Kangana Ranaut vs Baba Ramdev: बीजेपी सांसद और बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत और बाबा रामदेव के बीच शुरू हुआ विवाद अब शांत होता नजर आ रहा है। Gen Z और युवाओं को लेकर शुरू हुई बयानबाजी के बाद दोनों तरफ से तीखे बयान सामने आए थे। कंगना ने रामदेव की टिप्पणी पर पलटवार करते हुए उनकी निजी जिंदगी और अपनी जवानी को लेकर टिप्पणी न करने की सलाह दी थी। अब रामदेव ने इस विवाद को आगे नहीं बढ़ाने का संकेत दिया है।
कंगना रनौत के Gen Z बयान से शुरू हुआ था विवाद
दरअसल, कंगना रनौत का Gen Z को लेकर दिया गया बयान इस विवाद की शुरुआत बना। कंगना ने युवाओं और कुछ प्रदर्शनकारियों के एक वर्ग पर टिप्पणी करते हुए उन्हें “Generation Gutter” कहा था। हालांकि बाद में उन्होंने सफाई दी कि उनका निशाना पूरी Gen Z नहीं थी, बल्कि कुछ खास लोगों और महिलाओं के व्यवहार को लेकर उन्होंने अपनी बात रखी थी।
बाबा रामदेव ने कंगना के Gen Z बयान पर जताई आपत्ति
बताते चले कि, कंगना के बयान पर बाबा रामदेव ने आपत्ति जताते हुए युवाओं को देश की बड़ी ताकत बताया। रामदेव ने कहा कि किसी भी देश के पूरे युवा वर्ग को गलत शब्दों से संबोधित करना उचित नहीं है। उनके मुताबिक युवाओं के किसी एक हिस्से में गलत चीजें हो सकती हैं, लेकिन उसके आधार पर पूरे युवा वर्ग की पहचान तय नहीं की जा सकती। रामदेव ने इसी दौरान कंगना के बचपन, जवानी और पुराने बयानों का भी जिक्र किया। यही टिप्पणी आगे चलकर दोनों के बीच तीखी बयानबाजी की वजह बनी।
कंगना रनौत ने बाबा रामदेव को दिया तीखा जवाब
रामदेव की टिप्पणी के बाद कंगना रनौत ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए पलटवार किया। कंगना ने रामदेव को उनकी निजी जिंदगी और अपनी जवानी को लेकर किसी तरह का अनुमान लगाने से बचने की सलाह दी। उनका जवाब बेहद तीखा था और उन्होंने रामदेव को अपने चरित्र पर टिप्पणी करने से भी मना किया।
कंगना ने कहा- मेरी निजी जिंदगी पर टिप्पणी न करें
कंगना ने अपने जवाब में रामदेव की निजी जिंदगी और उनके पुराने विवादों का हवाला देते हुए कहा कि उन्हें चरित्र पर उपदेश देने से पहले अपने विवादों को देखना चाहिए। कंगना ने यह भी दावा किया कि उनके नाम से किसी तरह का फ्रॉड नहीं जुड़ा है।
इसी पोस्ट में कंगना ने सुप्रीम कोर्ट और पतंजलि के 2024 के भ्रामक विज्ञापन मामले का भी जिक्र किया। इस मामले में बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने सुप्रीम कोर्ट के सामने बिना शर्त माफी मांगी थी।
बाबा रामदेव ने क्यों कहा- विवाद को आगे नहीं बढ़ाना चाहता?
अब इस पूरे विवाद पर बाबा रामदेव ने अपना रुख नरम करते हुए मामले को आगे नहीं बढ़ाने का संकेत दिया है। रविवार को उन्होंने कहा कि वह इस विवाद पर और टिप्पणी नहीं करना चाहते। रामदेव के मुताबिक देश उनके काम और योगदान को अच्छी तरह जानता है।
कंगना-रामदेव विवाद पर रामदेव ने लगाया ब्रेक
रामदेव ने साफ संकेत दिया कि वह कंगना के साथ शुरू हुई बयानबाजी को आगे बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि लोग जानते हैं कि उन्होंने देश के लिए क्या काम किया है और इसलिए वह ऐसे लोगों पर आगे कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते।
इस बयान के बाद माना जा रहा है कि कंगना रनौत और बाबा रामदेव विवाद फिलहाल थमता दिख रहा है। हालांकि सोशल मीडिया पर दोनों के बयानों को लेकर बहस अभी भी जारी है।
वंदे मातरम् और भारत माता पर भी बोले बाबा रामदेव
इसी बातचीत के दौरान बाबा रामदेव ने वंदे मातरम् और भारत माता को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि भारत माता उनके लिए आस्था, ज्ञान और शक्ति का प्रतीक हैं। रामदेव के मुताबिक भारतीय संस्कृति और संस्कृत के अर्थ को समझे बिना धार्मिक प्रतीकों को लेकर सवाल उठाना उचित नहीं है. उन्होंने भारत माता को अपने लिए आस्था, ज्ञान, पूजा, कर्तव्य और जीवन के उद्देश्य से जुड़ा हुआ बताया।
शिक्षा और लोकतंत्र में सुधार की जरूरत पर रामदेव की बात
रामदेव ने देश में शिक्षा, स्वास्थ्य, अर्थव्यवस्था, कृषि और लोकतंत्र में लगातार सुधार की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में सरकार काम कर रही है, लेकिन बदलाव की प्रक्रिया लगातार जारी रहनी चाहिए।
उन्होंने प्रदर्शन और राजनीतिक गतिविधियों में कम उम्र के बच्चों की भागीदारी पर भी सवाल उठाया। साथ ही पुलिस थानों और प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालयों के घेराव जैसी गतिविधियों पर अपनी चिंता जाहिर की।
कंगना-रामदेव विवाद ने खड़ा किया बड़ा सवाल
फिलहाल कंगना रनौत और बाबा रामदेव के बीच की बयानबाजी पर ब्रेक लगता दिखाई दे रहा है, लेकिन Gen Z, युवाओं की छवि और सार्वजनिक जीवन में नेताओं व चर्चित हस्तियों की भाषा को लेकर बहस जरूर तेज हो गई है।
यह विवाद एक अहम सवाल भी छोड़ गया है—असहमति जताते हुए सार्वजनिक मंच पर भाषा की सीमा आखिर कहां तक होनी चाहिए? फिलहाल रामदेव के विवाद आगे न बढ़ाने वाले बयान के बाद दोनों के बीच टकराव शांत होने की उम्मीद जरूर जगी है।










