Jodhpuri Mawa Kachori: कचौड़ी का ख्याल आते ही दिमाग में बस आलू, प्याज या दाल से बनी चटपटी मसालेदार डिश का ही ख्याल आता है। लेकिन क्या आपने कभी मीठी मावा कचौड़ी का नाम सुना है। राजस्थान के जोधपुर की मावा कचौड़ी इन सबसे बिल्कुल अलग है। यह कोई तीखा नाश्ता नहीं बल्कि स्वाद और मिठास से भरपूर एक खास राजस्थानी मिठाई है। इसकी बाहरी परत खस्ता होती है, जबकि अंदर मावा, चीनी और मेवों की स्वादिष्ट भरावन इसे खास बनाती है। आइए जानते है कि इसे तैयार कैसे किया जाता है।
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मावा कचौड़ी बनाने के लिए जरूरी सामग्री
इस स्वादिष्ट मिठाई को तैयार करने के लिए तीन हिस्सों में सामग्री की जरूरत होगी।
आटा तैयार करने के लिए:
- 2 कप मैदा
- 4 बड़े चम्मच देसी घी
- जरूरत के अनुसार पानी
मीठी स्टफिंग के लिए:
- 1 कप ताजा मावा
- आधा कप पिसी हुई चीनी
- बारीक कटे बादाम और काजू
- आधा चम्मच इलायची पाउडर
चाशनी बनाने के लिए:
- 1 कप चीनी
- आधा कप पानी
- एक चुटकी केसर
कचौड़ियों को तलने के लिए देसी घी का इस्तेमाल करना बेहतर रहेगा। इससे स्वाद में पारंपरिक हलवाई जैसा अंदाज आ सकता है।
सबसे पहले तैयार करें खस्ता कचौड़ी का आटा

एक बड़े बर्तन में मैदा निकाल लें। इसमें चार बड़े चम्मच देसी घी डालकर अच्छी तरह मिलाएं। घी और मैदा को हथेलियों से रगड़ते हुए मिलाएं, ताकि मैदा मुट्ठी में दबाने पर बंधने लगे। इसके बाद थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए मुलायम आटा गूंथ लें। ध्यान रखें कि आटा बहुत ज्यादा सख्त या ढीला न हो। तैयार आटे को सूती कपड़े से ढककर करीब 20 मिनट के लिए रख दें। इससे आटा अच्छी तरह सेट हो जाएगा और कचौड़ी बनाना आसान रहेगा।
मावे और मेवों से तैयार करें मीठी स्टफिंग
अब एक पैन में मावा डालकर धीमी आंच पर भूनें। इसे लगातार चलाते रहें, ताकि मावा नीचे चिपके नहीं। जब इसका रंग हल्का गुलाबी होने लगे, तो गैस बंद कर दें और इसे ठंडा होने दें। ठंडा होने के बाद इसमें पिसी हुई चीनी, बारीक कटे बादाम, काजू और इलायची पाउडर मिलाएं। सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाकर एकसार कर लें। आपकी स्वादिष्ट मावे वाली स्टफिंग तैयार है।
ऐसे दें कचौड़ी को सही आकार और बनाएं खस्ता
तैयार आटे की छोटी-छोटी लोइयां बना लें। एक लोई को उंगलियों की मदद से कटोरी जैसा फैलाएं और बीच में एक चम्मच मावे की स्टफिंग रखें। अब आटे के किनारों को उठाकर अच्छी तरह बंद कर दें।
धीमी आंच पर तलने से मिलेगा हलवाई जैसा स्वाद
एक कड़ाही में देसी घी गर्म करें। घी बहुत तेज गर्म नहीं होना चाहिए। इसमें तैयार कचौड़ियां डालकर धीमी आंच पर तलें। उन्हें बीच-बीच में पलटते रहें, ताकि दोनों तरफ से सुनहरा रंग आ जाए और बाहरी परत खस्ता बने।
केसर वाली चाशनी में डुबोकर दें मिठास

कचौड़ियां तलने के साथ ही दूसरे बर्तन में चीनी और पानी मिलाकर गर्म करें। इसे पकाते हुए एक तार की चाशनी तैयार करें। आखिर में इसमें एक चुटकी केसर डाल दें।
तैयार है जोधपुर की मशहूर मावा कचौड़ी
अब आपकी खस्ता और रसीली जोधपुरी मावा कचौड़ी तैयार है। इसे प्लेट में निकालकर ऊपर से कटे हुए पिस्ते या चांदी का वर्क लगाकर सजा सकते हैं। त्योहार, मेहमानों के स्वागत या किसी खास मौके पर इसे मिठाई के रूप में परोसा जा सकता है। मावा, मेवे और केसर की खुशबू से भरपूर यह पारंपरिक मिठाई घर के सभी लोगों को पसंद आ सकती है।
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