Kakinada Fire Accident: आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में पटाखा फैक्ट्री में भीषण धमाका, 10 की मौत, मलबे में दबे कई लोग

आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण धमाके ने पूरे इलाके को थर्रा दिया है। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। आखिर बिना सुरक्षा मानकों के यह फैक्ट्री कैसे चल रही थी?

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

फ़रवरी 28, 2026

Kakinada Fire Accident: आंध्र प्रदेश के काकीनाडा जिले से एक अत्यंत दुखद और हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ के वेटलापलेम गांव में स्थित एक पटाखा निर्माण इकाई (फायरक्रैकर यूनिट) में शनिवार को अचानक एक जोरदार धमाका हुआ। यह विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि पूरी फैक्ट्री की इमारत पल भर में खंडहर में तब्दील हो गई और आसपास के इलाके में भी भूकंप जैसे झटके महसूस किए गए। स्थानीय प्रशासन और राहत दल तुरंत मौके पर पहुँचे हैं, लेकिन प्रारंभिक रिपोर्टों ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। यह घटना एक बार फिर पटाखा फैक्ट्रियों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

7 लोगों की मौत और भारी संख्या में हताहत: गृह मंत्री का बयान

आंध्र प्रदेश की गृह मंत्री अनिता ने इस भयावह दुर्घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि अब तक इस विस्फोट में 7 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। इसके अलावा, कम से कम 17 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। गृह मंत्री ने आशंका जताई है कि मलबे के नीचे अभी भी कुछ लोगों के दबे होने की संभावना है, जिससे मृतकों का आंकड़ा और अधिक बढ़ सकता है। सरकार ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सहायता प्रदान की जाए और राहत कार्यों में कोई कोताही न बरती जाए।

वेटलापलेम गांव में मातम: काम के दौरान हुआ हादसा

स्थानीय समाचार चैनलों और चश्मदीदों के अनुसार, यह विस्फोट उस समय हुआ जब फैक्ट्री के भीतर कर्मचारी पटाखे बनाने के काम में व्यस्त थे। बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त निर्माण इकाई के अंदर 20 से अधिक मजदूर मौजूद थे। अचानक हुए इस ब्लास्ट ने किसी को संभलने का मौका तक नहीं दिया। विस्फोट की आवाज इतनी तेज थी कि कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई और आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया। गांव के लोग अपने परिजनों की तलाश में घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े, जिससे वहां चीख-पुकार और मातम का माहौल पैदा हो गया है।

सुरक्षा मानकों पर सवाल: प्रशासन की जांच शुरू

इस घटना ने पटाखा फैक्ट्रियों के लाइसेंस और वहां अपनाए जाने वाले सुरक्षा मानकों पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। प्राथमिक जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या फैक्ट्री के पास वैध लाइसेंस था और क्या विस्फोटक रसायनों का भंडारण तय सीमा के भीतर किया गया था। अक्सर देखा गया है कि घनी आबादी वाले क्षेत्रों के पास अवैध रूप से ऐसी इकाइयां चलाई जाती हैं, जहाँ अग्निशमन यंत्रों और आपातकालीन निकास की कमी होती है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फॉरेंसिक टीम साक्ष्य जुटाने में लगी है ताकि धमाके के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके।

सरकार द्वारा मुआवजे और सहायता की घोषणा

आंध्र प्रदेश सरकार ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने जिला कलेक्टर से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता देने और घायलों के इलाज का पूरा खर्च सरकार द्वारा वहन किए जाने की घोषणा जल्द ही की जा सकती है। स्थानीय नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि ऐसी खतरनाक इकाइयों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जाना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी अनहोनी को रोका जा सके। फिलहाल, बचाव दल मलबे को हटाने और लापता लोगों की तलाश करने में जुटा हुआ है।

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