Jharkhand Students Protest: 13 दिन से जारी प्रदर्शन के बाद क्या बनेगी सहमति? सरकार-छात्र वार्ता पर नजर

परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर झारखंड में छात्रों का प्रदर्शन 13वें दिन भी जारी है। छात्र लगातार सरकार से बातचीत और अपनी मांगों पर जल्द निर्णय लेने की मांग कर रहे हैं।

Jharkhand Students Protest

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अगस्त 5, 2026

Jharkhand Students Protest: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली, पेपर लीक और भ्रष्टाचार के खिलाफ छात्रों का आंदोलन अब एक विकराल रूप लेता जा रहा है। राजधानी रांची के जेपी स्टेडियम में चल रहा छात्रों का धरना-प्रदर्शन आज 13वें दिन भी पूरी तन्मयता के साथ जारी है। इस बीच, सूत्रों के हवाले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है कि राज्य की हेमंत सोरेन सरकार इस गंभीर मामले पर अब छात्रों से बातचीत करने के लिए राजी हो गई है और इसके लिए एक विशेष कमेटी का गठन भी किया जा सकता है।

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छात्रों की प्रमुख मांगें और 10 अगस्त को विधानसभा कूच का ऐलान

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC CGL) की परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए छात्र लगातार सड़कों पर डटे हुए हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों की मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:

14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने की मांग: छात्र मांग कर रहे हैं कि विवादों में घिरी 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा को तत्काल प्रभाव से पूरी तरह रद्द किया जाए।

CBI और ED से जांच: छात्रों का कहना है कि वर्तमान CID जांच केवल मामले की लीपापोती करने के लिए की जा रही है, इसलिए पूरे घोटाले की निष्पक्ष जांच सीबीआई (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) से कराई जाए।

गंभीर अनियमितताओं के आरोप: छात्रों ने आरोप लगाया है कि परीक्षा में बड़े स्तर पर सीटें बेची गई हैं। एक छात्रा के 300 में से 299 अंक लाने के बावजूद चयन न होने और 100 में से मात्र 48 प्रश्न हल करने वाले अभ्यर्थियों के चयन जैसी भारी विसंगतियां सामने आई हैं।

विधानसभा कूच: प्रशासन की बेरुखी से नाराज छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द नहीं मानी गईं, तो वे आगामी 10 अगस्त को झारखंड विधानसभा का घेराव करेंगे। वर्तमान में भूख हड़ताल पर बैठे 5 छात्र पिछले तीन दिनों से अनशन पर हैं।

CID जांच में अब तक 14 गिरफ्तारियां

दूसरी ओर, इस पूरे मामले की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (CID) की टीम लगातार कार्रवाई कर रही है। मंगलवार को सीआईडी ने साक्ष्यों के आधार पर तीन और आरोपियों—उमेश कुमार, बुद्धेश्वर भगत और रमेश कुमार—को गिरफ्तार किया है।

इसके साथ ही इस सनसनीखेज मामले में अब तक कुल गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है। इन सभी आरोपियों पर परीक्षा के संचालन को बुरी तरह प्रभावित करने और ओएमआर शीट (OMR Sheet) से छेड़छाड़ करने का गंभीर आरोप है।

जांच के घेरे में मुख्य रूप से परीक्षा संचालन एजेंसी TDPL (मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड) है, जिस पर पहले से ही ब्लैकलिस्टेड होने के बावजूद राज्य में परीक्षाएं कराने के गंभीर आरोप हैं। बढ़ते दबाव के बीच JPSC ने 14वीं संयुक्त सिविल सेवा मुख्य परीक्षा समेत कुल 9 परीक्षाओं को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया है।

सरकार और छात्रों के बीच गतिरोध

प्रदर्शनकारी छात्रों का यह भी मुख्य आरोप है कि मुख्यमंत्री आवास धरना स्थल से महज 1 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, इसके बावजूद अब तक मुख्यमंत्री या सरकार का कोई भी जिम्मेदार प्रतिनिधि उनकी सुधि लेने या संवाद स्थापित करने नहीं आया है। छात्रों ने दो-ूक कह दिया है कि जब तक परीक्षा प्रणाली में पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक उनका यह आंदोलन किसी भी कीमत पर थमने वाला नहीं है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार द्वारा गठित होने वाली संभावित कमेटी छात्रों को मनाने और उनकी मांगों का समाधान निकालने में कितनी सफल होती है।

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