Uttarakhand News: 18 नवंबर को देहरादून में सड़कों पर उतरेंगे पीआरडी जवान, जानिए पूरी वजह

उत्तराखंड के पीआरडी जवान अपनी मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। 18 मार्च से धरने के बावजूद समाधान नहीं मिलने पर संगठन ने 18 नवंबर को देहरादून में महाआक्रोश रैली का ऐलान किया है। आखिर वेतन और रोजगार को लेकर जवान सरकार से क्या चाहते हैं?

18 नवंबर को देहरादून में सड़कों पर उतरेंगे पीआरडी जवान

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

नवम्बर 2, 2026

Uttarakhand News: उत्तराखंड में अपनी मांगों को लेकर प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के जवान एक बार फिर आंदोलन की राह पर हैं। प्रांतीय रक्षक दल हित संगठन ने सरकार पर मांगों को पूरा नहीं करने और वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। संगठन ने घोषणा की है कि आगामी 18 नवंबर को प्रदेशभर के पीआरडी जवान देहरादून की सड़कों पर उतरकर महाआक्रोश रैली निकालेंगे। इस प्रदर्शन के जरिए जवान अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करेंगे।

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प्रेस वार्ता में संगठन ने किया आंदोलन का ऐलान

सोमवार को प्रांतीय रक्षक दल हित संगठन के पदाधिकारियों ने देहरादून स्थित प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता की। इस दौरान संगठन ने अपनी मांगों पर अब तक सकारात्मक निर्णय नहीं होने पर नाराजगी जताई। पदाधिकारियों ने कहा कि जवान लंबे समय से अपनी समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अभी तक अपेक्षित राहत नहीं मिली है। इसी के विरोध में संगठन ने 18 नवंबर को महाआक्रोश रैली निकालने का फैसला किया है।

दो प्रमुख मांगों को लेकर चल रहा है आंदोलन

संगठन के प्रदेश अध्यक्ष किशन सिंह रावत ने बताया कि पीआरडी जवान मुख्य रूप से दो मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। पहली मांग है कि होमगार्ड जवानों की तर्ज पर पीआरडी कर्मियों को भी मूल वेतन के साथ महंगाई भत्ता दिया जाए। दूसरी मांग जवानों को पूरे वर्ष नियमित रोजगार उपलब्ध कराने की है। संगठन का कहना है कि इन मांगों पर निर्णय होने से जवानों को आर्थिक सुरक्षा और रोजगार की स्थिरता मिल सकेगी।

18 मार्च से एकता विहार में जारी है अनिश्चितकालीन धरना

प्रदेश अध्यक्ष किशन सिंह रावत के मुताबिक, संगठन इन मांगों को लेकर 18 मार्च से देहरादून के एकता विहार में अनिश्चितकालीन धरना दे रहा था। लंबे समय से जारी इस आंदोलन के बावजूद मांगों पर समाधान नहीं निकलने से जवानों में नाराजगी बनी हुई है। संगठन का कहना है कि पीआरडी जवान अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं, इसलिए उन्हें भी उचित वेतन और सालभर रोजगार जैसी सुविधाएं मिलनी चाहिए।

सरकार को दी प्रदेशव्यापी प्रदर्शन की चेतावनी

प्रेस वार्ता में संगठन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशभर के पीआरडी जवान देहरादून पहुंचेंगे। 18 नवंबर को प्रस्तावित महाआक्रोश रैली के माध्यम से सरकार के सामने अपनी बात रखी जाएगी। संगठन ने चेतावनी दी है कि मांगों की अनदेखी जारी रहने पर जवानों का विरोध और तेज हो सकता है।

नियमित रोजगार और वेतन की मांग पर टिकी निगाहें

पीआरडी जवानों की प्रमुख चिंता पूरे साल रोजगार और वेतन से जुड़ी सुविधाओं को लेकर है। संगठन होमगार्ड की तर्ज पर मूल वेतन के साथ महंगाई भत्ता देने की मांग कर रहा है। साथ ही जवान चाहते हैं कि उन्हें केवल सीमित अवधि के बजाय वर्षभर नियमित काम मिले। फिलहाल संगठन की ओर से 18 नवंबर को रैली निकालने की घोषणा की गई है। सरकार की ओर से इन मांगों पर क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर जवानों और संगठन की नजर रहेगी।

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