यवस्था और श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने के लिए प्रशासन ने खाद्य एवं सुरक्षा विभाग को विशेष निर्देश दिए हैं। कांवड़ मार्गों पर पड़ने वाले सभी होटल, ढाबों और खाद्य पदार्थों की दुकानों की सघन जांच खाद्य विभाग की टीम द्वारा की जाएगी। सभी दुकानदारों को अपनी दुकानों पर खाने-पीने की वस्तुओं की रेट सूची (रेट लिस्ट) अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करनी होगी, जिससे श्रद्धालुओं से मनमाने दाम न वसूले जा सकें। पुलिस आयुक्त ने कड़े निर्देश दिए हैं कि कांवड़ मार्गों और प्रमुख मंदिरों के आसपास मांस (मीट) की दुकानें पूरी तरह से बंद रहेंगी।

संवेदनशील क्षेत्रों की मैपिंग और विशेष घाट सुरक्षा

सुरक्षा व्यवस्था को अचूक बनाने के लिए पुलिस प्रशासन ने पूरे रूट की कार्ययोजना तैयार कर ली है। कांवड़ मार्गों की मैपिंग पूरी कर ली गई है और सभी संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। यात्रा के दौरान हाथीघाट, पोइया और बटेश्वर जैसे प्रमुख घाटों पर विशेष पुलिस बल और गोताखोरों की तैनाती रहेगी, ताकि स्नान के दौरान किसी दुर्घटना की गुंजाइश न रहे।

यातायात प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाएं और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग

लाखों शिवभक्तों की भीड़ को नियंत्रित करने और आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने मल्टी-डिपार्टमेंटल रणनीति तैयार की है:

यातायात और रूट डायवर्जन: यात्रा मार्गों पर सुगम यातायात के लिए रूट डायवर्जन लागू किया जाएगा। सावन के दूसरे सोमवार को होने वाली विशेष परिक्रमा के लिए एक व्यापक यातायात योजना तैयार की गई है।

चिकित्सा और आपातकालीन सेवाएं: श्रद्धालुओं की सहायता के लिए एंबुलेंस, क्रेन, मेडिकल कैंप और अन्य आवश्यक संसाधन मार्ग पर मुस्तैद रहेंगे।

इन्फ्रास्ट्रक्चर सुधार: लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और नगर निगम को कांवड़ मार्गों के गड्ढे भरने, जलभराव की समस्या दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, बिजली विभाग को ट्रांसफॉर्मर, झूलते तारों और खंभों को दुरुस्त करने को कहा गया है।

सोशल मीडिया पर नजर: अफवाह फैलाने वालों और माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर नकेल कसने के लिए सोशल मीडिया सेल 24 घंटे इसकी मॉनिटरिंग करेगा।

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