J&K Operation: लश्कर के मोहम्मद लतीफ भट की तलाश तेज, घाटी में बड़ा सर्च ऑपरेशन

जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियों ने लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े मोहम्मद लतीफ भट की तलाश तेज कर दी है। घाटी में बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां उसकी गतिविधियों और नेटवर्क को लेकर सतर्क हैं। आखिर लतीफ भट की तलाश क्यों अहम मानी जा रही है? जानिए पूरी रिपोर्ट।

J&K Operation

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अगस्त 3, 2026

J&K Operation:  जम्मू-कश्मीर में स्थानीय स्तर पर आतंकवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। सुरक्षा एजेंसियों, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के ताजा रिकॉर्ड के अनुसार, पूरे केंद्र शासित प्रदेश में अब केवल एक स्थानीय आतंकी सक्रिय बचा है। यह आंकड़ा पिछले कुछ वर्षों में स्थानीय आतंकवाद के नेटवर्क में आई भारी गिरावट को दर्शाता है। अधिकारियों का कहना है कि लगातार चलाए गए संयुक्त अभियानों और खुफिया सूचनाओं के आधार पर की गई कार्रवाई से स्थानीय आतंकी संगठनों की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया गया है।

मोस्ट वांटेड आतंकी मोहम्मद लतीफ भट की तलाश जारी

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, इस समय सक्रिय एकमात्र स्थानीय आतंकी मोहम्मद लतीफ भट है। वह दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले का निवासी है और सुरक्षा बलों की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल है। एजेंसियां उसकी लगातार तलाश कर रही हैं और उसके संभावित ठिकानों पर निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि उसे जल्द गिरफ्तार या निष्क्रिय करने के लिए अभियान जारी रहेगा।

लश्कर-ए-तैयबा के छद्म संगठन से जुड़ा है भट

जांच एजेंसियों के मुताबिक, मोहम्मद लतीफ भट पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के छद्म संगठन कश्मीर रिवोल्यूशन आर्मी (KRA) से जुड़ा हुआ है। सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि KRA का गठन मूल संगठन की पहचान छिपाने और सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान भटकाने के उद्देश्य से किया गया था। यह संगठन घाटी में कई आतंकी गतिविधियों में शामिल रहा है।

कई गंभीर घटनाओं में नाम आने का दावा

सुरक्षा एजेंसियां मोहम्मद लतीफ भट को कई गंभीर आतंकी घटनाओं से जोड़कर देख रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, उस पर छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी मजदूरों की हत्या में शामिल होने का आरोप है। इसके अलावा 22 जुलाई को जम्मू-कश्मीर पुलिस के हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन पर हुए नजदीकी दूरी से हमले में भी उसका नाम सामने आया है। जांच एजेंसियों का यह भी दावा है कि वह अमरनाथ यात्रा को निशाना बनाने की कथित साजिश में शामिल था।

ऑपरेशन शेरवाली में बच निकला था भट

सुरक्षा बलों ने 8 जुलाई को अनंतनाग के जंगलों में ‘ऑपरेशन शेरवाली’ चलाया था। इस अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने कैटेगरी-ए आतंकी जाकिर अहमद गनई को मार गिराया था। हालांकि, अधिकारियों के अनुसार मोहम्मद लतीफ भट घेराबंदी तोड़कर मौके से फरार होने में सफल रहा। इसके बाद से सुरक्षा एजेंसियां उसकी तलाश में लगातार अभियान चला रही हैं।

पांच वर्षों में स्थानीय आतंकवाद में आई बड़ी गिरावट

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में पिछले पांच वर्षों के दौरान स्थानीय युवाओं के आतंकवादी संगठनों में शामिल होने की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई है। कुछ वर्ष पहले घाटी में लगभग 50 से 60 स्थानीय आतंकी सक्रिय बताए जाते थे। इसके बाद सुरक्षा अभियानों और अन्य प्रयासों के चलते यह संख्या लगातार घटती गई।

मई 2025 से अब तक तेजी से कम हुई संख्या

सुरक्षा रिकॉर्ड के मुताबिक, मई 2025 तक जम्मू-कश्मीर में 17 स्थानीय आतंकी सक्रिय थे, जिनमें 14 कश्मीर घाटी और तीन जम्मू क्षेत्र में मौजूद थे। वर्तमान में यह संख्या घटकर केवल एक रह गई है। अधिकारियों का मानना है कि यह बदलाव सुरक्षा बलों के निरंतर अभियान, बेहतर खुफिया समन्वय और स्थानीय स्तर पर बढ़ते सहयोग का परिणाम है।

विदेशी आतंकियों की चुनौती अब भी बरकरार

हालांकि स्थानीय आतंकवाद में उल्लेखनीय कमी आई है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि विदेशी आतंकियों की मौजूदगी अब भी चुनौती बनी हुई है। विभिन्न सुरक्षा आकलनों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के अलग-अलग इलाकों में अभी भी लगभग 40 से 50 विदेशी आतंकी सक्रिय हो सकते हैं। इसलिए सुरक्षा बल सीमावर्ती क्षेत्रों, घुसपैठ के संभावित मार्गों और आतंकी नेटवर्क पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।

सुरक्षा एजेंसियां अभियान जारी रखने के पक्ष में

अधिकारियों का कहना है कि स्थानीय आतंकवाद में आई कमी निश्चित रूप से एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, लेकिन इसे अंतिम सफलता नहीं माना जा सकता। जब तक विदेशी आतंकी नेटवर्क और सीमा पार से मिलने वाला समर्थन पूरी तरह समाप्त नहीं होता, तब तक आतंकवाद विरोधी अभियान जारी रहेंगे। सुरक्षा एजेंसियां स्थानीय नागरिकों के सहयोग और खुफिया सूचनाओं के आधार पर शेष आतंकी नेटवर्क को भी खत्म करने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही हैं।

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