Alka Lamba on Kangana Ranaut: कंगना रनौत के ‘टपोरी’ बयान पर बवाल, अलका लांबा का स्मृति ईरानी से तुलना कर तीखा वार

हिमाचल की मंडी सांसद कंगना रनौत द्वारा राहुल गांधी को 'टपोरी' कहे जाने पर राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस नेता अलका लांबा ने कंगना की तुलना स्मृति ईरानी से करते हुए उनके राजनीतिक भविष्य पर सवाल उठाए हैं। साथ ही, लांबा ने बृजभूषण शरण सिंह और महिला सुरक्षा के मुद्दों पर कंगना की चुप्पी को लेकर उन पर तीखा हमला बोला है।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

मार्च 19, 2026

Alka Lamba on Kangana Ranaut: हिमाचल प्रदेश की मंडी सीट से भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत द्वारा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ की गई टिप्पणी ने देश के राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। कांग्रेस ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है।

स्मृति ईरानी से तुलना और राजनीतिक भविष्य पर सवाल

बताते चले कि, अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा ने कंगना रनौत के बयान की कड़े शब्दों में निंदा की है। अलका लांबा ने कहा कि कंगना रनौत भाजपा में स्मृति ईरानी की खाली हुई जगह को भरने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने स्मृति ईरानी के राजनीतिक पतन का जिक्र करते हुए चेतावनी दी कि जिस तरह ईरानी का ‘घमंड’ उन्हें राजनीति के हाशिए पर ले गया, वही हाल कंगना का भी होगा।अलका लांबा ने तंज कसते हुए कहा, “स्मृति ईरानी भी कभी बहुत अहंकार में थीं, लेकिन आज उनका पता नहीं है। कंगना का भी वही हाल होगा, वे भी स्मृति की तरह राजनीति से गायब हो जाएंगी।”

महिला सुरक्षा और भाजपा नेताओं के विवादों पर चुप्पी

आपको बता दे कि, अलका लांबा ने कंगना रनौत की नैतिकता पर सवाल उठाते हुए उन्हें उन मुद्दों की याद दिलाई जहां वे मौन रहीं। अलका लांबा ने पूछा कि कंगना ने भाजपा के उन नेताओं पर क्यों नहीं बोला जिन पर गंभीर आरोप हैं? उन्होंने हिमाचल के भाजपा विधायक पर लगे नाबालिग से बलात्कार के आरोपों, कुलदीप सिंह सेंगर और बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न के मामलों का जिक्र किया। लांबा ने सीधा हमला करते हुए कहा, “कंगना उन अपराधियों के खिलाफ कभी नहीं बोलेंगी क्योंकि वे उनके साथ खड़ी हैं। उन्होंने महिला सुरक्षा के बजाय हमेशा सत्ता का साथ दिया है।”

राहुल गांधी की छवि और ‘भारत जोड़ो यात्रा’ का संदर्भ

कंगना के ‘असहजता’ वाले दावों को खारिज करते हुए कांग्रेस नेता ने राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान देश भर की महिलाएं राहुल गांधी से बेहद अपनेपन और भावुकता के साथ मिलीं। किसी भी महिला ने उनके साथ असहज महसूस नहीं किया। अलका लांबा ने सवाल किया कि अगर करोड़ों महिलाओं को राहुल गांधी के व्यवहार में कोई समस्या नहीं दिखी, तो केवल कंगना को ही क्यों आपत्ति हो रही है?

कंगना के पुराने बयानों और स्वास्थ्य पर कटाक्ष

बयानबाजी के स्तर को आगे बढ़ाते हुए अलका लांबा ने कंगना के पुराने जीवन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि शायद कंगना पर उनके अतीत की ‘नशे की लत’ का असर आज भी दिख रहा है, इसीलिए वे असल मुद्दों को छोड़कर व्यक्तिगत हमलों पर उतर आई हैं। लांबा ने तंज भरे लहजे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एक अनोखी अपील की। उन्होंने कहा कि देश में एक ‘राष्ट्रीय नशा मुक्ति आयोग’ का गठन किया जाना चाहिए और कंगना रनौत को उसका अध्यक्ष बना देना चाहिए ताकि वे अपने स्वास्थ्य और इस विषय पर ध्यान दे सकें।